Lucknow Navami 2025: कन्या पूजन से गूंजे घर-आंगन, नवमी पर श्रद्धालुओं ने किया माता रानी का आह्वान

Lucknow Navami 2025: श्रद्धालुओं का मानना है कि कन्या पूजन से घर में सुख-समृद्धि, शांति और सकारात्मक ऊर्जा का वास होता है।

Ashutosh Tripathi
Published on: 1 Oct 2025 11:50 AM IST (Updated on: 1 Oct 2025 11:56 AM IST)
Lucknow Navami 2025
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Lucknow Navami 2025: नवरात्रि के पावन पर्व की नवमी पर व्रत रखने वाले श्रद्धालुओं ने अपने घर में कन्या पूजन कर माता रानी का आशीर्वाद प्राप्त किया। सुबह से ही घरों और मंदिरों में भक्तों ने माता दुर्गा की आराधना की और छोटे-छोटे बालिकाओं को देवी का स्वरूप मानकर उन्हें आदि सहित अपने घर पर बुलाया। परंपरा के अनुसार कन्याओं के चरण धोकर उन्हें विशेष व्यंजन जैसे पूड़ी, चने और हलवे का प्रसाद परोसा गया।

कन्याओं को चुनरी,उपहार भेंट किये गए


परंपरा के अनुसार कन्याओं को पूड़ी, काले चने और हलवे का प्रसाद खिलाया गया। इसके साथ ही उन्हें चुनरी, उपहार और दक्षिणा भेंट कर विदा किया गया। श्रद्धालुओं का मानना है कि कन्या पूजन से घर में सुख-समृद्धि, शांति और सकारात्मक ऊर्जा का वास होता है। इस मौके पर शहर के मंदिरों में भी सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। जगह-जगह भजन-कीर्तन और देवी मां के जयकारों से वातावरण भक्तिमय बना रहा।

कन्या पूजन स्त्री शक्ति का पतीक माना जाता है


नवरात्रि के समापन पर आयोजित होने वाला कन्या पूजन स्त्री शक्ति के सम्मान और समाज में नारी के महत्व का प्रतीक माना जाता है। हर साल बड़ी श्रद्धा और परंपरा के साथ मनाया जाने वाला यह पर्व भक्तों के लिए विशेष महत्व रखता है। श्रद्धालुओं का कहना है कि कन्या पूजन न सिर्फ धार्मिक परंपरा है, बल्कि यह सामाजिक संदेश भी देता है कि कन्या को देवी के रूप में सम्मानित किया जाना चाहिए।


इस प्रकार, नवमी पर राजधानी लखनऊ में आस्था, श्रद्धा और उल्लास का अद्भुत संगम देखने को मिला, जिसने पूरे वातावरण को देवी मां की भक्ति से सराबोर कर दिया।

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Ashutosh Tripathi

Chief Photojournalist Mail ID - tripathiashutosh88@gmail.comtripathiashutosh88@gmail.com

आशुतोष त्रिपाठी जन्म 17 अप्रैल 1988 एक भारतीय फोटोग्राफर और फोटो जर्नलिस्ट हैं। पत्रकारिता जीवन की शुरुआत बतौर रिपोर्टर वॉइस ऑफ़ मूवमेंट में हुई, इसके बाद 2013 में नव भारत टाइम्स में एक युवा फोटो जर्नलिस्ट के रूप में कार्यरत थे। आशुतोष त्रिपाठी ने 2007 में एमिटी विश्वविद्यालय से मास्टर इन जर्नलिस्म एंड मास कम्युनिकेशन का कोर्स किया। 2010 में वौइस् ऑफ मूवमेंट अखबार में बतौर रिपोर्टर तीन साल काम किया। इसके बाद 2013 में नव भारत टाइम्स में एक युवा फोटो जर्नलिस्ट के रूप में कार्यरत थे। 2014 में एक फोटोग्राफर बने और एक साल बाद दैनिक भास्कर उत्तर प्रदेश में सीनियर फोटोजर्नलिस्ट के रूप में कार्यरत रहे। 2016 से लगातार newstrack.com में चीफ फोटोजर्नलिस्ट के पद पर कार्यरत हैं। 2015 में एक इनके द्वारा की गयी एक बुजुर्ग टाइपिस्ट की स्टोरी ने पूरी दुनिया ख्याति प्राप्त की। 2016 में इन्हें पत्रकारिता जगत में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए नारद पुरुस्कार से सम्मानित किया गया था । 2017 में फोटोग्राफी क्लब ऑफ इंडिया द्वारा आयोजित इंटरनेशनल फोटोग्राफी कम्पटीशन में इन्होंने दूसरा स्थान हासिल किया । 2019 में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा आयोजित कुंभ फोटोग्राफी प्रतियोगिता में इन्होंने तृतीय पुरुस्कार मिला था ।।

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