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Lucknow News: लखनऊ विश्वविद्यालय में हॉस्टल को लेकर छात्रों का आक्रोश, राज्यपाल से निष्पक्ष जांच की मांग
Lucknow News: लखनऊ विश्वविद्यालय में हॉस्टल आवंटन में कथित अनियमितताओं के खिलाफ छात्रों का धरना पांचवें दिन भी जारी रहा। महानवमी पर हवन कर विद्यार्थियों ने पारदर्शी आवंटन सूची और निष्पक्ष जांच की मांग की।
Lucknow News (Image Credit-Ashutosh Tripathi)
लखनऊ। लखनऊ विश्वविद्यालय में छात्रावास (हॉस्टल) आवंटन में कथित अनियमितता और पारदर्शिता की कमी को लेकर छात्रों का आक्रोश चरम पर पहुंच गया है। परिसर में चल रहे अनिश्चितकालीन धरने के पांचवें दिन, महानवमी के पावन अवसर पर विद्यार्थियों ने अनोखा विरोध दर्ज कराते हुए बाकायदा हवन-पूजन किया। छात्रों ने हवन कुंड में आहुतियां डालकर विश्वविद्यालय के कुलपति, छात्र कल्याण अधिष्ठाता (डीएसडब्ल्यू) और चीफ प्रोवोस्ट को सद्बुद्धि देने की प्रार्थना की।
प्रदर्शनकारी छात्रों का सीधा आरोप है कि उच्च मेरिट और बेहतरीन शैक्षणिक रिकॉर्ड के बावजूद जरूरतमंद और मेधावी छात्रों को कमरों से वंचित रखा जा रहा है, जबकि रिक्त सीटों के आवंटन का कोई स्पष्ट आधार सार्वजनिक नहीं किया जा रहा।
19वीं रैंक और 75% अंक वालों को भी छत नहीं
हॉस्टल आवंटन की विसंगतियों को बयां करते हुए छात्रों ने चौंकाने वाले आंकड़े सामने रखे। उन्नाव के छात्र कार्तिकेय पटेल ने एमए लोक प्रशासन प्रवेश परीक्षा में 19वीं रैंक हासिल की, लेकिन उन्हें हॉस्टल आवंटित नहीं किया गया। प्रयागराज दिव्यांश पांडेय की बीए में 661वीं रैंक है।
उनका घर विश्वविद्यालय से लगभग 200 किलोमीटर दूर है, फिर भी उन्हें सूची से बाहर रखा गया। अनुराग सिंह तोमर स्नातक के दौरान दो वर्ष हॉस्टल में रह चुके हैं और उन्होंने 75% अंक अर्जित किए थे। बिना किसी अनुशासनात्मक कार्रवाई या नोटिस के बावजूद, वह पिछले तीन महीनों से एक कमरे के लिए प्रशासनिक दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं।
इतनी दूर से आए ही क्यों? अधिकारियों की बेरुखी पर भड़का गुस्सा
बिहार के सीवान (महाराजगंज) से बीए प्रथम वर्ष में दाखिला लेने आए प्रांजल उपाध्याय ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर अत्यंत असंवेदनशील रवैये का आरोप लगाया। प्रांजल के अनुसार जब उन्होंने दूर-दराज से आने का हवाला देकर हॉस्टल आवंटन का आग्रह किया, तो कथित तौर पर प्रशासनिक अधिकारियों ने कहा तुम इतनी दूर से आए ही क्यों। छात्रों का कहना है कि लखनऊ विश्वविद्यालय एक प्रतिष्ठित संस्थान है जहां देश भर से छात्र पढ़ने आते हैं। ऐसे में दूर-दराज के मेधावियों के साथ इस प्रकार का उपहास पूर्ण व्यवहार अस्वीकार्य है।
राज्यपाल से गुहार, रिक्त सीटों का ब्योरा सार्वजनिक करने की मांग
धरनारत विद्यार्थियों ने उत्तर प्रदेश की राज्यपाल एवं कुलाधिपति से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
छात्रों की प्रमुख मांगें हैं:
1. सीटों का सार्वजनिक ब्योरा: आधिकारिक सूची जारी होने के बाद बची हुई और निरस्त दाखिलों से रिक्त सीटों के आवंटन का आधार तत्काल सार्वजनिक किया जाए।
2. स्पष्ट मानक: सीधे प्रवेश (Direct Admission) वाले करीब 50 पाठ्यक्रमों के लिए हॉस्टल आवंटन के नियम व मानक पारदर्शी किए जाएं।
3. ऑनलाइन सूची: हॉस्टलवार और पाठ्यक्रमवार संपूर्ण आवंटन सूची विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड हो।
4. परिसर व मेस सुधार: नवीन और मुख्य परिसर के हॉस्टलों की बदहाल स्थिति तथा मेस संचालन में व्याप्त अनियमितताओं को दुरुस्त किया जाए।


