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सपा ने विधान परिषद में बदला नेतृत्व, जासमीर अंसारी होंगे नए नेता प्रतिपक्ष
Lucknow News: समाजवादी पार्टी ने उत्तर प्रदेश विधान परिषद में नेतृत्व बदलाव की तैयारी की है। मोहम्मद जासमीर अंसारी को नेता प्रतिपक्ष की जिम्मेदारी सौंपने का फैसला पार्टी नेतृत्व ने किया है।
Mohammad Jasmir Ansari
Lucknow News: उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी ने विधान परिषद में अपने नेतृत्व में बड़ा बदलाव किया है। सपा ने सीतापुर के लहरपुर से दो बार विधायक रह चुके मो. जासमीर अंसारी को विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष की जिम्मेदारी देने का फैसला किया है। पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उनके नाम पर मंजूरी दे दी है। जासमीर अंसारी फिलहाल विधान परिषद में सपा के उपनेता की भूमिका में हैं।
यह बदलाव ऐसे समय हुआ है, जब सपा आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों में संगठन और विधानमंडल स्तर पर अपनी रणनीति को धार देने में जुटी है। जासमीर अंसारी अब लाल बिहारी यादव की जगह विधान परिषद में विपक्ष की आवाज उठाएंगे। हालांकि पार्टी की ओर से औपचारिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद इसकी पूरी तस्वीर स्पष्ट होगी।
पहले उपनेता, अब नेता प्रतिपक्ष
मो. जासमीर अंसारी को जुलाई 2024 में विधान परिषद में सपा का उपनेता बनाया गया था। उस समय लाल बिहारी यादव को नेता प्रतिपक्ष और जासमीर अंसारी को उपनेता की जिम्मेदारी मिली थी। अब करीब दो साल बाद पार्टी ने विधान परिषद के नेतृत्व में बदलाव करते हुए जासमीर अंसारी को आगे किया है। उत्तर प्रदेश विधान परिषद की मौजूदा सदस्य सूची में भी जासमीर अंसारी सपा के सदस्य के तौर पर दर्ज हैं।
कौन हैं जासमीर अंसारी?
मो. जासमीर अंसारी मूल रूप से सीतापुर के लहरपुर के रहने वाले हैं। उत्तर प्रदेश विधानसभा के आधिकारिक रिकॉर्ड के मुताबिक उनका जन्म 12 जनवरी 1968 को लहरपुर, सीतापुर में हुआ। वह लहरपुर विधानसभा सीट से दो बार विधायक चुने गए। उन्होंने पहली बार 2007 में और दूसरी बार 2012 में विधानसभा चुनाव जीता।
विधानसभा के रिकॉर्ड के अनुसार उन्होंने 2007 से 2012 और फिर 2012 से 2017 तक विधायक के रूप में कार्य किया। बाद में वह विधान परिषद पहुंचे और सपा में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालते रहे। वर्तमान में वह उत्तर प्रदेश विधान परिषद में सपा के सदस्य हैं।
परिवार की भी रही है सियासत में भूमिका
जासमीर अंसारी का परिवार भी राजनीति से जुड़ा रहा है। उनकी पत्नी कैसर जहां 2009 में बहुजन समाज पार्टी के टिकट पर लोकसभा सांसद चुनी गई थीं। जासमीर अंसारी का राजनीतिक आधार लहरपुर और सीतापुर क्षेत्र में रहा है।
चुनाव से पहले संगठन में भी बदलाव के संकेत सपा के विधान परिषद नेतृत्व में यह बदलाव पार्टी के लिए राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण समय में हुआ है। पार्टी 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर संगठनात्मक तैयारियों में जुटी है। ऐसे में विधान परिषद में नेतृत्व परिवर्तन के बाद संगठन के दूसरे स्तरों पर भी बदलाव की चर्चा तेज हो गई है।
हालांकि संगठन में संभावित बदलाव को लेकर अभी पार्टी की ओर से आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। इसलिए इस संबंध में सामने आ रही चर्चाओं को फिलहाल पार्टी सूत्रों की जानकारी के रूप में ही देखा जा रहा है।


