नदवा में गूंजा तिरंगे का सम्मान, देश की एकता और भाईचारे का दिया संदेश

Lucknow News: ध्वजारोहण के बाद आयोजित सभा में स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और देश की आजादी के लिए अपने प्राण न्योछावर करने वाले शहीदों को श्रद्धांजलि दी गई।

Ashutosh Tripathi
Published on: 15 Aug 2026 3:25 PM IST
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Lucknow News (photo: Newstrack)

Lucknow News: स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लखनऊ के मदरसों में देशभक्ति और उत्साह का माहौल देखने को मिला। गोमती तट स्थित दारुल उलूम नदवतुल उलमा में भी स्वतंत्रता दिवस समारोह पूरे उत्साह के साथ मनाया गया। संस्थान के प्रिंसिपल मौलाना अब्दुल अज़ीज भटकली नदवी ने ध्वजारोहण कर कार्यक्रम की शुरुआत की। इस दौरान मदरसे के शिक्षक, छात्र और अन्य लोग मौजूद रहे।


ध्वजारोहण के बाद आयोजित सभा में स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और देश की आजादी के लिए अपने प्राण न्योछावर करने वाले शहीदों को श्रद्धांजलि दी गई। वक्ताओं ने कहा कि देश की आजादी अनेक वीरों के त्याग और संघर्ष का परिणाम है। उन्होंने नई पीढ़ी से देश की एकता, अखंडता और भाईचारे को मजबूत करने में योगदान देने का आह्वान किया।


छात्रों को स्वतंत्रता संग्राम और देश के शहीदों के जीवन पर आधारित पुस्तकों का अधिक से अधिक अध्ययन करने के लिए प्रेरित किया गया।

आजादी की लड़ाई में उलेमा का योगदान अहम

कार्यक्रम में मौलाना फ़रमान नदवी ने कहा कि देश की आजादी की बुनियाद 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम और उससे पहले हुए आंदोलनों से मजबूत हुई थी। उन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन में उलेमा-ए-किराम सहित देश के विभिन्न वर्गों के लोगों के योगदान और उनकी कुर्बानियों को याद किया। उन्होंने ब्रिगेडियर उस्मान और परमवीर चक्र विजेता वीर अब्दुल हमीद के अदम्य साहस और शहादत का भी विशेष रूप से उल्लेख किया।


वहीं, मौलाना अब्दुल अज़ीज ने कहा कि देश को तरक्की के रास्ते पर आगे ले जाने के लिए भेदभाव और साम्राज्यवादी मानसिकता से मुक्त होना जरूरी है। उन्होंने समाज में न्याय, समानता और आपसी भाईचारे को मजबूत करने पर जोर दिया। समारोह के अंत में देश की तरक्की, अमन-चैन, खुशहाली और आपसी सौहार्द के लिए विशेष दुआ की गई।

Ashutosh Tripathi
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Ashutosh Tripathi

Chief Photojournalist Mail ID - tripathiashutosh88@gmail.comtripathiashutosh88@gmail.com

आशुतोष त्रिपाठी जन्म 17 अप्रैल 1988 एक भारतीय फोटोग्राफर और फोटो जर्नलिस्ट हैं। पत्रकारिता जीवन की शुरुआत बतौर रिपोर्टर वॉइस ऑफ़ मूवमेंट में हुई, इसके बाद 2013 में नव भारत टाइम्स में एक युवा फोटो जर्नलिस्ट के रूप में कार्यरत थे। आशुतोष त्रिपाठी ने 2007 में एमिटी विश्वविद्यालय से मास्टर इन जर्नलिस्म एंड मास कम्युनिकेशन का कोर्स किया। 2010 में वौइस् ऑफ मूवमेंट अखबार में बतौर रिपोर्टर तीन साल काम किया। इसके बाद 2013 में नव भारत टाइम्स में एक युवा फोटो जर्नलिस्ट के रूप में कार्यरत थे। 2014 में एक फोटोग्राफर बने और एक साल बाद दैनिक भास्कर उत्तर प्रदेश में सीनियर फोटोजर्नलिस्ट के रूप में कार्यरत रहे। 2016 से लगातार newstrack.com में चीफ फोटोजर्नलिस्ट के पद पर कार्यरत हैं। 2015 में एक इनके द्वारा की गयी एक बुजुर्ग टाइपिस्ट की स्टोरी ने पूरी दुनिया ख्याति प्राप्त की। 2016 में इन्हें पत्रकारिता जगत में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए नारद पुरुस्कार से सम्मानित किया गया था । 2017 में फोटोग्राफी क्लब ऑफ इंडिया द्वारा आयोजित इंटरनेशनल फोटोग्राफी कम्पटीशन में इन्होंने दूसरा स्थान हासिल किया । 2019 में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा आयोजित कुंभ फोटोग्राफी प्रतियोगिता में इन्होंने तृतीय पुरुस्कार मिला था ।।

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