Sultanpur Cheque Bounce Case में फंसे लखनऊ पुलिस कमिश्नर, कोर्ट ने DGP को दिए कार्रवाई के निर्देश

Sultanpur Cheque Bounce Case: सुल्तानपुर की अदालत ने चेक बाउंस मामले में लखनऊ पुलिस कमिश्नर के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने डीजीपी उत्तर प्रदेश को 10 दिनों के भीतर कार्रवाई कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने का आदेश दिया है।

Aditya Kumar Verma
Published on: 10 Jun 2026 9:43 AM IST
Sultanpur Cheque Bounce Case
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Sultanpur Cheque Bounce Case: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के पुलिस कमिश्नर से जुड़ा एक मामला इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है। सुल्तानपुर की एक अदालत ने चेक बाउंस के एक प्रकरण में अपेक्षित जानकारी समय पर उपलब्ध न कराए जाने को गंभीरता से लेते हुए लखनऊ पुलिस कमिश्नर के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। अदालत ने इस मामले में उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को 10 दिनों के भीतर कार्रवाई कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने का आदेश दिया है।

क्या है पूरा मामला?

जानकारी के मुताबिक, मामला चेक बाउंस के एक प्रकरण से संबंधित है। इस मामले की सुनवाई सुल्तानपुर की न्यायिक मजिस्ट्रेट अदालत में चल रही है। सुनवाई के दौरान न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रतीक आर्य की अदालत ने आरोपी की गिरफ्तारी और उससे संबंधित कार्रवाई की विस्तृत जानकारी मांगी थी।

हालांकि अदालत के अनुसार, निर्धारित समय सीमा के भीतर अपेक्षित जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई। इसी को लेकर न्यायालय ने नाराजगी जाहिर की और मामले को गंभीरता से लिया।

अदालत ने अपनाया सख्त रुख

वहीं इस मामले में आवश्यक जानकारी समय पर न मिलने के बाद अदालत ने सख्त रुख अपनाया। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रतीक आर्य की अदालत ने कहा कि न्यायालय के आदेशों का पालन समयबद्ध तरीके से किया जाना आवश्यक है। ऐसे में आदेशों के अनुपालन में हुई देरी और जानकारी उपलब्ध न कराए जाने को अदालत ने गंभीर माना। कोर्ट ने इस संबंध में उत्तर प्रदेश के डीजीपी को निर्देश जारी करते हुए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा है।

डीजीपी को 10 दिन में रिपोर्ट देने का आदेश

अदालत ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि डीजीपी उत्तर प्रदेश इस मामले में 10 दिनों के भीतर आवश्यक कार्रवाई करें और उसकी रिपोर्ट न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करें। कोर्ट ने यह भी संकेत दिया है कि यदि आदेश का अनुपालन नहीं किया जाता है तो मामले को आगे उच्च न्यायालय के संज्ञान में भेजा जा सकता है।

पुलिस महकमे में बढ़ी हलचल

वहीं अदालत के इस आदेश के बाद पुलिस और प्रशासनिक महकमे में हलचल तेज हो गई है। मामला सीधे लखनऊ पुलिस कमिश्नर से जुड़ा होने के कारण इसे महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि डीजीपी स्तर पर क्या कार्रवाई की जाती है और निर्धारित समय सीमा के भीतर अदालत को क्या रिपोर्ट सौंपी जाती है।

बढ़ सकता है मामला

फिलहाल अदालत ने डीजीपी को 10 दिन का समय दिया है। इस अवधि के भीतर की जाने वाली कार्रवाई और न्यायालय में प्रस्तुत रिपोर्ट के आधार पर मामले की अगली सुनवाई में आगे की दिशा तय होगी। ऐसा माना जा रहा है कि यदि अदालत आदेशों के अनुपालन से संतुष्ट नहीं होती है तो मामला उच्च न्यायालय तक पहुंच सकता है।

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Aditya Kumar Verma

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आदित्य कुमार वर्मा उत्तर प्रदेश के पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 8 वर्षों से अधिक का अनुभव प्राप्त है। उन्होंने भारतीय राजनीति, अपराध, स्वास्थ्य और मानवीय सरोकारों से जुड़ी खबरों की व्यापक रिपोर्टिंग की है। उनके पास मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (MJMC) की डिग्री है और वे रिपोर्टर, एंकर तथा सब-एडिटर जैसे महत्वपूर्ण पदों पर कार्य कर चुके हैं। साथ ही वो उत्तर प्रदेश की राजनीति, शासन-प्रशासन और नौकरशाही व्यवस्था की गहरी समझ रखते हैं। पत्रकारिता के अलावा उन्हें पुस्तकों का अध्ययन, लेखन, कविता-लेखन और पाठ और यात्राएं करना विशेष रूप से पसंद है। विभिन्न संस्कृतियों और समाजों को करीब से जानने-समझने की उनकी रुचि ने उनके दृष्टिकोण को व्यापक बनाया है, जिसका सकारात्मक प्रभाव उनकी लेखन शैली और रिपोर्टिंग में भी देखने को मिलता है।

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