लखनऊ एयरपोर्ट पर 70 लाख का सोना बरामद, कमरबंद में छिपा रखा था

Lucknow Airport Gold Smuggling: शारजाह से लखनऊ पहुंचे यात्री के अंडरवियर के कमरबंद से 70.81 लाख रुपये का 472 ग्राम सोना बरामद हुआ। कस्टम विभाग तस्करी के नेटवर्क की जांच कर रहा है।

Ashutosh Tripathi
Published on: 15 Oct 2026 12:07 PM IST
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 Gold Smuggling

Lucknow Airport Gold Smuggling: चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय (अमौसी) एयरपोर्ट पर सीमा शुल्क (कस्टम्स) विभाग ने सोने की तस्करी के एक शातिर प्रयास का खुलासा किया है। शारजाह से लखनऊ पहुंची इंडिगो की उड़ान से उतरे एक यात्री के पास से करीब 70.81 लाख रुपये मूल्य का 472 ग्राम शुद्ध सोना बरामद किया गया। आरोपी ने मेटल डिटेक्टर और स्कैनर से बचने के लिए सोने को केमिकल पेस्ट में बदलकर अंडरवियर के कमरबंद (वेस्टबैंड) के भीतर छिपा रखा था।

असामान्य चाल-ढाल से हुआ शक

कस्टम अधिकारियों के अनुसार, शारजाह से आई इंडिगो की उड़ान संख्या 6E-1424 से उतरने वाले यात्रियों की नियमित जांच की जा रही थी। इसी दौरान बिहार के गोपालगंज निवासी केदार महतो की असामान्य चाल-ढाल पर अधिकारियों की नजर पड़ी। कमर पर भारी और सख्त घेरा होने के कारण वह सामान्य तरीके से चल नहीं पा रहा था।

संदेह होने पर अधिकारियों ने उसे ग्रीन चैनल की कतार से अलग कर विशेष जांच कक्ष में ले जाकर तलाशी ली।

अंडरवियर के कमरबंद में छिपाया था सोने का पेस्ट

सघन तलाशी के दौरान पता चला कि यात्री ने अपने अंडरवियर के कमरबंद को अंदर से काटकर उसमें प्लास्टिक की विशेष थैलियां रखी थीं। इन थैलियों में सोने का गाढ़ा पेस्ट भरा हुआ था। इसे इस तरह सील किया गया था कि सामान्य जांच के दौरान कपड़े की मोटी सिलाई जैसा महसूस हो।

कस्टम विभाग के अनुसार, पेस्ट की रासायनिक जांच और निष्कर्षण (एक्सट्रैक्शन) के बाद 24 कैरेट का 472.100 ग्राम शुद्ध सोना प्राप्त हुआ। इसकी अनुमानित कीमत 70,81,500 रुपये आंकी गई है।

कमीशन और मुफ्त टिकट का दिया जाता है लालच

पूछताछ में सामने आया कि खाड़ी देशों और भारत के बीच सोने की कीमतों तथा सीमा शुल्क (कस्टम ड्यूटी) के अंतर का फायदा उठाने के लिए अंतरराष्ट्रीय तस्कर गिरोह लोगों को अपने जाल में फंसाते हैं। ऐसे लोगों को कुछ हजार रुपये के कमीशन और मुफ्त हवाई टिकट का लालच देकर सोना एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाने के लिए ‘कैरियर’ यानी वाहक बनाया जाता है।

कस्टम विभाग ने सीमा शुल्क अधिनियम, 1962 की धारा 110 के तहत सोना जब्त कर आरोपी को हिरासत में ले लिया है। अब सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि सोने की यह खेप लखनऊ में किसे पहुंचाई जानी थी और इसके पीछे कौन लोग शामिल हैं।

Ashutosh Tripathi
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Ashutosh Tripathi

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आशुतोष त्रिपाठी जन्म 17 अप्रैल 1988 एक भारतीय फोटोग्राफर और फोटो जर्नलिस्ट हैं। पत्रकारिता जीवन की शुरुआत बतौर रिपोर्टर वॉइस ऑफ़ मूवमेंट में हुई, इसके बाद 2013 में नव भारत टाइम्स में एक युवा फोटो जर्नलिस्ट के रूप में कार्यरत थे। आशुतोष त्रिपाठी ने 2007 में एमिटी विश्वविद्यालय से मास्टर इन जर्नलिस्म एंड मास कम्युनिकेशन का कोर्स किया। 2010 में वौइस् ऑफ मूवमेंट अखबार में बतौर रिपोर्टर तीन साल काम किया। इसके बाद 2013 में नव भारत टाइम्स में एक युवा फोटो जर्नलिस्ट के रूप में कार्यरत थे। 2014 में एक फोटोग्राफर बने और एक साल बाद दैनिक भास्कर उत्तर प्रदेश में सीनियर फोटोजर्नलिस्ट के रूप में कार्यरत रहे। 2016 से लगातार newstrack.com में चीफ फोटोजर्नलिस्ट के पद पर कार्यरत हैं। 2015 में एक इनके द्वारा की गयी एक बुजुर्ग टाइपिस्ट की स्टोरी ने पूरी दुनिया ख्याति प्राप्त की। 2016 में इन्हें पत्रकारिता जगत में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए नारद पुरुस्कार से सम्मानित किया गया था । 2017 में फोटोग्राफी क्लब ऑफ इंडिया द्वारा आयोजित इंटरनेशनल फोटोग्राफी कम्पटीशन में इन्होंने दूसरा स्थान हासिल किया । 2019 में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा आयोजित कुंभ फोटोग्राफी प्रतियोगिता में इन्होंने तृतीय पुरुस्कार मिला था ।।

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