'पूजा छोड़ो, कलमा पढ़ो'... छात्रा के यौन शोषण और सिंदूर वाली तस्वीर से ब्लैकमेलिंग का खेल

लखनऊ के मलिहाबाद में छात्रा ने तीन युवकों पर ब्लैकमेलिंग, यौन शोषण, धमकी और धर्मांतरण के दबाव के गंभीर आरोप लगाए हैं। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

Ashutosh Tripathi
Published on: 28 Sept 2026 11:09 PM IST (Updated on: 28 Sept 2026 11:19 PM IST)
पूजा छोड़ो, कलमा पढ़ो... छात्रा के यौन शोषण और सिंदूर वाली तस्वीर से ब्लैकमेलिंग का खेल
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Lucknow News: ​लखनऊ का ग्रामीण इलाका मलिहाबाद इस वक्त एक रोंगटे खड़े कर देने वाले मामले से दहल उठा है। 11वीं कक्षा में पढ़ने वाली एक नाबालिग छात्रा की मांग में जबरन सिंदूर भरकर खींची गई एक तस्वीर कैसे कई सालों तक उसके लिए खौफ और दरिंदगी का फंदा बनी रही, इसकी दर्दनाक दास्तान अब पुलिस की चौखट तक पहुंची है। पीड़िता ने शाहनवाज, सीराज और शाहरूख नाम के तीन युवकों पर ब्लैकमेलिंग, यौन शोषण और जबरन मजहब बदलवाने की गंभीर साजिश रचने का आरोप लगाया है।

​तस्वीर का फंदा और बंधक बनी बेबसी

​इस पूरे खौफनाक खेल की शुरुआत 1 जनवरी 2021 को हुई थी। उस वक्त पीड़िता महज 16-17 साल की थी और स्कूल में पढ़ती थी। आरोप है कि शाहनवाज ने पीड़िता के घर के बाहर अचानक आकर जबरन उसकी मांग में सिंदूर भर दिया और फौरन उसकी तस्वीर अपने मोबाइल में कैद कर ली।

​यह महज एक हरकत नहीं, बल्कि एक सुनियोजित जाल था। उसी सिंदूर वाली तस्वीर को समाज में वायरल करने और बदनामी का डर दिखाकर छात्रा को ब्लैकमेल किया जाने लगा।

​'पूरे परिवार को गायब कर देंगे'...दहशत के साए में शोषण

​लड़की ने आरोप लगाया है कि बदनामी के खौफ की आड़ में छात्रा के साथ जबरन शारीरिक संबंध बनाए गए। जब भी पीड़िता ने इसका विरोध करने की हिम्मत जुटाई, तो उसे और उसके परिवार को मिटा देने की धमकियां दी गईं। आरोपियों ने साफ लहजे में चेताया कि अगर मुंह खोला तो पूरे परिवार को ऐसा गायब करेंगे कि किसी को सुराग तक नहीं मिलेगा। घर-परिवार की सलामती की खातिर पीड़िता सालों तक इस जुल्म को खामोशी से सहने पर मजबूर रही।

​हवस के बाद धर्मांतरण का चक्रव्यूह: 'पूजा छोड़ो, कलमा पढ़ो'

​शिकायत में लगाए गए सबसे संगीन आरोपों के मुताबिक, मामला सिर्फ दैहिक शोषण तक सीमित नहीं रहा। आरोपियों ने पीड़िता की पहचान मिटाने की पूरी तैयारी कर ली थी। आरोप है कि मौलाना को बुलाकर उसका जबरन धर्म परिवर्तन कराने का षड्यंत्र रचा गया। पीड़िता पर सीधा हुक्म थोपा गया कि वहहिंदू देवी-देवताओं की पूजा-अर्चना तत्काल बंद करे। कलमा पढ़े और इस्लामी रीति-रिवाज अपनाए। घर से बाहर निकलते समय बुर्का पहनना शुरू करे।

तीन नामजद, पुराने घटनाक्रम पर पुलिस की कड़ी पड़ताल

​लंबे समय तक डर के साए में जीने के बाद आखिरकार पीड़िता ने हिम्मत जुटाकर मलिहाबाद थाने में तहरीर दी। पुलिस ने शाहनवाज, सीराज और शाहरूख के खिलाफ दी गई शिकायत को संज्ञान में लेकर जांच शुरू कर दी है।

​चूंकि मामला करीब पांच साल पुराना है, इसलिए पुलिस के सामने उस वक्त के डिजिटल साक्ष्यों, मोबाइल लोकेशन और गवाहों की कड़ियों को जोड़ने की बड़ी चुनौती है। फिलहाल पुलिस अफसरों का कहना है कि लगाए गए आरोपों की हर पहलू से तकनीकी और फोरेंसिक जांच की जा रही है, जिसके आधार पर आगे की सख्त विधिक कार्रवाई तय होगी।

Ashutosh Tripathi
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Ashutosh Tripathi

Chief Photojournalist Mail ID - tripathiashutosh88@gmail.comtripathiashutosh88@gmail.com

आशुतोष त्रिपाठी जन्म 17 अप्रैल 1988 एक भारतीय फोटोग्राफर और फोटो जर्नलिस्ट हैं। पत्रकारिता जीवन की शुरुआत बतौर रिपोर्टर वॉइस ऑफ़ मूवमेंट में हुई, इसके बाद 2013 में नव भारत टाइम्स में एक युवा फोटो जर्नलिस्ट के रूप में कार्यरत थे। आशुतोष त्रिपाठी ने 2007 में एमिटी विश्वविद्यालय से मास्टर इन जर्नलिस्म एंड मास कम्युनिकेशन का कोर्स किया। 2010 में वौइस् ऑफ मूवमेंट अखबार में बतौर रिपोर्टर तीन साल काम किया। इसके बाद 2013 में नव भारत टाइम्स में एक युवा फोटो जर्नलिस्ट के रूप में कार्यरत थे। 2014 में एक फोटोग्राफर बने और एक साल बाद दैनिक भास्कर उत्तर प्रदेश में सीनियर फोटोजर्नलिस्ट के रूप में कार्यरत रहे। 2016 से लगातार newstrack.com में चीफ फोटोजर्नलिस्ट के पद पर कार्यरत हैं। 2015 में एक इनके द्वारा की गयी एक बुजुर्ग टाइपिस्ट की स्टोरी ने पूरी दुनिया ख्याति प्राप्त की। 2016 में इन्हें पत्रकारिता जगत में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए नारद पुरुस्कार से सम्मानित किया गया था । 2017 में फोटोग्राफी क्लब ऑफ इंडिया द्वारा आयोजित इंटरनेशनल फोटोग्राफी कम्पटीशन में इन्होंने दूसरा स्थान हासिल किया । 2019 में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा आयोजित कुंभ फोटोग्राफी प्रतियोगिता में इन्होंने तृतीय पुरुस्कार मिला था ।।

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