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ग्रह-नक्षत्र से लेकर पंचांग तक...लखनऊ में लॉन्च हुआ ये खास Astro App, दिग्गजों ने की तारीफ
Sameer Medhaj Astro App: लखनऊ में समीर मेधज एस्ट्रो ऐप का भव्य लॉन्च हुआ। विधायक राजेश्वर सिंह ने भारतीय ज्योतिष परंपरा और वराह मिहिर के योगदान का जिक्र करते हुए ऐप की सराहना की।
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Sameer Medhaj Astro App: आशियाना स्थित मेधज टावर में समीर मेधज एस्ट्रो ऐप का भव्य लॉन्च समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में सरोजिनी नगर विधायक राजेश्वर सिंह, पूर्व जल शक्ति मंत्री डॉ. महेंद्र सिंह और एडीजी कानून-व्यवस्था अमिताभ यश समेत कई प्रमुख लोग शामिल हुए। यह कार्यक्रम मेधज संस्था के संस्थापक डॉ. समीर त्रिपाठी के जन्मदिन के अवसर पर आयोजित किया गया।
समारोह को संबोधित करते हुए सरोजिनी नगर विधायक राजेश्वर सिंह ने कहा कि एस्ट्रोलॉजी हिंदुस्तान की देन है और समीर मेधज एस्ट्रो ऐप के जरिए इसका लाभ पूरी दुनिया को मिलेगा। उन्होंने कहा कि करीब डेढ़ हजार साल पहले वराह मिहिर ने ज्योतिष और खगोल विज्ञान के क्षेत्र में महत्वपूर्ण काम किया था।
डॉ. महेंद्र सिंह ने ग्रहों का किया वर्णन
कार्यक्रम में पूर्व जल शक्ति मंत्री डॉ. महेंद्र सिंह ने ग्रहों के बारे में विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम बेहद शुभ मुहूर्त में आयोजित हो रहा है। उन्होंने लगातार हो रही बारिश का जिक्र करते हुए इसे भी शुभ संकेत बताया।
एडीजी कानून-व्यवस्था अमिताभ यश ने कहा कि समीर मेधज एस्ट्रो ऐप में ज्योतिष से जुड़ी विद्या का समावेश किया गया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस ऐप के जरिए मानव जाति को लाभ मिलेगा।
डॉ. समीर त्रिपाठी बोले- ज्योतिष को पढ़ाना जरूरी
मेधज संस्था के संस्थापक डॉ. समीर त्रिपाठी ने ज्योतिष को प्रत्यक्ष शास्त्र बताते हुए इसे शिक्षा में अनिवार्य रूप से पढ़ाए जाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि ज्योतिष के अध्ययन से देश को दोबारा 'सोने की चिड़िया' बनाने में मदद मिल सकती है।
समारोह में डॉ. समीर त्रिपाठी की माताजी रेखा त्रिपाठी, रामेश्वर, धीरज पांडे, रवि और पिंकी समेत अन्य लोगों ने भी ज्योतिष से जुड़े अपने विचार साझा किए।
कार्यक्रम का संचालन मेधज की वाइस प्रेसिडेंट श्वेता कुमारी ने किया। कार्यक्रम की शुरुआत गणेश वंदना और सुदेश के भजन से हुई। इससे पहले डॉ. समीर त्रिपाठी ने सभी अतिथियों को प्रतीक चिन्ह देकर उनका स्वागत और अभिनंदन किया।
वराह मिहिर के योगदान का किया जिक्र
राजेश्वर सिंह ने कहा कि छठी शताब्दी के विद्वान वराह मिहिर ने खगोल विज्ञान, ज्योतिष और मौसम से जुड़े विषयों पर व्यापक अध्ययन किया था। ज्योतिष के विकास में उनका महत्वपूर्ण योगदान माना जाता है। उन्होंने कहा कि अब डॉ. समीर त्रिपाठी इस ज्ञान को विश्व स्तर पर पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं।
विधायक ने कहा कि ज्योतिष और पंचांग के अनुसार चलना भारतीय संस्कृति का हिस्सा रहा है। पंचांग के जरिए पहले से यह जानकारी मिलती रही है कि कुंभ का आयोजन कब और कहां होगा और ग्रहण कब पड़ेगा। उन्होंने कहा कि एस्ट्रोलॉजी चेतावनी देने का काम करती है और उसी के अनुसार हमें अपने निर्णय लेने चाहिए।


