अमित शाह के दौरे के बाद BJP का अगला दांव, 24 प्रकोष्ठों के जरिए यूपी में किसे साधने की तैयारी?

UP BJP Mission 2027: यूपी विधानसभा चुनाव 2027 से पहले बीजेपी ने संगठन को मजबूत करने की तैयारी तेज कर दी है। पार्टी 24 प्रकोष्ठों के जरिए सामाजिक समीकरण साधने और अलग-अलग वर्गों तक पहुंच बनाने की रणनीति पर काम कर रही है।

Rajan Kashyap
Published on: 2 Nov 2026 1:00 PM IST
VD Sharma
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VD Sharma

UP BJP Mission 2027: उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव (Assembly Election 2027) को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने संगठन को चुनावी मोड में लाने की कवायद तेज कर दी है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के दौरे और भाजपा की मेगा प्रदेश कार्यसमिति की बैठक के बाद अब पार्टी की नजर संगठन के विभिन्न प्रकोष्ठों को सक्रिय करने पर है। इसके जरिए भाजपा समाज के उन वर्गों तक अपनी पहुंच मजबूत करना चाहती है, जिन्हें आगामी चुनाव में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

इसी रणनीति को आगे बढ़ाने के लिए सोमवार, 2 नवंबर को लखनऊ स्थित भाजपा प्रदेश मुख्यालय में सभी प्रकोष्ठों के पदाधिकारियों की अहम बैठक बुलाई गई है। इसमें मध्य प्रदेश भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और राष्ट्रीय संकुल प्रकोष्ठ संयोजक वीडी शर्मा के साथ उत्तर प्रदेश भाजपा के प्रदेश महामंत्री संगठन धर्मपाल सिंह भी मौजूद रहेंगे। दोनों नेता प्रकोष्ठों के पदाधिकारियों से संवाद करेंगे और आगामी चुनाव की तैयारियों को लेकर दिशा-निर्देश देंगे।

दरअसल, भाजपा ने उत्तर प्रदेश में अपने 24 प्रकोष्ठों के माध्यम से सैकड़ों पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को संगठनात्मक जिम्मेदारियां दी हैं। पार्टी अब इन नियुक्तियों को केवल संगठन तक सीमित नहीं रखना चाहती, बल्कि इनके जरिए चुनावी अभियान को भी मजबूती देने की तैयारी में है। इसके तहत समाज के अलग-अलग वर्गों, पेशेवर समूहों, कामगारों और विभिन्न सामाजिक समुदायों के बीच पार्टी की सक्रियता बढ़ाई जाएगी।

24 प्रकोष्ठों के जरिए सामाजिक समीकरण साधने की तैयारी

भाजपा की इस रणनीति का मुख्य उद्देश्य समाज के विभिन्न वर्गों तक संगठन की सीधी पहुंच बनाना है। पार्टी का मानना है कि चुनावी मुकाबले में सिर्फ बूथ स्तर पर संगठन को मजबूत करना पर्याप्त नहीं है। इसके लिए अलग-अलग सामाजिक और व्यावसायिक समूहों के बीच लगातार संपर्क और संवाद भी जरूरी है।

इसी को ध्यान में रखते हुए प्रकोष्ठों को उनकी सामाजिक और व्यावसायिक पृष्ठभूमि के अनुसार जिम्मेदारियां सौंपी जा सकती हैं। इनके पदाधिकारी अपने-अपने प्रभाव वाले क्षेत्रों में लोगों से संपर्क करेंगे। साथ ही केंद्र और प्रदेश सरकार की योजनाओं की जानकारी पहुंचाने तथा पार्टी के पक्ष में सकारात्मक माहौल तैयार करने की जिम्मेदारी भी निभा सकते हैं।

सूत्रों के मुताबिक, भाजपा इन प्रकोष्ठों को केवल संगठनात्मक इकाई के तौर पर नहीं, बल्कि चुनावी माइक्रो मैनेजमेंट (Election Micro Management) के अहम माध्यम के रूप में विकसित करना चाहती है। इसके लिए हर प्रकोष्ठ को अपने प्रभाव वाले सामाजिक वर्ग और कार्यक्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए तैयार किया जाएगा।

अमित शाह के दौरे के बाद संगठन की अगली रणनीति

हाल ही में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के उत्तर प्रदेश दौरे और भाजपा की मेगा प्रदेश कार्यसमिति की बैठक के बाद पार्टी में संगठनात्मक गतिविधियां तेज हुई हैं। इन बैठकों में मिशन-2027, बूथ प्रबंधन, संगठन की मजबूती और चुनावी तैयारियों को लेकर चर्चा हुई थी।

अब प्रकोष्ठों के पदाधिकारियों की बैठक को उसी रणनीति की अगली कड़ी के तौर पर देखा जा रहा है। भाजपा नेतृत्व की कोशिश है कि प्रदेश से लेकर जिला और स्थानीय स्तर तक संगठन की हर इकाई सक्रिय रहे। पार्टी चाहती है कि चुनाव से पहले किसी भी सामाजिक वर्ग या क्षेत्र में उसकी पहुंच कमजोर न पड़े।

वीडी शर्मा के अनुभव का यूपी में होगा इस्तेमाल

इस पूरी कवायद में वीडी शर्मा की भूमिका भी अहम मानी जा रही है। मध्य प्रदेश भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष के तौर पर संगठनात्मक अनुभव रखने वाले वीडी शर्मा को राष्ट्रीय स्तर पर संकुल प्रकोष्ठ की जिम्मेदारी दी गई है। उत्तर प्रदेश में उनकी मौजूदगी के जरिए अलग-अलग प्रकोष्ठों को एक समन्वित चुनावी रणनीति के तहत सक्रिय करने की कोशिश होगी।

वहीं, प्रदेश महामंत्री संगठन धर्मपाल सिंह की मौजूदगी से संकेत मिलता है कि प्रदेश भाजपा संगठन इस अभियान को गंभीरता से आगे बढ़ाना चाहता है। बैठक में प्रकोष्ठों के पदाधिकारियों को उनकी जिम्मेदारियों, संगठन के साथ समन्वय और आगामी चुनाव को ध्यान में रखकर कार्ययोजना तैयार करने का संदेश दिया जा सकता है।

कुल मिलाकर, उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा संगठन के हर हिस्से को सक्रिय करने की रणनीति पर काम कर रही है। बूथ स्तर पर मजबूती के साथ 24 प्रकोष्ठों के जरिए सामाजिक समीकरण साधने और समाज के अलग-अलग वर्गों तक पहुंच बनाने की यह कोशिश पार्टी के चुनावी माइक्रो मैनेजमेंट का अहम हिस्सा बन सकती है।

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Reporter - LucknowRajan.kashyap47@gmail.com
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