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गोमती के विकराल रूप से लखनऊ में महाप्रलय जैसे हालात, फैजुल्लागंज में 50 हजार घरों में घुसा पानी
Lucknow: लखनऊ के फैजुल्लागंज में गोमती का जलस्तर बढ़ने से 50 हजार घरों में पानी घुसा, तीन लाख लोग प्रभावित बताए गए।
(इमेज क्रेडिट-आशुतोश त्रिपाठी)
(वीडियो क्रेडिट- आशुतोश त्रिपाठी)
Lucknow: लगातार बारिश और गोमती नदी के बढ़े जलस्तर ने राजधानी लखनऊ के कई इलाकों में हालात विकट कर दिए हैं। फैजुल्लागंज क्षेत्र में स्थिति सबसे ज्यादा भयावह नजर आ रही है। यहां गोमती के विकराल रूप और जलनिकासी व्यवस्था ध्वस्त होने के कारण हजारों घर पानी से घिर गए हैं। स्थानीय लोगों के मुताबिक करीब 50 हजार घरों में पानी घुस गया है, जिससे लगभग तीन लाख की आबादी प्रभावित बताई जा रही है। कई मोहल्लों में सड़क और घर के बीच का अंतर ही खत्म हो गया है।
घरों में कैद हुई जिंदगी
फैजुल्लागंज के कई हिस्सों में पानी घरों के अंदर तक पहुंच गया है। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। घरों में पानी भरने के कारण सामान सुरक्षित रखने की चुनौती खड़ी हो गई है। कई परिवारों ने बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को रिश्तेदारों या सुरक्षित स्थानों पर भेजना शुरू कर दिया है। जिन लोगों के पास बाहर निकलने का विकल्प नहीं है, वे अपने घरों की ऊपरी मंजिलों या ऊंचे स्थानों पर रहने को मजबूर हैं।
(वीडियो क्रेडिट- आशुतोश त्रिपाठी)
जलभराव के कारण रोजमर्रा की जिंदगी पूरी तरह प्रभावित हो गई है। गलियों में पानी भरने से पैदल निकलना मुश्किल है। कई जगह दोपहिया वाहन बंद पड़े हैं, जबकि जरूरत के सामान के लिए लोगों को पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ रहा है
करोड़ों खर्च के बाद भी जलभराव
फैजुल्लागंज में जलभराव की समस्या कोई नई नहीं है। इलाके में जलनिकासी और बुनियादी सुविधाओं को बेहतर करने के लिए करोड़ों रुपये की योजनाएं संचालित होने के बावजूद बारिश के दौरान स्थिति जस की तस दिखाई दे रही है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि योजनाओं पर बड़ी रकम खर्च होने के बाद भी उन्हें जलभराव से राहत नहीं मिली।
लोग सवाल उठा रहे हैं कि अगर करोड़ों रुपये खर्च करने के बाद भी बारिश का पानी घरों में घुस रहा है तो आखिर इन परियोजनाओं का लाभ जमीन पर क्यों नहीं दिखाई दे रहा। स्थानीय निवासियों का कहना है कि हर साल बारिश के दौरान यही स्थिति पैदा होती है, लेकिन स्थायी समाधान के बजाय अस्थायी इंतजाम किए जाते हैं।
(वीडियो क्रेडिट-आशुतोश त्रिपाठी)
गोमती का बढ़ा जलस्तर बना चुनौती
गोमती नदी का जलस्तर बढ़ने से फैजुल्लागंज समेत नदी के आसपास के निचले इलाकों में खतरा और बढ़ गया है। नदी में पानी बढ़ने के साथ आसपास के इलाकों से पानी की निकासी भी प्रभावित हो रही है। ऐसे में बारिश का पानी निकलने के बजाय रिहायशी इलाकों में जमा होता जा रहा है।
(वीडियो क्रेडिट- आशुतोश त्रिपाठी)
स्थिति को देखते हुए स्थानीय लोगों ने प्रशासन से तत्काल पंपिंग व्यवस्था बढ़ाने, जलनिकासी के रास्ते खोलने और प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने की मांग की है। लोगों का कहना है कि जब तक जलनिकासी की स्थायी व्यवस्था नहीं होती, तब तक हर भारी बारिश उनके लिए किसी आपदा से कम नहीं होगी।
फैजुल्लागंज की तस्वीरें फिलहाल सिर्फ जलभराव की कहानी नहीं बता रहीं, बल्कि यह सवाल भी खड़ा कर रही हैं कि करोड़ों रुपये की योजनाओं के बावजूद राजधानी का एक बड़ा इलाका बारिश के सामने इतना बेबस क्यों है।


