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लखनऊ के होटल की 10वीं मंजिल से गिरी युवती, कमरे में मिले सुराग और दोस्त के फरार होने से गहराया रहस्य
Lucknow: लखनऊ के होटल की 10वीं मंजिल से गिरकर युवती की मौत, कमरे में बिखरा सामान और दोस्त के फरार होने से कई सवाल खड़े हो गए हैं। आखिर उस शाम होटल में क्या हुआ था?
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Lucknow: राजधानी लखनऊ के सुशांत गोल्फ सिटी थाना क्षेत्र में स्थित एक होटल की दसवीं मंजिल से गिरकर 24 वर्षीय युवती समरीन की मौत के मामले में हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है। परिजनों ने सुलतानपुर निवासी उसके दोस्त अवनीश जायसवाल उर्फ देव पर शादी और आपसी संबंधों को लेकर हुए विवाद के बाद मारपीट करने तथा होटल के कमरे से नीचे धक्का देने का आरोप लगाया है। सोमवार, 12 अक्टूबर को हुई इस घटना के बाद से अवनीश फरार बताया जा रहा है। पुलिस उसकी तलाश में दबिश दे रही है। होटल के जिस कमरे में दोनों ठहरे थे, वहाँ सामान बिखरा मिलने से घटना से पहले संघर्ष होने की आशंका जताई जा रही है। हालाँकि, समरीन को वास्तव में धक्का दिया गया था या वह किसी अन्य परिस्थिति में नीचे गिरी, इसकी अंतिम पुष्टि पुलिस की जाँच और वैज्ञानिक साक्ष्यों से ही हो सकेगी।
घटना पुलिस मुख्यालय के पीछे ओमेक्स न्यू हजरतगंज स्थित सेलेस्टियल मैनर होटल की है। पुलिस के अनुसार, समरीन और अवनीश सोमवार सुबह लगभग 11 बजकर 46 मिनट पर होटल के दसवें तल पर स्थित कमरा संख्या 1037 में पहुँचे थे। देर शाम समरीन उसी कमरे से संदिग्ध परिस्थितियों में नीचे गिर गई। गंभीर चोटों के कारण उसकी मौत हो गई। घटना के बाद अवनीश के फरार होने की जानकारी सामने आई है। समरीन की बहन शीबा की शिकायत पर सुशांत गोल्फ सिटी थाने में हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है।
इस मामले में सबसे महत्वपूर्ण प्रश्न यह है कि होटल के कमरे में दोनों के बीच क्या हुआ और समरीन किन परिस्थितियों में दसवीं मंजिल से नीचे गिरी। परिजनों का कहना है कि समरीन और अवनीश के बीच शादी तथा संबंधों को लेकर विवाद चल रहा था। आरोप है कि इसी विवाद के दौरान अवनीश ने उसके साथ मारपीट की और विरोध करने पर उसे नीचे धकेल दिया।
कपड़े खरीदने घर से निकली थी समरीन, रास्ते में मिला अवनीश
समरीन लखनऊ के चौक क्षेत्र की चौपटिया निवासी सूफिया बानो की बेटी थी। परिवार के अनुसार, सोमवार सुबह करीब साढ़े दस बजे वह अपनी बड़ी बहन शीबा के साथ कपड़े खरीदने के लिए घर से निकली थी। दोनों नक्खास क्षेत्र पहुँची थीं। इसके बाद शीबा अपने कार्यालय चली गई, जबकि समरीन की मुलाकात अवनीश जायसवाल से हुई।
अवनीश मूल रूप से सुलतानपुर जिले के दोस्तपुर का रहने वाला बताया गया है। वह पहले से समरीन के संपर्क में था और उससे मिलने लखनऊ आता-जाता था। परिजनों के अनुसार, दोनों के बीच काफी समय से बातचीत और मुलाकातों का सिलसिला चल रहा था।
