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लखनऊ KGMU में इलाज के इंतजार में तड़प-तड़पकर मरीज की मौत, 12 घंटे तक भर्ती के लिए गिड़गिड़ाता रहा परिवार
Lucknow KGMU: लखनऊ के KGMU में डॉक्टरों की लापरवाही के आरोप के बीच 35 वर्षीय महिला की 12 घंटे इंतजार के बाद मौत हो गई।
Lucknow KGMU
Lucknow KGMU: उत्तर प्रदेश के प्रतिष्ठित किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी यानी KGMU से एक बार फिर दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। आरोप है कि डॉक्टरों की लापरवाही के कारण 35 साल की एक महिला की जान चली गई। परिवार का कहना है कि अगर समय पर भर्ती कर लिया जाता तो शायद आज वह जिंदा होती।
यह घटना 19 फरवरी की है, लेकिन सवाल पूरे सिस्टम पर खड़े कर रही है। परिजन अस्पताल के लारी कार्डियोलॉजी विभाग के बाहर 12 घंटे तक भर्ती के लिए गुहार लगाते रहे, लेकिन किसी ने उनकी नहीं सुनी।
दिल की मरीज, पर नहीं मिला बेड
गोंडा की रहने वाली अविदा खातून को गंभीर दिल की बीमारी थी। तबीयत बिगड़ने पर परिवार उन्हें लारी कार्डियोलॉजी लेकर पहुंचा। OPD में डॉक्टरों ने जांच की, दवा दी और एक सप्ताह बाद दोबारा आने को कहा। परिजन लगातार उनकी गंभीर हालत का हवाला देते रहे और भर्ती करने की मांग करते रहे, लेकिन उन्हें टाल दिया गया।
परिवार का आरोप है कि पांच दिनों में तीन बार डॉक्टरों को दिखाया गया। पहले डॉ. ऋषि सेठी की टीम और फिर डॉ. अक्षय प्रधान की टीम को दिखाया गया। इसके बावजूद भर्ती की अनुमति नहीं मिली।
मिन्नतें बेअसर, सिस्टम मौन
परिजन बताते हैं कि बुधवार से गुरुवार सुबह तक वे वेटिंग एरिया में ही बैठे रहे। हर थोड़ी देर में इमरजेंसी जाकर गुहार लगाते, लेकिन जवाब मिलता कि OPD की दवा देते रहें। एक परिचित स्टाफ ने भी भर्ती की सिफारिश की, लेकिन उसे भी चुप करा दिया गया।
समय बीतता गया और मरीज की हालत बिगड़ती रही। आखिरकार गुरुवार सुबह करीब 9:30 बजे उसकी सांसें थम गईं। जब हालत ज्यादा खराब हुई तो परिजन उसे पास के निजी अस्पताल ले जाने निकले, लेकिन रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया।
पहले भी उठ चुके हैं सवाल
बीते पांच महीनों में KGMU में ऐसी लापरवाही के दो और मामले सामने आ चुके हैं। अक्टूबर 2025 में 11 महीने के बच्चे को भर्ती नहीं किया गया था और उसकी मौत हो गई थी। सितंबर 2025 में एक मरीज को स्ट्रेचर पर बाहर कर दिया गया, जहां उसने अंतिम सांस ली। अब एक बार फिर सवाल वही है कि क्या बड़े अस्पतालों में इलाज सिर्फ कागजों तक सीमित है? और आखिर कब सिस्टम जागेगा, ताकि किसी और की जिंदगी इंतजार में न बुझ जाए।


