Prateek Postmortem Report: प्रतीक यादव की पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने चौंकाया! शरीर पर मिले चोटों के निशान, आखिर कैसे रुकीं सांसें?

Prateek Yadav Postmortem Report: प्रतीक यादव की पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने बढ़ाया सस्पेंस! शरीर पर मिले चोट के निशान, विसरा और हार्ट सुरक्षित रखे गए। आखिर कैसे हुई मौत? जानिए अखिलेश यादव के बयान, मेडिकल हिस्ट्री और जांच से जुड़े बड़े खुलासे।

Harsh Srivastava
Published on: 13 May 2026 3:56 PM IST (Updated on: 13 May 2026 6:21 PM IST)
Prateek Postmortem Report: प्रतीक यादव की पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने चौंकाया! शरीर पर मिले चोटों के निशान, आखिर कैसे रुकीं सांसें?
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Prateek Yadav Postmortem Report: उत्तर प्रदेश की राजनीति के सबसे बड़े कुनबे 'सैफई परिवार' के सदस्य प्रतीक यादव की अचानक हुई मौत की गुत्थी सुलझने के बजाय और उलझती नजर आ रही है। सपा प्रमुख अखिलेश यादव के भाई और भाजपा नेता अपर्णा यादव के पति प्रतीक यादव की पोस्टमार्टम रिपोर्ट अब सार्वजनिक हो गई है। इस रिपोर्ट में शरीर पर चोट के निशान होने की बात की पुष्टि हो गई है। हालांकि इस सवाल का जवाब अभी नहीं मिल पाया है कि प्रतीक की मौत में इन चोटों का क्या संबंध था।

विसरा और हार्ट सुरक्षित: अब लैब रिपोर्ट पर टिकी नजर

पोस्टमार्टम की प्रक्रिया तीन डॉक्टरों के विशेष पैनल, जिसमें फॉरेंसिक एक्सपर्ट भी शामिल थे, ने वीडियोग्राफी के साये में पूरी की। डॉक्टरों का कहना है कि प्राथमिक जांच में मौत का कारण पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो सका है। इसी वजह से डॉक्टरों ने 'विसरा' (आंतों और आंतरिक अंगों का नमूना) सुरक्षित रख लिया है। इसके साथ ही, प्रतीक के बढ़ते वजन और स्वास्थ्य इतिहास को देखते हुए उनके 'हार्ट' को भी सुरक्षित रखा गया है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या यह साइलेंट हार्ट अटैक का मामला था।


पोस्टमार्टम रिपोर्ट में चोटों का खुलासा

प्रतीक यादव की पोस्ट मार्टम रिपोर्ट में चोटों का विस्तार से ब्यौरा तो नहीं दिया है लेकिन संक्षेप में ये जानकारी दी गई है कि चोट नंबर एक, दो, तीन पांच से सात दिन पुरानी है। जबकि चार, पांच और छह करीब एक आध दिन पहले की हैं। रिपोर्ट में यह विवरण सामने आने के बाद सवाल उठने लाजमी हैं कि प्रतीक यादव को ये चोटें कैसे लगीं और सवाल ये भी है कि क्या ये चोटें प्राणघातक हो सकती थीं।

अस्पताल प्रशासन का बड़ा बयान: "नहीं थी जहर की आशंका"

प्रतीक यादव की मौत के बाद सोशल मीडिया पर 'सस्पेक्टेड पॉइजनिंग' (जहर की आशंका) की खबरें तेजी से फैल रही थीं। इस पर विराम लगाते हुए सिविल अस्पताल के निदेशक जीपी गुप्ता ने स्पष्ट किया कि अस्पताल की ओर से ऐसी कोई बात नहीं कही गई है। उन्होंने बताया कि सुबह करीब साढ़े पांच बजे प्रतीक का ड्राइवर डॉक्टर को बुलाने आया था, लेकिन जब मेडिकल टीम मौके पर पहुंची, तब तक शरीर में कोई हलचल नहीं थी। अस्पताल प्रशासन ने यह भी साफ किया कि परिवार की सहमति और उनकी स्वयं की इच्छा के बाद ही पारदर्शिता के लिए पोस्टमार्टम का फैसला लिया गया।

अखिलेश यादव का छलका दर्द

अपने भाई को खोने के गम में डूबे अखिलेश यादव ने पोस्टमार्टम हाउस के बाहर मीडिया से बात करते हुए प्रतीक को एक बेहद नेक इंसान बताया। अखिलेश ने भावुक होते हुए कहा कि उनकी और प्रतीक की मुलाकात करीब दो महीने पहले हुई थी। उन्होंने बताया कि प्रतीक हमेशा अपनी फिटनेस और बिजनेस को लेकर गंभीर रहते थे। अखिलेश ने यह अंदेशा भी जताया कि व्यापार में उतार-चढ़ाव की वजह से मानसिक तनाव हो सकता है, जो अक्सर स्वास्थ्य पर भारी पड़ता है। उन्होंने प्रतीक को हमेशा सकारात्मक रहने वाला व्यक्ति करार दिया।

बीमारी का पुराना इतिहास और पुलिस की कार्रवाई

प्रतीक यादव भले ही जिम जाने के शौकीन थे, लेकिन उनका मेडिकल रिकॉर्ड बताता है कि वे लीवर और लंग्स (फेफड़ों) की पुरानी समस्याओं से जूझ रहे थे। वे कई बार मेदांता अस्पताल में भर्ती भी हुए, लेकिन जल्द ठीक होकर घर लौट आते थे। लखनऊ पुलिस के डीसीपी सेंट्रल विक्रांत वीर ने बताया कि फिलहाल किसी भी इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जैसे मोबाइल या लैपटॉप को जब्त नहीं किया गया है। पुलिस अब विसरा रिपोर्ट का इंतजार कर रही है, जिसके बाद ही यह तय होगा कि मामले में कोई आपराधिक कोण है या यह एक दुखद प्राकृतिक मृत्यु थी। फिलहाल, लखनऊ में सन्नाटा है और हर कोई विसरा रिपोर्ट के आने का इंतजार कर रहा है।

Harsh Srivastava

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