Lucknow News: लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान ने 250 गार्ड बिना नोटिस के निकाला, अधिकारी में कहा संबंधित कंपनी से करें बात

Lucknow News: लोहिया संस्थान के प्रवक्ता डॉ. भुवन चंद्र तिवारी ने इस बाबत कहा, सुरक्षा गार्डों को नौकरी से हटाए जाने के मामले में संबंधित कंपनी ही कुछ बता सकती है। इसके बारे में संस्थान की ओर से कोई जानकारी नहीं दी जा सकती है।

Ashutosh Tripathi
Published on: 17 April 2025 6:36 PM IST
Lucknow News: लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान ने 250 गार्ड बिना नोटिस के निकाला, अधिकारी में कहा संबंधित कंपनी से करें बात
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Lucknow News: लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान में लंबे समय से कार्यरत 250 से अधिक सुरक्षा गार्डों को अचानक नौकरी से हटा दिया गया है। सुरक्षा गार्डों का डेढ़ माह का वेतन भी बकाया है। गार्डों का आरोप है कि अचानक से उन लोगों को बिना किसी नोटिस या सूचना के नौकरी से हटा दिया गया है। उन लोगों ने अफसरों से बात की तो वह वार्ड ब्वॉय के रूप में समायोजित करने का गोलमोल आश्वासन दे रहे हैं। अफसरों की टालमटोली से सुरक्षाकर्मी खासे नाराज हैं।

लोहिया संस्थान में आठ साल से कार्यरत सुरक्षा कर्मचारियों को 14 अप्रैल से नौकरी से हटा दिया गया है। सुदर्शन फैसिलिटी संस्था की ओर से यह गार्ड संस्थान में विभिन्न जगहों पर तैनात होकर काम कर रहे थे। उससे पहले यह गार्ड प्रिंसिपल सिक्योरिटीज संस्था की ओर से कार्यरत थे। संयुक्त स्वास्थ्य आउटसोर्सिंग संविदा कर्मचारी संघ उप्र. के महामंत्री सच्चितानंद मिश्रा ने आरोप लगाया है कि लोहिया संस्थान के अफसरों और सेवा प्रदाता कंपनी सुदर्शन की मनमाने नियम और शासनादेश की अनदेखी कर इन गार्डों को एक साथ नौकरी से हटा दिया गया है। अचानक से इतनी संख्या में सुरक्षा गार्डों को बेरोजगार कर दिया गया है।

अब नई फर्म को ठेका

आठ साल से लगातार दो कंपनियां (पहले प्रिंसिपल, फिर सुदर्शन फैसिलिटी) के जरिए काम करने वाले इन सुरक्षा कर्मियों को अचानक निकाल दिया गया है। अब नई फर्म किंग सिक्योरिटी को लोहिया संस्थान के अफसरों ने सुरक्षा गार्डों की नियुक्ति का ठेका दे दिया है। नई फर्म किंग सिक्योरिटी ने अपने कर्मचारियों को सुरक्षा गार्ड के पद पर तैनाती देना भी शुरू कर दिया है।

जेम पोर्टल नीति का उल्लंघन

आरोप है कि नई कंपनी ने आते ही संस्थान के कुछ अफसरों के सहयोग से सभी पुराने कर्मचारियों को हटाकर नई भर्ती कर ली, जो कि जेम पोर्टल और सेवायोजन संबंधी शासनादेश का खुला उल्लंघन है। शासन की ओर से 25 अगस्त 2020 का जेम पोर्टल की नीति तथा कई अन्य आदेश में यह निर्देश है कि एजेंसी का अनुबंध होने पर पुराने ही कर्मचारी नई फर्म की ओर से समायोजित किए जाएंगे, लेकिन संस्थान के अधिकारियों और किंग सिक्योरिटी फर्म की ओर से खुले तौर पर अनदेखी की गई।

रिटायर कर्मचारियों को नौकरी, आउटसोर्स को हटाया

संघ के महामंत्री सच्चितानंद मिश्रा ने कहा कि यह शासनादेश का खुला उल्लंघन है। पहले से कर्मचारियों को बताया भी नहीं गया। अचानक मीटिंग बुलाकर कल से ड्यूटी बंद करने की सूचना दी गई। अधिकारी हटाए गए कर्मचारियों से बोल रहे हैं कि आप लोग शोर और बवाल न करें। 15 दिन से एक माह में आपको कहीं और तैनाती दिलायी जाएगी। आरोप है कि लोहिया, पीजीआई जैसे संस्थान से रिटायर कर्मचारियों को रखकर हजारों रुपए की मोटी तनख्वाह देकर काम कराया जा रहा है। वहीं, आउटसोर्स कर्मचारियों को बिना बताए, बिना किसी ठोस जांच या आरोप के ही तुरंत नौकरी से हटा दिया जाता है। यह मनमानी नहीं चलेगी। इसके लिए मंत्री और शासन स्तर पर शिकायत की जाएगी।

लोहिया संस्थान के प्रवक्ता डॉ. भुवन चंद्र तिवारी ने इस बाबत कहा, सुरक्षा गार्डों को नौकरी से हटाए जाने के मामले में संबंधित कंपनी ही कुछ बता सकती है। इसके बारे में संस्थान की ओर से कोई जानकारी नहीं दी जा सकती है।

Ashutosh Tripathi
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Ashutosh Tripathi

Chief Photojournalist Mail ID - tripathiashutosh88@gmail.comtripathiashutosh88@gmail.com

आशुतोष त्रिपाठी जन्म 17 अप्रैल 1988 एक भारतीय फोटोग्राफर और फोटो जर्नलिस्ट हैं। पत्रकारिता जीवन की शुरुआत बतौर रिपोर्टर वॉइस ऑफ़ मूवमेंट में हुई, इसके बाद 2013 में नव भारत टाइम्स में एक युवा फोटो जर्नलिस्ट के रूप में कार्यरत थे। आशुतोष त्रिपाठी ने 2007 में एमिटी विश्वविद्यालय से मास्टर इन जर्नलिस्म एंड मास कम्युनिकेशन का कोर्स किया। 2010 में वौइस् ऑफ मूवमेंट अखबार में बतौर रिपोर्टर तीन साल काम किया। इसके बाद 2013 में नव भारत टाइम्स में एक युवा फोटो जर्नलिस्ट के रूप में कार्यरत थे। 2014 में एक फोटोग्राफर बने और एक साल बाद दैनिक भास्कर उत्तर प्रदेश में सीनियर फोटोजर्नलिस्ट के रूप में कार्यरत रहे। 2016 से लगातार newstrack.com में चीफ फोटोजर्नलिस्ट के पद पर कार्यरत हैं। 2015 में एक इनके द्वारा की गयी एक बुजुर्ग टाइपिस्ट की स्टोरी ने पूरी दुनिया ख्याति प्राप्त की। 2016 में इन्हें पत्रकारिता जगत में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए नारद पुरुस्कार से सम्मानित किया गया था । 2017 में फोटोग्राफी क्लब ऑफ इंडिया द्वारा आयोजित इंटरनेशनल फोटोग्राफी कम्पटीशन में इन्होंने दूसरा स्थान हासिल किया । 2019 में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा आयोजित कुंभ फोटोग्राफी प्रतियोगिता में इन्होंने तृतीय पुरुस्कार मिला था ।।

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