लखनऊ में छिड़ी पोस्टर वार, सपा ने ‘धुआंधर राज’ लिखकर साधा योगी सरकार पर निशाना, पत्र सौंपकर की कार्रवाई की मांग

राजधानी लखनऊ में सपा-भाजपा के बीच पोस्टर वार तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी ने पोस्टर के माध्यम से भाजपा पर पलटवार करते हुए योगी सरकार की कानून-व्यवस्था और नीतियों पर सवाल उठाए हैं।

Ashutosh Tripathi
Published on: 7 April 2026 5:14 PM IST (Updated on: 7 April 2026 9:22 PM IST)
लखनऊ में छिड़ी पोस्टर वार, सपा ने ‘धुआंधर राज’ लिखकर साधा योगी सरकार पर निशाना, पत्र सौंपकर की कार्रवाई की मांग
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फोटो- आशुतोष त्रिपाठी

लखनऊ में पोस्टरवार की सियासत एक बार फिर तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी ने भाजपा के खिलाफ पोस्टर के जरिए पलटवार करते हुए सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर निशाना साधा है। सपा कार्यालय के बाहर लगाए गए पोस्टर में यूपी में धुआं-धर राज जैसे शब्द लिखे गए हैं, जो प्रदेश की कानून-व्यवस्था और मौजूदा शासन पर सवाल खड़े करते नजर आते हैं।

फोटो- आशुतोष त्रिपाठी

अखिलेश यादव क लेकर लगे थे पोस्टर

आपको बता दें कि मंगलवार सुबह ही शहर के कई इलाकों में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को लेकर पोस्टर लगाए गए थे। इन पोस्टरों में इन पोस्टरों में यूथ अगेंस्ट माफिया नाम का जिक्र करते हुए सपा शासन को ल्यारी राज बताया गया है, जबकि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को धुरंधर सीएम के रूप में पेश किया गया है। इन्हीं पोस्टरों के जवाब में सपा कार्यकर्ताओं ने पार्टी कार्यालय के बाहर नया पोस्टर लगाकर अपनी प्रतिक्रिया दी है।

फोटो- आशुतोष त्रिपाठी

समाजवादी पार्टी का पलटवार

पोस्टर लगवाने वाली सपा कार्यकर्ता पूजा शुक्ला का कहना है कि उत्तर प्रदेश में लोकतंत्र पूरी तरह खत्म हो गया है और दलित, अल्पसंख्यक,पीड़ित और महिला जो भी सरकार के विरोध में बोल रहा है उसकी छवि खराब करने की कोशिश की जा रही है। यह पोस्टर सरकार की नीतियों और प्रदेश में बढ़ती घटनाओं के खिलाफ जनता की आवाज को सामने लाने का एक माध्यम है।

फोटो- आशुतोष त्रिपाठी

होर्डिंग के खिलाफ सपा का प्रदर्शन

वहीं अखिलेश यादव के खिलाफ लगे पोस्टर को लेकर लखनऊ के हजरतगंज थाने में समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने एक शिकायती पत्र सौंपकर अखिलेश यादव की छवि को धूमिल करने का आरोप लगते हुए कथित होर्डिंग्स के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

शिकायती पत्र में आरोप लगाया गया है लखनऊ के प्रमुख चौराहों पर ऐसे होर्डिंग्स लगाए गए हैं, जिनमें अभद्र और आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल करते हुए अखिलेश यादव की छवि खराब करने की कोशिश की गई है। कार्यकर्ताओं का कहना है कि यह एक सुनियोजित साजिश है, जिससे न सिर्फ एक राजनीतिक नेता पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक वर्ग की भावनाओं को भी ठेस पहुंची है, शिकायती पत्र में में कुछ व्यक्तियों के नाम भी दर्ज किए गए हैं, जिन पर इन होर्डिंग्स को लगाने का आरोप है। कार्यकर्ताओं ने कहा कि इस तरह की हरकत से आम जनता और पार्टी समर्थकों में आक्रोश व्याप्त है। उन्होंने पुलिस प्रशासन से तत्काल प्रभाव से इन विवादित होर्डिंग्स को हटाने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।

Ashutosh Tripathi
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Ashutosh Tripathi

Chief Photojournalist Mail ID - tripathiashutosh88@gmail.comtripathiashutosh88@gmail.com

आशुतोष त्रिपाठी जन्म 17 अप्रैल 1988 एक भारतीय फोटोग्राफर और फोटो जर्नलिस्ट हैं। पत्रकारिता जीवन की शुरुआत बतौर रिपोर्टर वॉइस ऑफ़ मूवमेंट में हुई, इसके बाद 2013 में नव भारत टाइम्स में एक युवा फोटो जर्नलिस्ट के रूप में कार्यरत थे। आशुतोष त्रिपाठी ने 2007 में एमिटी विश्वविद्यालय से मास्टर इन जर्नलिस्म एंड मास कम्युनिकेशन का कोर्स किया। 2010 में वौइस् ऑफ मूवमेंट अखबार में बतौर रिपोर्टर तीन साल काम किया। इसके बाद 2013 में नव भारत टाइम्स में एक युवा फोटो जर्नलिस्ट के रूप में कार्यरत थे। 2014 में एक फोटोग्राफर बने और एक साल बाद दैनिक भास्कर उत्तर प्रदेश में सीनियर फोटोजर्नलिस्ट के रूप में कार्यरत रहे। 2016 से लगातार newstrack.com में चीफ फोटोजर्नलिस्ट के पद पर कार्यरत हैं। 2015 में एक इनके द्वारा की गयी एक बुजुर्ग टाइपिस्ट की स्टोरी ने पूरी दुनिया ख्याति प्राप्त की। 2016 में इन्हें पत्रकारिता जगत में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए नारद पुरुस्कार से सम्मानित किया गया था । 2017 में फोटोग्राफी क्लब ऑफ इंडिया द्वारा आयोजित इंटरनेशनल फोटोग्राफी कम्पटीशन में इन्होंने दूसरा स्थान हासिल किया । 2019 में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा आयोजित कुंभ फोटोग्राफी प्रतियोगिता में इन्होंने तृतीय पुरुस्कार मिला था ।।

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