Lucknow: एलडीए की आवासीय योजना पर सिंचाई विभाग का नोटिस, 7 दिन में खाली करने का निर्देश

Lucknow: लखनऊ की सरदार वल्लभभाई पटेल आवासीय योजना में सिंचाई विभाग द्वारा मकान खाली करने का नोटिस जारी करने से बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। विभाग ने सात दिनों के भीतर खाली करने की चेतावनी दी है।

Ashutosh Tripathi
Published on: 18 Jun 2026 1:37 PM IST
Lucknow News
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Lucknow: राजधानी लखनऊ में एक नया विवाद सामने आया है। सिंचाई विभाग ने सरदार वल्लभभाई पटेल आवासीय योजना में रहने वाले लोगों को नोटिस जारी कर सात दिनों के भीतर मकान खाली करने का निर्देश दिया है। नोटिस में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि निर्धारित समय सीमा के भीतर परिसर खाली नहीं किया गया तो विभाग स्वयं कार्रवाई करते हुए कब्जा हटाएगा। हालांकि अभी किसी ने इस फ्लैट में रहना शुरू नहीं किया है।

इस कार्रवाई के बाद योजना में रहने वाले लोगों में हड़कंप मच गया है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि यह आवासीय योजना लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) द्वारा विकसित की गई है और उन्हें वैधानिक प्रक्रिया के तहत यहां आवास उपलब्ध कराए गए थे।


ऐसे में सिंचाई विभाग द्वारा इस भूमि को अतिक्रमण बताना कई सवाल खड़े कर रहा है। गौरतलब है कि यह आवासीय योजना उस जमीन पर विकसित की गई थी जहां पहले बाहुबली नेता मुख़्तार अंसारी से जुड़ा आवास मौजूद था। सरकार द्वारा बुलडोजर कार्रवाई के बाद उस स्थान पर गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए सरदार वल्लभभाई पटेल आवासीय योजना बनाई गई थी। अब उसी योजना को लेकर सिंचाई विभाग के नोटिस ने नया विवाद खड़ा कर दिया है।

नोटिस मिलने के बाद निवासियों में भारी नाराजगी है। उनका कहना है कि यदि भूमि सिंचाई विभाग की थी तो एलडीए ने वहां आवासीय योजना कैसे विकसित कर दी और लोगों को आवंटन किस आधार पर किया गया। लोगों ने सरकार और संबंधित विभागों से मामले की स्पष्टता लाने तथा उन्हें बेघर होने से बचाने की मांग की है। फिलहाल सिंचाई विभाग की ओर से नोटिस जारी कर आगे की कार्रवाई की चेतावनी दी गई है, जबकि योजना में रहने वाले परिवार अपने आशियाने को बचाने के लिए संघर्ष की तैयारी कर रहे हैं। मामला अब प्रशासनिक स्तर पर बड़ा विवाद बनता नजर आ रहा है।

Ashutosh Tripathi
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Ashutosh Tripathi

आशुतोष त्रिपाठी जन्म 17 अप्रैल 1988 एक भारतीय फोटोग्राफर और फोटो जर्नलिस्ट हैं। पत्रकारिता जीवन की शुरुआत बतौर रिपोर्टर वॉइस ऑफ़ मूवमेंट में हुई, इसके बाद 2013 में नव भारत टाइम्स में एक युवा फोटो जर्नलिस्ट के रूप में कार्यरत थे। आशुतोष त्रिपाठी ने 2007 में एमिटी विश्वविद्यालय से मास्टर इन जर्नलिस्म एंड मास कम्युनिकेशन का कोर्स किया। 2010 में वौइस् ऑफ मूवमेंट अखबार में बतौर रिपोर्टर तीन साल काम किया। इसके बाद 2013 में नव भारत टाइम्स में एक युवा फोटो जर्नलिस्ट के रूप में कार्यरत थे। 2014 में एक फोटोग्राफर बने और एक साल बाद दैनिक भास्कर उत्तर प्रदेश में सीनियर फोटोजर्नलिस्ट के रूप में कार्यरत रहे। 2016 से लगातार newstrack.com में चीफ फोटोजर्नलिस्ट के पद पर कार्यरत हैं। 2015 में एक इनके द्वारा की गयी एक बुजुर्ग टाइपिस्ट की स्टोरी ने पूरी दुनिया ख्याति प्राप्त की। 2016 में इन्हें पत्रकारिता जगत में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए नारद पुरुस्कार से सम्मानित किया गया था । 2017 में फोटोग्राफी क्लब ऑफ इंडिया द्वारा आयोजित इंटरनेशनल फोटोग्राफी कम्पटीशन में इन्होंने दूसरा स्थान हासिल किया । 2019 में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा आयोजित कुंभ फोटोग्राफी प्रतियोगिता में इन्होंने तृतीय पुरुस्कार मिला था ।।

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