Lucknow News: लखनऊ में ‘वोट चोरी’ के खिलाफ नागरिक मार्च, पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया

Lucknow News: गांधी जयंती पर लखनऊ में ‘वोट चोरी’ के आरोपों के खिलाफ नागरिक मार्च निकाला गया। परिवर्तन चौक पर जुटे प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने हिरासत में लिया।

Ashutosh Tripathi
Published on: 2 Oct 2026 11:03 PM IST
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Lucknow News (Image Credit-Social Media)

लखनऊ। गांधी जयंती के मौके पर लखनऊ में ‘वोट चोरी’ के आरोपों के खिलाफ नागरिक मार्च निकाला गया। परिवर्तन चौक से प्रस्तावित इस मार्च में बड़ी संख्या में नागरिक, सामाजिक कार्यकर्ता और विभिन्न जन आंदोलनों से जुड़े लोग शामिल हुए। मार्च के लिए लोगों के जुटते ही पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेना शुरू कर दिया। इसके बावजूद प्रदर्शनकारी पीछे नहीं हटे और बड़ी संख्या में लोगों ने गिरफ्तारी दी। नागरिक मार्च का आयोजन लोकतांत्रिक अधिकारों और मताधिकार से जुड़े सवालों को सामने रखने के लिए किया गया था।

प्रदर्शन में लखनऊ विश्वविद्यालय की पूर्व कुलपति प्रो. रूपरेखा वर्मा, पॉलिटिकल सटायरिस्ट राजीव ध्यानी, डॉ. मेडुसा, दुर्गेश चौधरी, जूही सिंह और नेहा यादव समेत कई नागरिक शामिल रहे। प्रदर्शनकारियों ने चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और मताधिकार की सुरक्षा को लेकर आवाज उठाई। पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने के दौरान भी प्रदर्शनकारियों की ओर से नारेबाजी जारी रही।

गिरफ्तारी से आवाज नहीं दबेगी



प्रदर्शन के दौरान डॉ. सुधांशु बाजपेई ने कहा कि चुनाव और वोट से जुड़े सवाल केवल राजनीतिक दलों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि आम नागरिकों के लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़े हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि ‘वोट चोरी’ के आरोपों पर सवाल उठाने वाले नागरिकों को प्रदर्शन से रोककर उनकी आवाज दबाने की कोशिश की जा रही है।



उन्होंने कहा कि गांधी जयंती के दिन नागरिक अपने मताधिकार और लोकतांत्रिक व्यवस्था से जुड़े सवालों को लेकर सड़क पर उतरे हैं। उनका कहना था कि लोकतंत्र में जनता को सवाल पूछने और अपनी बात रखने का अधिकार है। गिरफ्तारी के बावजूद संघर्ष जारी रखने की बात भी उन्होंने कही।

दिल्ली-मुंबई समेत कई शहरों में मार्च का आह्वान

वोट चोरी के आरोपों और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों को लेकर 2 अक्टूबर को दिल्ली, मुंबई समेत कई शहरों में प्रदर्शन और मार्च का आह्वान किया गया था। उत्तर प्रदेश में भी 2 से 8 अक्टूबर तक ‘लोकतंत्र बचाओ सप्ताह’ और ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ मार्च के कार्यक्रम घोषित किए गए हैं।

लखनऊ में हुए नागरिक मार्च के दौरान पुलिस की कार्रवाई और प्रदर्शनकारियों की गिरफ्तारी के बाद माहौल गरमा गया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि उन्हें हिरासत में लेकर उनके सवालों को खत्म नहीं किया जा सकता। उनका कहना था कि वोट का अधिकार लोकतंत्र की बुनियाद है और इससे जुड़े सवालों पर सार्वजनिक चर्चा जरूरी है।

Ashutosh Tripathi
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Ashutosh Tripathi

Chief Photojournalist Mail ID - tripathiashutosh88@gmail.comtripathiashutosh88@gmail.com

आशुतोष त्रिपाठी जन्म 17 अप्रैल 1988 एक भारतीय फोटोग्राफर और फोटो जर्नलिस्ट हैं। पत्रकारिता जीवन की शुरुआत बतौर रिपोर्टर वॉइस ऑफ़ मूवमेंट में हुई, इसके बाद 2013 में नव भारत टाइम्स में एक युवा फोटो जर्नलिस्ट के रूप में कार्यरत थे। आशुतोष त्रिपाठी ने 2007 में एमिटी विश्वविद्यालय से मास्टर इन जर्नलिस्म एंड मास कम्युनिकेशन का कोर्स किया। 2010 में वौइस् ऑफ मूवमेंट अखबार में बतौर रिपोर्टर तीन साल काम किया। इसके बाद 2013 में नव भारत टाइम्स में एक युवा फोटो जर्नलिस्ट के रूप में कार्यरत थे। 2014 में एक फोटोग्राफर बने और एक साल बाद दैनिक भास्कर उत्तर प्रदेश में सीनियर फोटोजर्नलिस्ट के रूप में कार्यरत रहे। 2016 से लगातार newstrack.com में चीफ फोटोजर्नलिस्ट के पद पर कार्यरत हैं। 2015 में एक इनके द्वारा की गयी एक बुजुर्ग टाइपिस्ट की स्टोरी ने पूरी दुनिया ख्याति प्राप्त की। 2016 में इन्हें पत्रकारिता जगत में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए नारद पुरुस्कार से सम्मानित किया गया था । 2017 में फोटोग्राफी क्लब ऑफ इंडिया द्वारा आयोजित इंटरनेशनल फोटोग्राफी कम्पटीशन में इन्होंने दूसरा स्थान हासिल किया । 2019 में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा आयोजित कुंभ फोटोग्राफी प्रतियोगिता में इन्होंने तृतीय पुरुस्कार मिला था ।।

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