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Prateek Yadav Doctor: प्रतीक यादव की डॉक्टर का बड़ा खुलासा! बताया क्यों खतरनाक स्तर पर थी बीमारी, बड़े सस्पेंस से उठाया पर्दा
Prateek Yadav Doctor Revelation: प्रतीक यादव की मौत पर उनकी डॉक्टर ने किया बड़ा खुलासा! जानिए कैसे ‘पलमोनरी एंबॉलिज्म’ नाम की खतरनाक बीमारी बन गई जानलेवा, शरीर पर चोट के निशानों और पोस्टमार्टम रिपोर्ट को लेकर क्या कहा डॉक्टर ने।
Prateek Yadav Doctor Revelation: उत्तर प्रदेश की राजनीति के सबसे रसूखदार 'सैफई कुनबे' के सदस्य प्रतीक यादव की अचानक हुई मौत ने पूरे प्रदेश को स्तब्ध कर दिया है। समाजवादी पार्टी के संस्थापक स्वर्गीय मुलायम सिंह यादव के पुत्र प्रतीक यादव का बुधवार को लखनऊ के सिविल अस्पताल में निधन हो गया। जहां एक तरफ गुरुवार को बैकुंठधाम (भैंसाकुंड) में उनके अंतिम संस्कार की तैयारियां पूरी की जा रही हैं, वहीं दूसरी तरफ उनकी मौत की असली वजह को लेकर जारी कयासों पर उनकी निजी डॉक्टर ने बेहद महत्वपूर्ण खुलासा किया है।
पलमोनरी एंबॉलिज्म: वो 'साइलेंट किलर' जिसने थाम दीं सांसें
पिछले 6 सालों से प्रतीक यादव का इलाज कर रहीं मेदांता अस्पताल की डॉक्टर रुचिता शर्मा ने मीडिया के सामने आकर उनकी बीमारी की गंभीरता पर विस्तार से बात की। डॉ. शर्मा के मुताबिक, प्रतीक यादव 'पलमोनरी एंबॉलिज्म' नामक एक अत्यंत घातक बीमारी से जूझ रहे थे। उन्होंने बताया कि यह बीमारी पिछले दो सालों से उनके शरीर में थी, लेकिन हाल के दिनों में यह 'एक्यूट' यानी बेहद खतरनाक स्तर पर पहुंच चुकी थी। इस बीमारी में शरीर की रक्त धमनियों में खून के थक्के (Clots) जमने लगते हैं, जो फेफड़ों से होते हुए सीधे हार्ट को ब्लॉक कर देते हैं। प्रतीक लगातार 'ब्लड थिनर' (खून पतला करने वाली दवाइयों) पर थे, लेकिन बीमारी की गंभीरता इतनी अधिक थी कि इसका अंदाजा लगाना मुश्किल था।
बाथरूम से किचन तक: गिरने और चोट लगने की इनसाइड स्टोरी
प्रतीक यादव के शरीर पर चोट के निशानों को लेकर जो विवाद खड़ा हो रहा था, उस पर भी डॉक्टर ने स्थिति स्पष्ट की। डॉ. रुचिता शर्मा ने बताया कि प्रतीक की मेडिकल हिस्ट्री में गिरने और चोट लगने की पुरानी घटनाएं शामिल हैं। उन्होंने खुलासा किया कि 29 अप्रैल को जब प्रतीक को अस्पताल लाया गया था, तब वे बाथरूम में गिर गए थे और उन्हें चोट आई थी। इतना ही नहीं, अपनी मृत्यु से ठीक एक दिन पहले यानी मंगलवार को भी वे किचन में गिर गए थे। डॉक्टर के अनुसार, इस गंभीर बीमारी से जूझ रहे मरीज को अक्सर चक्कर आते हैं और वे अचानक गिर पड़ते हैं, जिससे शरीर पर चोट के निशान आना स्वाभाविक है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट और डॉक्टर का दावा
डॉक्टर रुचिता शर्मा ने कहा कि जो बातें शुरुआती पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आई हैं, वे प्रतीक की पिछले दो साल की मेडिकल हिस्ट्री से पूरी तरह मेल खाती हैं। उन्होंने बताया कि प्रतीक को स्पष्ट रूप से हिदायत दी गई थी कि उनकी स्थिति नाजुक है और उन्हें इस बीमारी के लिए और भी बेहतर और एडवांस इलाज की तत्काल आवश्यकता है। डॉ. शर्मा के इस बयान के बाद अब उन तमाम साजिशों वाली थ्योरी पर विराम लगता दिख रहा है, जो उनकी मौत को संदिग्ध बता रही थीं।


