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टीबी मुक्त भारत अभियान: 16 से 30 जून तक लखनऊ में चलेगा विशेष स्क्रीनिंग अभियान, फील्ड टीमें हुईं रवाना, क्या है टीबी के लक्षण
TB Free India Campaign: मुख्य चिकित्सा अधिकारी लखनऊ डॉ. एनबी सिंह ने बताया कि इस अभियान में 10 प्रकार की चिन्हित उच्च जोखिम वाली आबादी को लक्षित किया गया है।
Photo-Social Media
Lucknow Today News: भारत सरकार द्वारा वर्ष 2025 तक देश को टीबी (क्षय रोग) से पूरी तरह मुक्त करने का संकल्प लिया गया है। इस लक्ष्य की प्राप्ति हेतु राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत जनपद लखनऊ में 16 से 30 जून 2025 तक विशेष स्क्रीनिंग अभियान शुरू किया गया है। इस अभियान का शुभारंभ मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एनबी सिंह ने नगरीय सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, रेड क्रॉस लखनऊ से किया, जहां उन्होंने फील्ड टीमों को हरी झंडी दिखाकर क्षेत्र में रवाना किया।
इस विशेष अभियान के तहत झुग्गी-झोपड़ियों, मलिन बस्तियों, अनाथालयों, वृद्धाश्रमों, कारागारों, मदरसों और अन्य सघन आबादी वाले क्षेत्रों में टीबी रोगियों की पहचान के लिए व्यापक स्तर पर जांच की जाएगी। अभियान का उद्देश्य टीबी के संभावित मरीजों की जल्द पहचान कर उनका समय पर इलाज सुनिश्चित करना है।
उच्च जोखिम वाली आबादी को किया गया लक्षित
मुख्य चिकित्सा अधिकारी लखनऊ डॉ. एनबी सिंह ने बताया कि इस अभियान में 10 प्रकार की चिन्हित उच्च जोखिम वाली आबादी को लक्षित किया गया है। इनमें 60 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्ग, कुपोषित व्यक्ति, डायबिटीज और एचआईवी ग्रसित रोगी, पहले टीबी का इलाज करा चुके मरीज, वर्तमान में इलाजरत रोगियों के परिजन, निर्माणाधीन भवनों व ईंट भट्ठों पर कार्यरत मजदूर, वृद्धाश्रमों व जेलों में रह रहे लोग शामिल हैं।
उन्होंने फील्ड टीमों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री के टीबी मुक्त भारत के सपने को साकार करने के लिए सभी स्वास्थ्य कर्मियों को पूरी निष्ठा से कार्य करते हुए हर संभावित मरीज की पहचान करनी होगी। जो भी मरीज क्षय रोग से ग्रसित पाए जाएं, उनका तुरंत इलाज शुरू कराया जाएगा और निक्षय पोषण योजना के अंतर्गत उन्हें डीबीटी के माध्यम से पोषण सहायता भी उपलब्ध कराई जाएगी।
कितने सदस्य होंगे शामिल
जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. एके सिंघल ने बताया कि इस अभियान में जनपद के चिन्हित क्षेत्रों में कुल 293 घर-घर भ्रमण दल लगाए गए हैं, जिनमें 586 सदस्य शामिल हैं। इन दलों के कार्य की निगरानी यूनिट पर्यवेक्षक एवं जिला स्तरीय अधिकारियों द्वारा की जाएगी।
इनकी रही मौजूदगी
अभियान के शुभारंभ कार्यक्रम में डॉ. रितेश द्विवेदी (अधीक्षक, नगरीय सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, रेड क्रॉस लखनऊ) जिला स्वास्थ्य शिक्षा एवं सूचना अधिकारी योगेश रघुवंशी, जिला कार्यक्रम समन्वयक दिलशाद हुसैन, पब्लिक प्राइवेट मिक्स समन्वयक रामजी वर्मा एवं सौमित्रा मिश्रा, एनटीईपी के सदस्य और आशा कार्यकर्ता भी उपस्थित रहे।
टीबी के लक्षण
• खांसी
• दो सप्ताह से अधिक बुखार
• रात में पसीना आना
• बलगम के साथ खून आना
• भूख न लगना
• पसीना आना
• सांस लेने में तकलीफ
• वजन कम होना
• थकान
• गले में गाँठ होना