समरीन की माँ सूफिया बानो ने आरोप लगाया है कि अवनीश उनकी बेटी को बातचीत करने के बहाने अपने साथ ले गया। परिवार की ओर से पुलिस को दी गई शिकायत में उसे जबरन कार में बैठाकर होटल ले जाने का भी आरोप लगाया गया है। हालाँकि, समरीन अपनी इच्छा से अवनीश के साथ गई थी या उस पर दबाव बनाया गया था, यह जाँच का विषय है।
होटल के उपलब्ध विवरण के अनुसार, दोनों सुबह 11:46 बजे कमरे में पहुँचे थे। पुलिस के लिए होटल में प्रवेश से लेकर घटना होने तक का पूरा घटनाक्रम स्थापित करना महत्वपूर्ण होगा।
दोपहर में माँ से कहा था, तीन बजे तक घर लौट आऊँगी
समरीन के परिवार के अनुसार, सोमवार दोपहर लगभग एक बजे उसकी माँ सूफिया बानो ने बेटी को फोन किया था। बातचीत के दौरान समरीन ने बताया था कि वह करीब तीन बजे तक घर लौट आएगी।
परिवार को उस समय यह अंदेशा नहीं था कि कुछ घंटे बाद उसकी मौत की सूचना मिलेगी। जब निर्धारित समय तक समरीन घर नहीं पहुँची, तो उसकी बहन ने दोबारा संपर्क करने का प्रयास किया।
रिश्तेदारों के अनुसार, समरीन ने अपनी बहन को बताया था कि अवनीश उसे घर जाने नहीं दे रहा है। उसने अपनी लोकेशन भेजने की बात कही थी, ताकि बहन उसके लिए वाहन की व्यवस्था कर सके।
परिवार के अलग-अलग सदस्यों के बयानों में संपर्क के समय को लेकर कुछ अंतर है। एक विवरण के अनुसार, दोपहर लगभग एक बजे बातचीत हुई थी, जबकि दूसरे में करीब तीन बजे बहन से संपर्क होने का उल्लेख है। इन समयों की पुष्टि मोबाइल कॉल रिकॉर्ड और संदेशों से की जा सकती है।
समरीन ने कथित तौर पर बहन से कहा था कि वह अपनी लोकेशन भेज देगी। इसके बाद काफी देर तक कोई संदेश नहीं आया। परिजनों ने दोबारा फोन किया, लेकिन मोबाइल बंद मिला।
यह घटनाक्रम पुलिस जाँच में महत्वपूर्ण हो सकता है, क्योंकि इससे घटना से पहले समरीन की स्थिति और उसके संपर्कों के बारे में जानकारी मिल सकती है।
शादी को लेकर चल रहा था विवाद, परिजनों ने लगाए गंभीर आरोप
समरीन के परिवार का आरोप है कि अवनीश और उसके बीच संबंधों को लेकर पिछले कुछ महीनों से तनाव चल रहा था। परिजनों के अनुसार, अवनीश की शादी कहीं और तय होने की बात सामने आई थी। इसके बाद दोनों के बीच विवाद बढ़ गया था।
परिवार के एक विवरण में कहा गया है कि अवनीश पिछले लगभग चार महीनों से समरीन को परेशान कर रहा था। दूसरी ओर माँ की शिकायत में अवनीश द्वारा समरीन पर शादी का दबाव बनाने का आरोप भी सामने आया है।
इन विवरणों से इतना स्पष्ट होता है कि परिजन दोनों के बीच शादी और संबंधों को लेकर विवाद होने की बात कह रहे हैं। लेकिन शादी के लिए कौन किस पर दबाव बना रहा था और विवाद का वास्तविक कारण क्या था, इस संबंध में उपलब्ध बयानों में पूरी एकरूपता नहीं है।
पुलिस को दोनों के मोबाइल फोन, संदेशों, सोशल मीडिया पर हुई बातचीत और अन्य साक्ष्यों के आधार पर विवाद की प्रकृति स्पष्ट करनी होगी।
