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कौन हैं राधाकांत ओझा? BJP ने बनाया राज्यसभा उम्मीदवार, जानें हाईकोर्ट से जुड़ाव
Lucknow: बीजेपी ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता राधाकांत ओझा को राज्यसभा उम्मीदवार बनाया है। जानिए उनके कानूनी अनुभव और राजनीतिक महत्व के बारे में।
Lucknow: उत्तर प्रदेश में राज्यसभा की 10 सीटों पर होने वाले चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने अपने 8 उम्मीदवारों के नाम का ऐलान कर दिया है। बीजेपी की सूची में राधाकांत ओझा का नाम भी शामिल है। इलाहाबाद हाईकोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता और हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रह चुके राधाकांत ओझा को पार्टी ने राज्यसभा चुनाव के लिए उम्मीदवार बनाया है। उनके नाम को बीजेपी के ब्राह्मण चेहरे के तौर पर भी देखा जा रहा है।
राधाकांत ओझा का लंबे समय से इलाहाबाद हाईकोर्ट की न्यायिक व्यवस्था और अधिवक्ता समुदाय से जुड़ाव रहा है। वह हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं। वकालत के क्षेत्र में सक्रिय रहने के साथ-साथ बार से जुड़े मुद्दों पर उनकी भूमिका महत्वपूर्ण रही है। ऐसे में बीजेपी ने उन्हें राज्यसभा के लिए मैदान में उतारकर कानूनी और सामाजिक दोनों स्तरों पर एक महत्वपूर्ण संदेश देने की कोशिश की है।
ब्राह्मण चेहरे के तौर पर अहम चयन
उत्तर प्रदेश की राजनीति में ब्राह्मण समाज लंबे समय से एक महत्वपूर्ण राजनीतिक शक्ति रहा है। ऐसे में राज्यसभा उम्मीदवारों की सूची में राधाकांत ओझा का नाम सामने आना राजनीतिक तौर पर भी चर्चा का विषय बन गया है। बीजेपी के इस फैसले को ब्राह्मण समाज के बीच अपनी पकड़ मजबूत बनाए रखने की रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है।
खास बात यह है कि बीजेपी ने राज्यसभा के लिए घोषित आठ उम्मीदवारों में अलग-अलग सामाजिक समीकरणों को साधने की कोशिश की है। ऐसे में राधाकांत ओझा को ब्राह्मण प्रतिनिधित्व के रूप में देखा जा रहा है। पार्टी की कोशिश है कि संगठन, सामाजिक समीकरण और पेशेवर पृष्ठभूमि—तीनों के बीच संतुलन बनाया जाए।
राज्यसभा में कानून से जुड़े मुद्दों पर मिल सकता है लाभ
राधाकांत ओझा के लंबे कानूनी अनुभव का लाभ बीजेपी को संसद में भी मिल सकता है। हाईकोर्ट में अधिवक्ता और बार एसोसिएशन के अध्यक्ष के तौर पर काम करने का अनुभव उन्हें कानून, न्यायपालिका और संवैधानिक मामलों से जुड़े विषयों पर मजबूत आवाज दे सकता है।
उत्तर प्रदेश की 10 राज्यसभा सीटों के चुनाव में बीजेपी ने फिलहाल 8 उम्मीदवारों के नाम घोषित किए हैं। अब इन उम्मीदवारों के नामों के साथ पार्टी के सामाजिक और क्षेत्रीय समीकरणों को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है। राधाकांत ओझा का चयन इसी रणनीति का एक अहम हिस्सा माना जा रहा है।


