हर पत्थर पर 'राम-राम'! लखनऊ में स्थापित हुई एशिया की सबसे अनूठी 24 फीट ऊंची हनुमान प्रतिमा

Lucknow News: फन रिपब्लिक मॉल में 50 हजार से अधिक पत्थरों से बनी 600 किलो वजनी प्रतिमा का अनावरण, एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स और इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज।

ashutosh
Published on: 27 Oct 2026 9:05 PM IST
Asias largest 24 feet tall Hanuman statue installed in Lucknow
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हर पत्थर पर 'राम-राम'! लखनऊ में स्थापित हुई एशिया की सबसे अनूठी 24 फीट ऊंची हनुमान प्रतिमा (Photo- Newstrack)

Lucknow News: लखनऊ के फन रिपब्लिक मॉल में आस्था, संस्कृति और बेजोड़ शिल्पकला का अद्भुत संगम देखने को मिला। परिसर में 50 हजार से अधिक पत्थरों से निर्मित भगवान श्री हनुमान जी की 24 फीट ऊंची और लगभग 600 किलोग्राम वजनी भव्य प्रतिमा का विधिवत अनावरण किया गया। विधायक डॉ. नीरज बोरा ने इस विराट प्रतिमा का उद्घाटन किया। किसी भी संस्थान या व्यावसायिक परिसर में स्थापित यह एशिया की सबसे बड़ी हनुमान प्रतिमा बताई जा रही है, जिसे 'एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स' और 'इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स' में दर्ज किया गया है।

​हर पत्थर में समाहित राम-भक्ति

प्रतिमा की सबसे बड़ी विशेषता इसका आध्यात्मिक स्वरूप है। इसके निर्माण में प्रयुक्त 50 हजार से अधिक पत्थरों पर ‘राम-राम’ नाम अंकित किया गया है। प्रभु श्रीराम के प्रति पवनपुत्र हनुमान की अनन्य भक्ति को पत्थरों के जरिए जीवंत करने का यह अनूठा प्रयास है। दूर से देखने पर यह केवल एक विशालकाय प्रतिमा नहीं, बल्कि राम नाम के आध्यात्मिक स्पंदन और समर्पण का विराट स्वरूप प्रतीत होती है।

​30 दिनों की साधना, 25 कारीगरों का हुनर

​इस भव्य कृति को आकार देने में लगभग एक महीने का समय लगा। इसके लिए देश के विभिन्न राज्यों से विशेष पत्थर मंगाए गए थे। पत्थरों की तराशी, कटाई और उन पर सूक्ष्म नक्काशी करने में कारीगरों को 10 दिन का समय लगा। देश के विभिन्न हिस्सों से आए 20 से 25 कुशल शिल्पकारों ने पारंपरिक भारतीय मूर्तिकला और आधुनिक तकनीक का समन्वय करते हुए इसे पूर्ण स्वरूप दिया।

​एशिया के किसी भी संस्थान परिसर में सबसे विशाल

मॉल प्रबंधन के अनुसार, 24 फीट ऊंची यह प्रतिमा एशिया के किसी भी मॉल या संस्थागत परिसर में स्थापित अब तक की सबसे विशाल हनुमान प्रतिमा है। इससे पहले किसी भी एशियाई वाणिज्यिक परिसर में इतनी विशालकाय व कलात्मक प्रतिमा की स्थापना का रिकॉर्ड नहीं रहा है। इस ऐतिहासिक उपलब्धि को प्रामाणिक मंच देते हुए एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स और इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स ने इसे अपने संग्रह में शामिल किया है।

​आधुनिक जीवनशैली के बीच सनातन धरोहर की जीवंत उपस्थिति

​प्रतिमा के अनावरण पर मॉल प्रबंधन ने इसे अपने लिए अत्यंत गौरवशाली क्षण बताया। प्रबंधन का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य आधुनिक शहरी जीवनशैली, खरीदारी और मनोरंजन के बीच भारतीय संस्कृति, सनातन आस्था और आध्यात्मिक धरोहर को जीवंत रखना है। मॉल आने वाले आगंतुक आधुनिक सुविधाओं के साथ-साथ अपनी सांस्कृतिक जड़ों और हनुमान जी के शक्ति, भक्ति एवं समर्पण के संदेश से भी जुड़ सकेंगे।

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