TRENDING TAGS :
Lucknow News: ‘PDA’ के दावे पर पंकज चौधरी का वार, बोले- कुर्मी पीड़ित तो सपा की संवेदनाएं क्यों ठंडी?
Lucknow News: भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने बाराबंकी के जैदपुर में हंसराज वर्मा मामले को लेकर सपा और PDA की राजनीति पर सवाल उठाए। जानिए पूरा मामला।
Lucknow News (Image Credit-Social Media)
लखनऊ। भारतीय जनता पार्टी के उत्तर प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने बाराबंकी के जैदपुर में हंसराज वर्मा के साथ हुई कथित बर्बर घटना को लेकर समाजवादी पार्टी और उसके नेतृत्व पर तीखा हमला बोला है। फेसबुक पर किए गए अपने पोस्ट में चौधरी ने सपा के ‘PDA’ और समाजवाद के दावों पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि पीड़ित और आरोपी की जातीय पहचान के आधार पर सपा का रवैया बदल जाता है।
‘समाजवाद’ के दावे पर उठाया सवाल
पंकज चौधरी ने लिखा कि “सपाइयों के तथाकथित समाजवाद का यही असली चेहरा है।” उन्होंने सवाल उठाया कि जैदपुर में हंसराज वर्मा के साथ हुई घटना पर सपा प्रमुख और स्थानीय सपा विधायक की चुप्पी क्यों है।
चौधरी ने अपने पोस्ट में कहा कि हंसराज वर्मा कुर्मी समाज से आते हैं और सपा जिस ‘PDA’ यानी पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक सामाजिक समीकरण की बात करती है, उसमें कुर्मी समाज भी शामिल है। ऐसे में उनके साथ हुई घटना पर सपा नेतृत्व की कथित चुप्पी को लेकर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने सवाल खड़े किए।
‘आरोपी का नाम सामने आते ही संवेदनाएं ठंडी क्यों?’
भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि घटना में आरोपी का नाम सामने आने के बाद सपा की संवेदनाएं ठंडी पड़ गईं। उन्होंने सवाल किया कि पिछड़े समाज के लिए आवाज उठाने का दावा करने वाली सपा क्या कुर्मी समाज को पिछड़ा नहीं मानती?
चौधरी ने अपने पोस्ट में आरोपी के रूप में मनोज यादव का नाम लेते हुए आरोप लगाया कि पीड़ित कुर्मी और आरोपी यादव होने की वजह से सपा का रवैया अलग दिखाई दे रहा है। हालांकि, इस पोस्ट में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि इस खबर के आधार पर नहीं हुई है।
‘न्याय का पैमाना वोटबैंक से तय होता है’
पंकज चौधरी ने सपा पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि पार्टी का न्याय का पैमाना वोटबैंक से तय होता आया है। उन्होंने कहा कि सपा उन्हीं लोगों को पीड़ित और न्याय के योग्य मानती है, जिनसे उसे राजनीतिक लाभ दिखाई देता है।
उन्होंने इस पूरे मामले को सपा के PDA मॉडल से जोड़ते हुए कहा कि जनता अब उसके कथित दोहरे रवैये को समझ चुकी है।
2027 चुनाव से जोड़ा सियासी हमला
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने अपने पोस्ट में 2027 के विधानसभा चुनाव का भी जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश की जनता, खासकर कुर्मी समाज, सपा के इस कथित “अवसरवादी रवैये” का जवाब देने के लिए तैयार है।
पोस्ट के अंत में उन्होंने #सत्ताइस_में_सपा_साफ हैशटैग का इस्तेमाल किया। ऐसे में बाराबंकी की घटना अब सिर्फ कानून-व्यवस्था का मुद्दा न रहकर उत्तर प्रदेश की जातीय और चुनावी राजनीति में भी सियासी बहस का विषय बनती दिखाई दे रही है।


