लखनऊ में चंद्रिका देवी से लौट रहे श्रद्धालुओं की कार पलटी; 2 की दर्दनाक मौत, गाड़ी के उड़े परखच्चे

Lucknow: लखनऊ में चंद्रिका देवी धाम से मुंडन संस्कार कराकर लौट रहे श्रद्धालुओं की कार पलट गई। भीषण हादसे में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि मासूम समेत कई लोग घायल हुए।

Ashutosh Tripathi
Published on: 19 Oct 2026 9:38 PM IST
लखनऊ में चंद्रिका देवी से लौट रहे श्रद्धालुओं की कार पलटी; 2 की दर्दनाक मौत, गाड़ी के उड़े परखच्चे
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(इमेज क्रेडिट-आशुतोष त्रिपाठी)

Lucknow: बच्चे के मुंडन का उल्लास, मां चंद्रिका देवी के दर्शन का आशीर्वाद और घर लौटते परिवार की खिलखिलाहट.... सफर में सब कुछ सामान्य था, लेकिन किसे पता था कि यह खुशी चंद पलों में जीवन भर के मातम में बदल जाएगी। लखनऊ के प्रसिद्ध तीर्थ स्थल चंद्रिका देवी धाम से मुंडन संस्कार कराकर लौट रहे श्रद्धालुओं की कार अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पलट गई। रफ्तार और टक्कर इतनी भयावह थी कि गाड़ी के परखच्चे उड़ गए। चीख-पुकार के बीच दो श्रद्धालुओं ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, जबकि मासूम बच्चे समेत कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।

(वीडियो क्रडिट-आशुतोष त्रिपाठी)

सड़क पर कई कलाबाजियां खाकर गिरी कार, धातु का मलबा बनी गाड़ी

​हादसा इतना भीषण था कि कार सड़क से उतरकर कई बार पलटी और डिवाइडर से टकराते हुए दूर जा गिरी। टक्कर की तेज आवाज सुनकर आसपास मौजूद ग्रामीण और राहगीर सिहर उठे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कार की गति काफी तेज थी और संतुलन बिगड़ते ही चालक का नियंत्रण पूरी तरह छूट गया। हादसे के बाद गाड़ी की छत, दरवाजे और इंजन बुरी तरह पिचक गए, जिससे अंदर बैठे लोग मलबे में फंस गए।

(वीडियो क्रडिट-आशुतोष त्रिपाठी)

​मासूम के पहले मुंडन से लौट रहा था परिवार, मंगलगीतों की जगह गूंजी चीखें

गाड़ी में सवार पूरा परिवार बच्चे के मुंडन संस्कार के लिए चंद्रिका देवी धाम गया हुआ था। दर्शन-पूजन संपन्न होने के बाद सभी खुशी-खुशी अपने घर की ओर रवाना हुए थे। परिजन सफर में मंगलगीत गाते हुए आगे बढ़ रहे थे, लेकिन गंतव्य तक पहुंचने से पहले ही यह मनहूस हादसा हो गया। जिन हाथों में कुछ देर पहले पूजा का प्रसाद और फूल थे, वे अपनों को मलबे से निकालने के लिए मदद की गुहार लगाते नजर आए।

​चीख-पुकार सुन दौड़े ग्रामीण, गैस कटर और लोहे की रॉड से खिड़कियां काट निकाले घायल

हादसे के तुरंत बाद स्थानीय ग्रामीणों और राहगीरों ने इंसानियत की मिसाल पेश की। पुलिस को सूचना देने के साथ ही लोगों ने बिना देर किए बचाव कार्य शुरू किया। कार के दरवाजे इस कदर दब चुके थे कि उन्हें सामान्य तरीके से खोलना नामुमकिन था। स्थानीय लोगों ने लोहे की रॉड और औजारों की मदद से खिड़कियों को तोड़कर खून से लथपथ घायलों को एक-एक कर बाहर निकाला और निजी वाहनों व एंबुलेंस के जरिए नजदीकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) व ट्रॉमा सेंटर भिजवाया।

Ashutosh Tripathi
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Ashutosh Tripathi

Chief Photojournalist Mail ID - tripathiashutosh88@gmail.comtripathiashutosh88@gmail.com

आशुतोष त्रिपाठी जन्म 17 अप्रैल 1988 एक भारतीय फोटोग्राफर और फोटो जर्नलिस्ट हैं। पत्रकारिता जीवन की शुरुआत बतौर रिपोर्टर वॉइस ऑफ़ मूवमेंट में हुई, इसके बाद 2013 में नव भारत टाइम्स में एक युवा फोटो जर्नलिस्ट के रूप में कार्यरत थे। आशुतोष त्रिपाठी ने 2007 में एमिटी विश्वविद्यालय से मास्टर इन जर्नलिस्म एंड मास कम्युनिकेशन का कोर्स किया। 2010 में वौइस् ऑफ मूवमेंट अखबार में बतौर रिपोर्टर तीन साल काम किया। इसके बाद 2013 में नव भारत टाइम्स में एक युवा फोटो जर्नलिस्ट के रूप में कार्यरत थे। 2014 में एक फोटोग्राफर बने और एक साल बाद दैनिक भास्कर उत्तर प्रदेश में सीनियर फोटोजर्नलिस्ट के रूप में कार्यरत रहे। 2016 से लगातार newstrack.com में चीफ फोटोजर्नलिस्ट के पद पर कार्यरत हैं। 2015 में एक इनके द्वारा की गयी एक बुजुर्ग टाइपिस्ट की स्टोरी ने पूरी दुनिया ख्याति प्राप्त की। 2016 में इन्हें पत्रकारिता जगत में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए नारद पुरुस्कार से सम्मानित किया गया था । 2017 में फोटोग्राफी क्लब ऑफ इंडिया द्वारा आयोजित इंटरनेशनल फोटोग्राफी कम्पटीशन में इन्होंने दूसरा स्थान हासिल किया । 2019 में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा आयोजित कुंभ फोटोग्राफी प्रतियोगिता में इन्होंने तृतीय पुरुस्कार मिला था ।।

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