परिजनों का यह भी आरोप है कि होटल के कमरे में शादी की बात पर विवाद होने के बाद अवनीश ने समरीन के साथ मारपीट की। शिकायत में उसके साथ जबरदस्ती करने के प्रयास का आरोप भी लगाया गया है। परिवार का कहना है कि विरोध करने पर उसे दसवीं मंजिल से धक्का दे दिया गया।
ये आरोप हत्या के मुकदमे की जाँच का हिस्सा हैं। अभी उपलब्ध जानकारी में किसी प्रत्यक्षदर्शी या वैज्ञानिक जाँच के आधार पर घटनाक्रम की अंतिम पुष्टि नहीं हुई है।
कमरे में बिखरा मिला सामान, संघर्ष होने की आशंका
पुलिस की टीम जब होटल की दसवीं मंजिल पर स्थित कमरे में पहुँची, तो वहाँ सामान बिखरा मिला। शुरुआती जाँच में कमरे की स्थिति देखकर घटना से पहले दोनों के बीच संघर्ष होने की आशंका जताई गई है।
हालाँकि, कमरे में सामान बिखरा होना अपने आप में यह प्रमाणित नहीं करता कि मारपीट हुई थी या किसी व्यक्ति को जानबूझकर नीचे धकेला गया था। इसके लिए घटनास्थल की वैज्ञानिक जाँच और अन्य साक्ष्यों का मिलान आवश्यक है।
जाँच में कमरे के भीतर वस्तुओं की स्थिति, संभावित संघर्ष के निशान, खिड़की या बालकनी की बनावट और उस स्थान की परिस्थितियाँ महत्वपूर्ण हो सकती हैं, जहाँ से समरीन के गिरने की बात कही जा रही है।
यदि कमरे में किसी प्रकार के रक्तचिह्न, फिंगरप्रिंट या अन्य जैविक साक्ष्य मिले हों, तो उनका वैज्ञानिक परीक्षण भी घटनाक्रम समझने में सहायता कर सकता है। हालाँकि, उपलब्ध समाचार में ऐसे विशिष्ट साक्ष्यों की बरामदगी की पुष्टि नहीं की गई है।
पुलिस के सामने यह भी प्रश्न होगा कि समरीन के गिरने से ठीक पहले कमरे में कौन मौजूद था और घटना के तत्काल बाद क्या हुआ।
सिर में गंभीर चोट, पसलियाँ और हड्डियाँ टूटीं
समरीन की मौत के संबंध में उपलब्ध पोस्टमार्टम विवरण के अनुसार, ऊँचाई से गिरने के कारण उसके सिर में गंभीर चोट आई थी। शरीर की कई हड्डियाँ और पसलियाँ टूटने तथा आंतरिक रक्तस्राव की जानकारी भी सामने आई है।
दसवीं मंजिल जैसी ऊँचाई से गिरने पर शरीर को अत्यंत गंभीर चोटें लग सकती हैं। ऐसी चोटें जानलेवा हो सकती हैं। लेकिन चोटों की प्रकृति से मौत का चिकित्सकीय कारण समझ में आने के बावजूद यह प्रश्न अलग रहता है कि व्यक्ति नीचे कैसे गिरा।
किसी को धक्का दिया गया था, वह दुर्घटनावश गिरा या घटना की कोई अन्य परिस्थिति थी, इसका निर्धारण केवल चोटों के आधार पर हर मामले में नहीं किया जा सकता।
इसके लिए पोस्टमार्टम निष्कर्षों के साथ घटनास्थल की परिस्थितियों, संभावित प्रत्यक्षदर्शियों, सीसीटीवी फुटेज और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों का परीक्षण आवश्यक होगा।
इंस्टाग्राम पर हुई थी दोस्ती, 'देव' नाम से बना था अकाउंट
समरीन और अवनीश की पहचान सोशल मीडिया मंच इंस्टाग्राम के माध्यम से हुई थी। उपलब्ध विवरण के अनुसार, अवनीश ने 'देव' नाम से एक इंस्टाग्राम अकाउंट बनाया हुआ था। बताया गया है कि उस अकाउंट की एकमात्र फॉलोअर समरीन थी।
