आम कार्यकर्ता से राज्यसभा तक पहुंचे प्रकाश पाल, BJP ने OBC मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष पर जताया भरोसा

Lucknow: भाजपा ने प्रकाश पाल को यूपी से राज्यसभा उम्मीदवार बनाया। जानिए OBC मोर्चे से संसद तक पहुंचने का उनका राजनीतिक सफर।

Rajan Kashyap
Published on: 5 Oct 2026 10:44 PM IST
आम कार्यकर्ता से राज्यसभा तक पहुंचे प्रकाश पाल, BJP ने OBC मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष पर जताया भरोसा
X

(Image credit- Rajan Kashyap)


(video credit- Rajan Kashyap)

Lucknow: भारतीय जनता पार्टी ने उत्तर प्रदेश से राज्यसभा के लिए अपने आठ उम्मीदवारों के नाम का ऐलान कर दिया है। इनमें भाजपा पिछड़ा वर्ग मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष प्रकाश पाल का नाम भी शामिल है। पार्टी के इस फैसले के साथ ही लंबे समय से संगठन में सक्रिय प्रकाश पाल की राजनीतिक यात्रा अब संसद के उच्च सदन तक पहुंचने जा रही है।

राज्यसभा उम्मीदवार बनाए जाने के बाद प्रकाश पाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, संगठन से जुड़े वरिष्ठ नेताओं और पार्टी नेतृत्व का आभार जताया। उन्होंने इस मौके को अपने व्यक्तिगत सम्मान से ज्यादा भाजपा के आम कार्यकर्ता की जीत बताया।

प्रकाश पाल का कहना है कि पार्टी का सामान्य कार्यकर्ता अगर पूरी निष्ठा, ईमानदारी और समर्पण के साथ संगठन के लिए काम करता है तो भाजपा ऐसे कार्यकर्ता की मेहनत को पहचानती है और उसे महत्वपूर्ण जिम्मेदारी देने का काम करती है। राज्यसभा का टिकट मिलने को भी उन्होंने इसी विश्वास और संगठन के प्रति अपनी वर्षों की मेहनत का परिणाम बताया।

क्षेत्रीय अध्यक्ष से प्रदेश के OBC मोर्चा तक का सफर

प्रकाश पाल को जून 2026 में भाजपा ने पिछड़ा वर्ग मोर्चा का प्रदेश अध्यक्ष बनाया था। इससे पहले वह भाजपा के कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र के क्षेत्रीय अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। पार्टी की नई संगठनात्मक टीम में उनकी जगह रामकिशोर साहू को कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र की जिम्मेदारी दी गई।

प्रकाश पाल के संगठनात्मक सफर में इससे पहले भी कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां रही हैं। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक वह भाजपा के पश्चिम क्षेत्र में दो बार क्षेत्रीय संगठन मंत्री रह चुके हैं। फतेहपुर और कानपुर देहात में भी उन्होंने संगठन के विस्तार और मजबूती के लिए काम किया।

यानी राज्यसभा तक पहुंचने से पहले प्रकाश पाल का बड़ा राजनीतिक आधार चुनावी राजनीति से ज्यादा संगठनात्मक काम और कार्यकर्ताओं के बीच सक्रियता रहा है।

2011 में सामाजिक न्याय मोर्चे की जिम्मेदारी

प्रकाश पाल के राजनीतिक सफर का एक अहम पड़ाव वर्ष 2011 माना जाता है। उस समय भाजपा के सामाजिक न्याय मोर्चे में उन्हें प्रदेश की जिला इकाइयों के गठन की जिम्मेदारी दी गई थी। बाद में यही संगठनात्मक ढांचा भाजपा के पिछड़ा वर्ग मोर्चे के रूप में विकसित हुआ।

रिपोर्टों के अनुसार, पिछड़ा वर्ग मोर्चे को राष्ट्रीय स्तर पर विस्तार देने के काम में भी प्रकाश पाल की भूमिका रही। उन्हें तत्कालीन भाजपा नेतृत्व की ओर से इस संगठन को राष्ट्रीय स्वरूप देने की जिम्मेदारी दी गई थी।

इसी संगठनात्मक पृष्ठभूमि ने आगे चलकर उन्हें पिछड़ा वर्ग के बीच भाजपा के प्रमुख चेहरों में स्थान दिलाया।

2023 में कानपुर-बुंदेलखंड के क्षेत्रीय अध्यक्ष बने

मार्च 2023 में भाजपा ने प्रकाश पाल को कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र का क्षेत्रीय अध्यक्ष बनाया था। यह क्षेत्र संगठन की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है और यहां बड़ी संख्या में पिछड़े वर्ग की आबादी है।

उस समय भी उनके चयन को पार्टी के संगठनात्मक अनुभव और पिछड़े वर्ग के बीच उनकी सक्रियता से जोड़कर देखा गया था। रिपोर्टों में यह भी उल्लेख था कि भाजपा के तत्कालीन पिछड़ा मोर्चा संगठन को मजबूत करने में प्रकाश पाल की भूमिका रही थी।

