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Lucknow News: ओसीआर विधायक निवास में कुत्तों का आतंक, 12 वर्षीय बच्चा घायल; लोगों में दहशत
Lucknow News: लखनऊ के ओसीआर विधायक निवास में 12 वर्षीय बच्चे पर आवारा कुत्तों के झुंड ने हमला कर दिया। घायल बच्चे को सिविल अस्पताल में इलाज कराया गया। स्थानीय लोगों ने कार्रवाई की मांग की।
Lucknow News (Image Credit-Newstrack)
लखनऊ। राजधानी के पॉश इलाकों में भी आवारा कुत्तों का आतंक कम होने का नाम नहीं ले रहा है। ताजा मामला ओसीआर विधायक निवास का है, जहां परिसर के ग्राउंड में खेल रहे 12 वर्षीय बच्चे पर आवारा कुत्तों के झुंड ने हमला कर दिया। अचानक हुए हमले से बच्चा घबरा गया और खुद को बचाने की कोशिश की, लेकिन कुत्तों ने उसे काटकर घायल कर दिया।
खेलते समय बच्चे को कुत्तों ने घेरा
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक बच्चा विधायक निवास परिसर के ग्राउंड में खेल रहा था। इसी दौरान वहां मौजूद आवारा कुत्तों के झुंड ने उसे घेर लिया और अचानक हमला कर दिया। कुत्तों के काटने से बच्चे के शरीर पर कई जगह चोटें आईं।
हमले के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। आसपास मौजूद लोगों ने किसी तरह बच्चे को कुत्तों से बचाया और घटना की जानकारी उसके परिजनों को दी।
सिविल अस्पताल में कराया गया इलाज
घटना के बाद परिजन घायल बच्चे को तत्काल सिविल अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां उसका उपचार कराया गया। घटना की जानकारी सामने आने के बाद विधायक निवास परिसर में रहने वाले लोगों में भी चिंता का माहौल है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि परिसर और उसके आसपास लंबे समय से आवारा कुत्तों की संख्या बढ़ रही है। कई बार कुत्तों के झुंड को परिसर में घूमते देखा जाता है, जिससे बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा को लेकर चिंता बनी रहती है।
शिकायतों के बावजूद कार्रवाई नहीं होने का आरोप
स्थानीय निवासियों ने आरोप लगाया कि आवारा कुत्तों की समस्या को लेकर संबंधित अधिकारियों से शिकायतें की जाती रही हैं, लेकिन प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही है। लोगों का कहना है कि सुबह और शाम के समय बड़ी संख्या में बच्चे और अन्य लोग परिसर में आते-जाते हैं।
निवासियों ने संबंधित नगर निगम और प्रशासनिक अधिकारियों से तत्काल अभियान चलाकर आवारा कुत्तों को पकड़ने और क्षेत्र में निगरानी बढ़ाने की मांग की है।
बड़े हादसे की आशंका
स्थानीय लोगों का कहना है कि 12 वर्षीय बच्चे पर हुआ हमला गंभीर चेतावनी है। यदि समय रहते आवारा कुत्तों की समस्या का समाधान नहीं किया गया तो भविष्य में कोई बड़ा हादसा हो सकता है।
लोगों ने मांग की है कि संवेदनशील इलाकों को चिन्हित कर आवारा कुत्तों की संख्या नियंत्रित करने के साथ-साथ बच्चों और अन्य लोगों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं।