इंस्टाग्राम पर बातचीत शुरू होने के बाद दोनों ने एक-दूसरे के मोबाइल नंबर साझा किए। इसके बाद उनकी मुलाकातें होने लगीं और दोनों के बीच नजदीकियाँ बढ़ीं।
परिवार के अनुसार, अवनीश अक्सर सुलतानपुर से लखनऊ आता था और समरीन से मिलता था। समरीन ने अपनी बहनों को भी उसके बारे में बताया था।
पुलिस जाँच में यह सोशल मीडिया संपर्क महत्वपूर्ण हो सकता है। दोनों के बीच बातचीत कब शुरू हुई, संबंधों में तनाव कब आया और घटना से पहले क्या संदेश भेजे गए, इन प्रश्नों के उत्तर डिजिटल रिकॉर्ड से मिल सकते हैं।
हालाँकि, किसी सोशल मीडिया अकाउंट पर सीमित फॉलोअर होने या अलग नाम इस्तेमाल करने मात्र से आपराधिक उद्देश्य का निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता।
'आज आखिरी बार बात करके मामला तय करूँगी'
समरीन के ममेरे भाई फैजान के अनुसार, घटना वाले दिन समरीन ने अपनी बहन से कहा था कि वह अवनीश से बातचीत करके दोनों के संबंधों को लेकर अंतिम निर्णय करेगी।
परिवार के अनुसार, समरीन यह स्पष्ट करना चाहती थी कि दोनों के संबंध आगे किस दिशा में जाएँगे। परिजनों का आरोप है कि अवनीश की शादी कहीं और तय होने के कारण दोनों के बीच तनाव बना हुआ था।
इस संदर्भ में सोमवार की मुलाकात महत्वपूर्ण हो जाती है। पुलिस को यह पता लगाना होगा कि क्या दोनों के बीच पहले से मिलने का कार्यक्रम तय था, होटल जाने का निर्णय किसने लिया और वहाँ किस विषय पर बातचीत हुई।
यह भी जाँचना होगा कि होटल पहुँचने के बाद दोनों ने किसी तीसरे व्यक्ति से संपर्क किया था या नहीं। घटना से पहले भेजे गए संदेश और किए गए फोन कॉल घटनाक्रम की समयरेखा बनाने में सहायता कर सकते हैं।
समरीन की शादी छह साल पहले हुई थी, तलाक का मुकदमा चल रहा था
समरीन का विवाह 26 फरवरी 2020 को लखनऊ के चौक क्षेत्र निवासी मोहम्मद कैफ से हुआ था। परिवार के अनुसार, वैवाहिक संबंधों में विवाद के कारण दोनों लगभग तीन वर्ष से अलग रह रहे थे।
समरीन अपनी माँ और बहनों के साथ मायके में रह रही थी। उसका अपने पति से तलाक का मुकदमा न्यायालय में विचाराधीन था।
परिजनों के अनुसार, 13 अक्टूबर को तलाक के मामले में सुनवाई निर्धारित थी। कुछ पारिवारिक सदस्यों ने इसे अंतिम सुनवाई बताया है, लेकिन न्यायालय की कार्यवाही का आधिकारिक विवरण उपलब्ध नहीं है। इसलिए यह निश्चित नहीं कहा जा सकता कि उसी दिन तलाक का अंतिम फैसला होना था।
समरीन का एक बेटा भी था। परिवार के अनुसार, लगभग तीन वर्ष पहले डायरिया से उसकी मौत हो गई थी। इसके बाद समरीन को निजी जीवन में कई कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ा।
वह मुंशीपुलिया क्षेत्र के एक ब्यूटी पार्लर में काम करती थी, लेकिन बताया गया है कि लगभग दो महीने से वहाँ काम पर नहीं जा रही थी।
पिता की मौत के बाद माँ और भाई-बहनों के साथ रह रही थी
समरीन पाँच भाई-बहनों में तीसरे नंबर पर थी। उसके दो भाई इमरान और आमिर ओमान में नौकरी करते हैं। परिवार में उसकी बहनें भी हैं। बड़ी बहन शीबा विवाहित है।
