योगी नहीं होंगे बीजेपी का चेहरा? प्रदीप वर्मा बोले- CM का फैसला संसदीय बोर्ड करेगा

Lucknow: UP 2027 चुनाव में योगी आदित्यनाथ बीजेपी का चेहरा होंगे या नहीं? सहप्रभारी प्रदीप वर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री का फैसला संसदीय बोर्ड करेगा।

Rajan Kashyap
Published on: 7 Oct 2026 9:00 PM IST
योगी नहीं होंगे बीजेपी का चेहरा? प्रदीप वर्मा बोले- CM का फैसला संसदीय बोर्ड करेगा
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(वीडियो क्रेडिट- राजन कश्यप)

Lucknow: उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मी लगातार बढ़ती जा रही है। चुनावी तैयारियों के बीच अब सबसे बड़ा सवाल मुख्यमंत्री के चेहरे को लेकर खड़ा हो गया है। क्या भारतीय जनता पार्टी 2027 का विधानसभा चुनाव मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के चेहरे पर लड़ेगी या चुनाव के बाद मुख्यमंत्री का फैसला किया जाएगा? इस सवाल को लेकर बीजेपी के भीतर से लगातार ऐसे बयान सामने आ रहे हैं, जो राजनीतिक चर्चाओं को और हवा दे रहे हैं।

अब यूपी बीजेपी के सहप्रभारी प्रदीप वर्मा ने भी मुख्यमंत्री के चेहरे को लेकर पार्टी का रुख साफ किया है। सीतापुर में पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए प्रदीप वर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री का चेहरा कौन होगा, इसका फैसला पार्टी का संसदीय बोर्ड करेगा। उनके इस बयान को 2027 के विधानसभा चुनाव के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

प्रदीप वर्मा के बयान के बाद एक बार फिर यह सवाल चर्चा में है कि क्या बीजेपी 2027 के चुनाव में योगी आदित्यनाथ को मुख्यमंत्री पद के चेहरे के तौर पर घोषित नहीं करेगी। हालांकि, पार्टी की ओर से अभी तक योगी आदित्यनाथ को मुख्यमंत्री पद के चेहरे से हटाने या किसी दूसरे नेता को आगे करने को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।

पंकज चौधरी भी दे चुके हैं ऐसा ही बयान

खास बात यह है कि प्रदीप वर्मा का बयान अकेला नहीं है। इससे पहले यूपी बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी भी मुख्यमंत्री के चेहरे को लेकर इसी तरह की बात कह चुके हैं। पंकज चौधरी ने भी स्पष्ट किया था कि मुख्यमंत्री का फैसला पार्टी का केंद्रीय नेतृत्व और संसदीय बोर्ड करेगा।

अब यूपी के सहप्रभारी की ओर से भी इसी लाइन पर बयान आने के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। सवाल उठ रहा है कि क्या बीजेपी की रणनीति 2027 के विधानसभा चुनाव में किसी एक नेता को मुख्यमंत्री पद का चेहरा घोषित करने के बजाय 'कमल के निशान' और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में चुनाव लड़ने की होगी?

योगी का चेहरा रहा है बीजेपी की सबसे बड़ी ताकत

हालांकि उत्तर प्रदेश की राजनीति में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बीजेपी का सबसे बड़ा और प्रभावशाली चेहरा रहे हैं। 2017 में बीजेपी की प्रचंड जीत के बाद योगी आदित्यनाथ को मुख्यमंत्री बनाया गया था। इसके बाद 2022 में भी बीजेपी ने योगी सरकार के कामकाज और कानून-व्यवस्था समेत कई मुद्दों को चुनावी अभियान में प्रमुखता से रखा और सत्ता में वापसी की।

यूपी की राजनीति में योगी आदित्यनाथ की अपनी मजबूत पहचान है। बीजेपी कार्यकर्ताओं के बीच उनकी पकड़ और सरकार की योजनाओं को लेकर पार्टी लगातार उनका चेहरा सामने रखती रही है। ऐसे में 2027 से पहले मुख्यमंत्री के चेहरे पर पार्टी नेताओं के बयान राजनीतिक रूप से काफी मायने रखते हैं।

2027 के लिए संगठन पर बीजेपी का फोकस

बीजेपी ने 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर संगठनात्मक तैयारियां तेज कर दी हैं। पार्टी का फोकस बूथ स्तर पर संगठन को मजबूत करने, कमजोर सीटों पर रणनीति बनाने और अलग-अलग सामाजिक समीकरणों को साधने पर है। बीजेपी के केंद्रीय और प्रदेश नेतृत्व के बीच लगातार बैठकें भी हो रही हैं।

ऐसे में मुख्यमंत्री के चेहरे को लेकर सामने आ रहे बयान इस बात का संकेत दे रहे हैं कि फिलहाल पार्टी ने इस मुद्दे पर अपने पत्ते नहीं खोले हैं।

अब सबसे बड़ा सवाल- चेहरा कौन?

प्रदीप वर्मा के बयान के बाद यूपी की सियासत में एक बार फिर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है—क्या 2027 का चुनाव योगी आदित्यनाथ के चेहरे पर होगा या बीजेपी चुनाव के बाद मुख्यमंत्री का फैसला करेगी?

फिलहाल पार्टी का आधिकारिक रुख यही है कि मुख्यमंत्री का फैसला संसदीय बोर्ड करेगा। लेकिन जिस तरह प्रदेश अध्यक्ष के बाद अब सहप्रभारी ने भी यही बात कही है, उसने 2027 के चुनाव में बीजेपी के चेहरे को लेकर नई राजनीतिक बहस जरूर छेड़ दी है।

अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि आने वाले महीनों में बीजेपी का केंद्रीय नेतृत्व इस मुद्दे पर क्या रणनीति अपनाता है और क्या योगी आदित्यनाथ को ही 2027 के लिए पार्टी का चेहरा घोषित किया जाता है या चुनाव के बाद मुख्यमंत्री तय करने की रणनीति अपनाई जाती है।

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Reporter - LucknowRajan.kashyap47@gmail.com
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