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8 दिन की रिमांड पर लिए गए 'मुजाहिद्दीन आर्मी' के 5 आरोपी, देश के खिलाफ रच रहे थे प्लान, यूपी ATS ने किया था गिरफ्तार
लखनऊ में यूपी ATS ने 'मुजाहिद्दीन आर्मी' संगठन से जुड़े 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर 8 दिन की पुलिस कस्टडी रिमांड पर लिया। आरोपियों पर देश में शरीयत लागू करने और लोकतंत्र खत्म करने की साजिश का आरोप है। मास्टरमाइंड मोहम्मद रजा की भूमिका महत्वपूर्ण बताई गई है।
UP News: यूपी ATS ने देश के खिलाफ घातक साजिश रचने वाले 'मुजाहिद्दीन आर्मी' संगठन से जुड़े गिरफ्त में आए 5 आरोपियों को अदालत ने 8 दिन की रिमांड पर भेजा है। आरोपियों पर हथियार खरीदने, संगठन फंडिंग करने और हिंसात्मक जिहाद के जरिए देश में शरीयत लागू करने और लोकतंत्र खत्म करने की साजिश का आरोप है। इन आरोपियों में मोहम्मद रजा को मास्टरमाइंड बताया गया है। यूपी ATS उनकी गहन पूछताछ कर पूरे नेटवर्क और संभावित आतंक फैलाने वाले अन्य सदस्यों का पता लगाने में जुटी हुई है।
ATS को सौंपी गई 8 दिन की रिमांड
लखनऊ की अदालत ने यूपी ATS को पांच आरोपियों की 8 दिन की कस्टडी रिमांड मंजूर की है। ये सभी आरोपी 'मुजाहिद्दीन आर्मी' संगठन से जुड़े हैं और देश में हिंसात्मक जिहाद के जरिए शरीयत लागू करने और लोकतांत्रिक व्यवस्था को खत्म करने की योजना बना रहे थे। अदालत ने 7 अक्टूबर से 14 अक्टूबर तक की रिमांड दी है, ताकि आरोपियों से गहन पूछताछ कर नेटवर्क और हथियारों की खरीद-फरोख्त की योजना का पता लगाया जा सके।
शरीयत लागू करने और लोकतंत्र खत्म करने की साजिश
यूपी ATS ने 29-30 सितंबर को लखनऊ में पांचों आरोपियों को गिरफ्तार किया। आरोपियों में अकमल रजा (हलियापुर, सुल्तानपुर), सफील सलमानी उर्फ अली रजवी (राबट्सगंज, सोनभद्र), तौसीफ (घाटमपुर, कानपुर), कासिम अली (खजुरिया, रामपुर) और मोहम्मद रजा (मल्लपुरम, केरल) शामिल हैं। जांच में पता चला कि ये गिरोह हिंसात्मक जिहाद के जरिए भारत में शरीयत लागू करना चाहता था। यूपी ATS के अनुसार, मोहम्मद रजा इस नेटवर्क का मास्टरमाइंड है और उसने हथियार खरीदने, संगठन को फंडिंग देने और ‘मुजाहिद्दीन आर्मी’ तैयार करने की योजना बनाई थी।
यूपी ATS की पूछताछ में खुलेंगे कई राज
यूपी ATS ने आरोपियों से गहन पूछताछ के लिए 8 दिन की रिमांड ली है। पूछताछ में संगठन के अन्य सदस्यों, विदेशी फंडिंग और हथियार आपूर्ति की जानकारी जुटाने पर ध्यान दिया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि यह गिरोह देशविरोधी गतिविधियों में लिप्त था और शरिया लागू करने के लिए हिंसात्मक योजनाओं पर काम कर रहा था। यूपी ATS पूरे नेटवर्क को बेनकाब करने और संभावित आतंक फैलाने वाले अन्य सदस्यों की पहचान करने में जुटी है।