समरीन के पिता का निधन पहले ही हो चुका था। उपलब्ध पारिवारिक विवरणों में उनके निधन के वर्ष को लेकर अंतर है। एक रिपोर्ट में वर्ष 2014 बताया गया है, जबकि दूसरे विवरण में लगभग 16 वर्ष पहले निधन होने का उल्लेख है। इस अंतर की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
समरीन की मौत की सूचना मिलने के बाद परिवार में शोक का माहौल है। माँ सूफिया बानो ने बेटी की मौत के लिए अवनीश को जिम्मेदार ठहराते हुए उसके खिलाफ कार्रवाई की माँग की है।
परिवार का कहना है कि यदि अवनीश समरीन से संबंध नहीं रखना चाहता था, तो उसे अलग हो जाना चाहिए था। परिजनों ने सवाल उठाया है कि संबंधों में विवाद होने पर समरीन की जान क्यों गई।
परिवार की यह पीड़ा समझी जा सकती है, लेकिन घटना की कानूनी जिम्मेदारी पुलिस जाँच और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर ही निर्धारित होगी।
बहन की शिकायत पर हत्या का मुकदमा, आरोपी की तलाश जारी
पुलिस उपायुक्त दक्षिणी मोहम्मद मुश्ताक के अनुसार, समरीन की बहन की शिकायत पर हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोपी अवनीश जायसवाल उर्फ देव की तलाश की जा रही है।
उपलब्ध रिपोर्टों में पुलिस की दो से चार टीमों तथा सर्विलांस टीम के लगाए जाने का उल्लेख है। टीमों की संख्या को लेकर विवरण अलग-अलग हैं, लेकिन पुलिस द्वारा आरोपी की तलाश में कई स्तर पर कार्रवाई किए जाने की जानकारी सामने आई है।
गोसाईगंज के सहायक पुलिस आयुक्त ऋषभ यादव ने भी समरीन के पारिवारिक और वैवाहिक संबंधों से जुड़ी जानकारी दी है।
जाँच में अवनीश के मोबाइल फोन की लोकेशन, उसके संपर्कों और घटना के बाद की गतिविधियों का परीक्षण महत्वपूर्ण हो सकता है। इसके अतिरिक्त होटल के प्रवेश और निकास मार्गों पर उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज से भी यह पता लगाने में सहायता मिल सकती है कि वह कब होटल पहुँचा और वहाँ से कब निकला।
अभी उपलब्ध विवरण में अवनीश की गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं हुई है।
होटल की सुरक्षा व्यवस्था और कर्मचारियों की भूमिका भी जाँच के दायरे में
दसवीं मंजिल से एक युवती की मौत होने के कारण होटल की सुरक्षा व्यवस्था से संबंधित प्रश्न भी महत्वपूर्ण हो गए हैं।
पुलिस को यह देखना होगा कि होटल में दोनों के प्रवेश का रिकॉर्ड किस प्रकार दर्ज किया गया था, पहचान संबंधी औपचारिकताएँ पूरी हुई थीं या नहीं और घटना के समय कर्मचारियों को किसी विवाद या असामान्य गतिविधि की जानकारी मिली थी या नहीं।
होटल के गलियारों, लिफ्ट और प्रवेश-निकास मार्गों पर उपलब्ध कैमरों की रिकॉर्डिंग घटनाक्रम स्थापित करने में सहायता कर सकती है।
इसके अतिरिक्त यह भी महत्वपूर्ण होगा कि समरीन के गिरने की सूचना सबसे पहले किसे मिली, होटल प्रबंधन ने तत्काल क्या कार्रवाई की और पुलिस तथा चिकित्सा सहायता को किस समय सूचित किया गया।
