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Lucknow: ज़मीनों पर अवैध कब्जे और करोड़ों की गड़बड़ी, हुसैनाबाद ट्रस्ट पर भ्रष्टाचार विरोध प्रदर्शन
Lucknow News: लखनऊ में आज 26 सितंबर 2025 यानी शुक्रवार की नमाज के बाद शिया समुदाय ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया। जाने पूरा मामला...
Lucknow News (photo: Newstrack)
Lucknow News: लखनऊ में आज 26 सितंबर 2025 यानी शुक्रवार की नमाज के बाद शिया समुदाय ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया। मौलाना कल्बे जव्वाद के आवाहन पर भारी संख्या में नमाजियों ने विरोध किया। मौलाना ने हुसैनाबाद ट्रस्ट पर भ्रष्टाचार के बड़े आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि ट्रस्ट की घण्टा घर, रूमी गेट और छोटा इमामबाड़ा के आसपास दुकानों का अवैध तरीके से सौदा किया जा रहा है। जिसे लेकर जिला प्रशासन और हुसैनाबाद ट्रस्ट के खिलाफ नारेबाजी किया।
मौलाना ने लगाये गंभीर आरोप
मौलाना ने कहना है कि जमीनों पर लगातार अवैध कब्जे और अतिक्रमण किये जा रहे हैं हुसैनाबाद ट्रस्ट मूकदर्शक बना हुआ है। इतना ही है... इस भ्रष्टाचार में अधिकारी भी शामिल है। ट्रस्ट की संपत्ति का सामान तेज़ी से गायब हो रहा है। ट्रस्ट की जमीन पर लगे कीमती पेड़ काटकर बेच दिया गया लेकिन उन लोगों के ऊपर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गयी। हर महीने ट्रस्ट की लाखों रुपए की आमदनी होती है लेकिन उसका भी कोई हिसाब किताब नहीं है।
इतना ही नहीं, मौलाना ने यह भी आरोप लगाया कि ट्रस्ट की संपत्तियों में लगे कीमती पेड़ काटकर बेच दिए गए हैं और अन्य बहुमूल्य सामान का भी कोई रिकॉर्ड सामने नहीं आया है। इसके अलावा, कई वक्फ़ ज़मीनों पर अवैध तरीके से हड़पने का भी आरोप है।
उलमा और अंजुमनों से अपील
मौलाना कल्बे जवाद नक़वी ने लखनऊ और आसपास के सभी उलमा, अंजुमनों और क़ौम के ज़िम्मेदार लोगों से अपील की है कि वे इस प्रदर्शन में शामिल हों। उनका कहना है कि वक्फ़ की संपत्तियां समुदाय की अमानत हैं और उनके साथ किसी भी तरह की गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
प्रदर्शन से मची खलबली
हुसैनाबाद ट्रस्ट पर होने वाले इस बड़े विरोध प्रदर्शन की खबर से शहर में खलबली तेज हो गई है। ऐसा माना जा रहा है कि जुमे की नमाज़ के बाद हजारों की संख्या में लोग इस विरोध प्रदर्शन में शामिल हो सकते हैं। प्रशासन भी इस प्रदर्शन को लेकर बहुत सतर्क हो गया है और सुरक्षा सख्त किये जा रहे हैं।
बता दे, मौलाना ने स्पष्ट कहा है कि यह विरोध केवल किसी एक संस्था या व्यक्ति के खिलाफ नहीं, बल्कि संपूर्ण समुदाय की हक़ और संपत्ति की रक्षा के लिए है। यदि वक़्त रहते ट्रस्ट की पारदर्शी जांच और सुधारात्मक कदम नहीं उठाए गए, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।