क्षेत्रीय अध्यक्ष के तौर पर उन्होंने कानपुर-बुंदेलखंड के विभिन्न जिलों में संगठनात्मक गतिविधियों, कार्यकर्ता बैठकों और चुनावी तैयारियों पर काम किया।

2026 में OBC मोर्चा की प्रदेश कमान

जून 2026 में भाजपा ने प्रदेश संगठन में बड़ा फेरबदल किया। इसी दौरान प्रकाश पाल को भाजपा पिछड़ा वर्ग मोर्चा का प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया।

इसके बाद उन्होंने पूरे प्रदेश में ओबीसी मोर्चे के संगठन को सक्रिय करने और कार्यकर्ताओं के साथ संवाद का सिलसिला तेज किया। अक्टूबर 2026 में उनकी अध्यक्षता में ओबीसी मोर्चे की प्रदेश टीम और छह क्षेत्रीय अध्यक्षों की भी घोषणा की गई। मोर्चे की प्रदेश टीम में चार महामंत्री, 12 उपाध्यक्ष समेत कुल 40 पदाधिकारियों को जगह दी गई।

इससे साफ है कि राज्यसभा उम्मीदवार बनाए जाने से पहले ही पार्टी ने उन्हें प्रदेश स्तर पर पिछड़े वर्ग के बीच संगठन को मजबूत करने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दे रखी थी।

OBC मुद्दों को लेकर लगातार मुखर रहे प्रकाश पाल

ओबीसी मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद प्रकाश पाल लगातार पिछड़े वर्ग से जुड़े मुद्दों और भाजपा की नीतियों को लेकर सार्वजनिक रूप से अपनी बात रखते रहे हैं।

जुलाई 2026 में भदोही में एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा था कि भाजपा सरकार में पिछड़ा समाज का हित सुरक्षित है। उन्होंने 2027 में भी भाजपा सरकार बनने की बात कही थी।

वहीं अगस्त 2026 में सोनभद्र में मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने विपक्ष के जातिगत समीकरणों से जुड़े दावों पर सवाल उठाए थे।

प्रयागराज में जुलाई में उन्होंने फिरोज गांधी की मजार पर श्रद्धांजलि देने के बाद राहुल गांधी और कांग्रेस परिवार को लेकर भी तीखी राजनीतिक टिप्पणी की थी।

इस तरह पिछले कुछ वर्षों में प्रकाश पाल की भूमिका सिर्फ संगठन तक सीमित नहीं रही, बल्कि वह भाजपा के OBC राजनीतिक नैरेटिव के प्रमुख वक्ताओं में भी नजर आए हैं।

राज्यसभा टिकट के साथ संगठन से संसद तक का सफर

प्रकाश पाल के राज्यसभा उम्मीदवार बनाए जाने की खास बात यह है कि उनका राजनीतिक सफर किसी बड़े चुनावी पद से शुरू नहीं हुआ। उनकी पहचान लंबे समय से संगठन में काम करने वाले नेता की रही है।

क्षेत्रीय संगठन की जिम्मेदारी से लेकर पिछड़ा वर्ग मोर्चे की प्रदेश कमान और अब राज्यसभा उम्मीदवार बनने तक उनका सफर भाजपा के संगठनात्मक ढांचे में क्रमिक जिम्मेदारियों के जरिए आगे बढ़ा है।

राज्यसभा टिकट मिलने के बाद उनका 'आम कार्यकर्ता की जीत' वाला बयान इसी संगठनात्मक यात्रा की ओर इशारा करता है। उनके लिए यह टिकट सिर्फ संसद में प्रवेश नहीं, बल्कि भाजपा के संगठन में लंबे समय तक किए गए काम को मिली राजनीतिक जिम्मेदारी के तौर पर भी प्रस्तुत किया जा रहा है।

राज्यसभा में OBC चेहरा

उत्तर प्रदेश की राजनीति में पिछड़ा वर्ग एक महत्वपूर्ण सामाजिक समूह है। ऐसे में भाजपा के OBC मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष को राज्यसभा भेजने का फैसला संगठनात्मक और सामाजिक प्रतिनिधित्व—दोनों दृष्टियों से महत्वपूर्ण है। हालांकि इस फैसले के राजनीतिक प्रभाव का आकलन आने वाले समय में ही किया जा सकेगा।

फिलहाल इतना तय है कि प्रकाश पाल का सफर क्षेत्रीय संगठन से प्रदेश संगठन और अब संसद के उच्च सदन तक पहुंचने जा रहा है। एक लंबे समय तक पार्टी के संगठनात्मक काम में सक्रिय रहे नेता के तौर पर उनका राज्यसभा उम्मीदवार बनना भाजपा के उस संदेश से भी जुड़ा है, जिसमें पार्टी अपने जमीनी कार्यकर्ताओं को आगे बढ़ाने की बात करती रही है।

Rajan Kashyap
ABOUT THE AUTHOR

Rajan Kashyap

Reporter - LucknowRajan.kashyap47@gmail.com
Next Story