हालाँकि, उपलब्ध समाचार में होटल प्रबंधन की ओर से किसी लापरवाही की पुष्टि नहीं की गई है। इसलिए जाँच पूरी होने से पहले होटल को घटना के लिए जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं होगा।
हत्या या दुर्घटना, वैज्ञानिक साक्ष्यों से तय होगा घटनाक्रम
समरीन की मौत के मामले में परिजनों ने स्पष्ट रूप से हत्या का आरोप लगाया है। पुलिस ने इसी शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज किया है। लेकिन घटना की वास्तविक परिस्थितियों को स्थापित करने के लिए कई महत्वपूर्ण प्रश्नों के उत्तर आवश्यक हैं।
सबसे पहले यह स्पष्ट होना चाहिए कि समरीन जिस स्थान से गिरी, वहाँ की भौतिक स्थिति क्या थी। क्या वहाँ से दुर्घटनावश गिरना संभव था? क्या किसी संघर्ष के निशान मिले? क्या कमरे में मौजूद वस्तुओं की स्थिति परिजनों के आरोपों का समर्थन करती है?
दूसरा प्रश्न घटना के समय का है। होटल में दोनों सुबह पहुँचे थे, जबकि समरीन की मौत देर शाम हुई। इस दौरान क्या हुआ, किससे संपर्क किया गया और क्या किसी कर्मचारी ने असामान्य गतिविधि देखी, यह जानकारी महत्वपूर्ण होगी।
तीसरा प्रश्न अवनीश की भूमिका से जुड़ा है। यदि वह घटना के बाद होटल से चला गया, तो उसके जाने का समय और परिस्थितियाँ क्या थीं? क्या उसके पास घटना के संबंध में कोई जानकारी है? इन प्रश्नों की जाँच आवश्यक है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट, डिजिटल रिकॉर्ड, होटल के दस्तावेज और वैज्ञानिक परीक्षण के परिणामों को एक साथ देखने पर ही घटना की अधिक स्पष्ट तस्वीर सामने आ सकती है।
संबंधों में विवाद से मौत तक पहुँची घटना, जवाबदेही तय करना जरूरी
समरीन की मौत ने एक युवा महिला के निजी संबंधों, कथित दबाव और संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मृत्यु से जुड़े कई गंभीर प्रश्न सामने रखे हैं। परिवार का आरोप है कि शादी और संबंधों को लेकर विवाद के बाद उसके साथ मारपीट की गई और दसवीं मंजिल से नीचे धकेल दिया गया।
समरीन की अपनी बहन से हुई अंतिम बातचीत भी जाँच के लिए महत्वपूर्ण है। यदि उसने वास्तव में बताया था कि उसे घर जाने नहीं दिया जा रहा है, तो पुलिस को यह पता लगाना होगा कि उस समय उसकी स्थिति क्या थी और उसके बाद घटनाक्रम किस दिशा में बढ़ा।
मामले में आरोपी की गिरफ्तारी, होटल के डिजिटल और भौतिक साक्ष्यों का परीक्षण तथा पोस्टमार्टम निष्कर्षों का विश्लेषण आगे की जाँच के महत्वपूर्ण चरण होंगे।
समरीन की मौत के मामले में फिलहाल हत्या का मुकदमा दर्ज है और अवनीश जायसवाल की तलाश जारी है। परिवार ने हत्या के गंभीर आरोप लगाए हैं, लेकिन अंतिम कानूनी निष्कर्ष जाँच और न्यायालय की प्रक्रिया के बाद ही सामने आएगा। आवश्यक है कि घटना के सभी पहलुओं की निष्पक्ष जाँच हो, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि 12 अक्टूबर की शाम होटल की दसवीं मंजिल पर वास्तव में क्या हुआ था।


