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लखनऊ के मनसा देवी मंदिर में श्रीमद्भागवत कथा का समापन, 10 अक्टूबर को होगी पूर्णाहुति
Lucknow: लखनऊ के चौक स्थित माँ मनसा देवी मंदिर में सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा संपन्न हुई। 10 अक्टूबर को वैदिक हवन और पूर्णाहुति के साथ आठ दिवसीय धार्मिक अनुष्ठान का समापन होगा।
Lucknow: राजधानी लखनऊ के चौक स्थित माँ मनसा देवी मंदिर में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत महापुराण ज्ञानयज्ञ का शुक्रवार, 9 अक्टूबर को श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ समापन हुआ। 3 से 9 अक्टूबर तक चले इस धार्मिक आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया। भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं और श्रीमद्भागवत के संदेशों पर आधारित कथा के दौरान मंदिर परिसर भजन-कीर्तन और भक्तिमय जयकारों से गूंजता रहा। वहीं, शनिवार, 10 अक्टूबर को वैदिक हवन और पूर्णाहुति के साथ आठ दिवसीय धार्मिक अनुष्ठान का विधिवत समापन होगा।
कथावाचक ने दिया भक्ति और सदाचार का संदेश
पूज्य कथावाचक श्री श्री ऋषिराज त्रिपाठी ने सात दिनों तक अपने प्रवचनों के माध्यम से भगवान श्रीकृष्ण की दिव्य लीलाओं का वर्णन किया। उन्होंने भक्ति, ज्ञान, सत्य, करुणा, सेवा, सदाचार और पारिवारिक संस्कारों के महत्व पर प्रकाश डाला। कथा के माध्यम से श्रद्धालुओं को सामाजिक समरसता और लोककल्याण का संदेश भी दिया गया।
आयोजन का उद्देश्य धार्मिक आस्था के साथ भारतीय संस्कृति और सनातन परंपराओं के मूल्यों को आगे बढ़ाना रहा। इस दौरान विभिन्न आयु वर्गों के लोगों ने भाग लिया।
100 साल से अधिक पुरानी है मंदिर की सेवा परंपरा
माँ मनसा देवी मंदिर के वरिष्ठ सलाहकार डॉ. प्रदीप सिंह ने मंदिर की ऐतिहासिक और आध्यात्मिक विरासत पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि मंदिर ट्रस्ट के सचिव राकेश शंकर गौड़ का परिवार 100 वर्षों से अधिक समय से मंदिर की सेवा, पूजा-अर्चना और धार्मिक परंपराओं के संरक्षण में जुटा है। परिवार पीढ़ी-दर-पीढ़ी इस जिम्मेदारी का निर्वहन कर रहा है।
डॉ. सिंह ने इस परंपरा को आस्था, समर्पण और सांस्कृतिक निरंतरता का उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि परिवार धार्मिक गतिविधियों के साथ पर्यावरण संरक्षण, वृक्षारोपण और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों की सहायता के लिए भी प्रतिबद्ध है। उनके अनुसार, आध्यात्मिकता के साथ मानव सेवा और सामाजिक उत्तरदायित्व का समन्वय भारतीय परंपराओं के लोककल्याणकारी स्वरूप को दर्शाता है।
10 अक्टूबर को हवन और पूर्णाहुति
डॉ. प्रदीप सिंह ने आयोजन के सफल संचालन में राकेश शंकर गौड़, अर्चना गौड़ और तुषार गौड़ के योगदान की सराहना की। उन्होंने कथावाचक, श्रद्धालुओं, स्वयंसेवकों, सहयोगियों, क्षेत्रवासियों और स्थानीय प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया।
उन्होंने बताया कि शनिवार, 10 अक्टूबर को मंदिर परिसर में वैदिक हवन, पूर्णाहुति और विश्वकल्याण की प्रार्थना के साथ पूरे आठ दिवसीय धार्मिक अनुष्ठान का समापन होगा। ट्रस्ट की ओर से श्रद्धालुओं और क्षेत्रवासियों से सपरिवार कार्यक्रम में शामिल होने की अपील की गई है।
यह धार्मिक आयोजन माँ मनसा देवी मंदिर, हरि निवास, पंडित बाल मुकुंद बाजपेयी मार्ग, चौक, लखनऊ में मनसा देवी मंदिर ट्रस्ट के तत्वावधान में आयोजित किया गया। ट्रस्ट ने इस आयोजन के माध्यम से धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक विरासत, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक सेवा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।


