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712 नेताओं की फौज, सामने 2027 का चुनाव! अमित शाह और योगी आज भाजपा को देंगे कौन-सा मंत्र?
UP BJP Meeting: यूपी विधानसभा चुनाव 2027 से पहले लखनऊ में BJP की बड़ी कार्यसमिति बैठक आज। अमित शाह करेंगे उद्घाटन, CM योगी देंगे समापन सत्र में संबोधन। जानें बैठक का एजेंडा।
UP BJP Meeting: उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव (Assembly Elections) से पहले भारतीय जनता पार्टी (BJP) अपनी संगठनात्मक तैयारियों और आगामी रणनीति पर मंथन करने जा रही है। इसके लिए आज लखनऊ के डॉ. राम मनोहर लोहिया विधि विश्वविद्यालय में भाजपा की प्रदेश कार्यसमिति (State Working Committee) की बैठक होगी। प्रदेश अध्यक्ष एवं केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री पंकज चौधरी की अध्यक्षता में होने वाली इस बैठक का उद्घाटन केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह करेंगे, जबकि समापन सत्र को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ संबोधित करेंगे।
बैठक ऐसे समय हो रही है, जब प्रदेश में हालिया विधान परिषद चुनाव (MLC Elections) के नतीजे, मतदाता सूची में सामने आई त्रुटियां, भर्ती एवं प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े सवाल और सरकारी योजनाओं को जनता तक पहुंचाने जैसे मुद्दे राजनीतिक विमर्श में हैं। आगामी विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए संगठन की सक्रियता, बूथ स्तर की तैयारियों और सरकार के कामकाज को लेकर पार्टी का रुख महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
भाजपा की नई प्रदेश कार्यसमिति में कुल 712 सदस्यों को शामिल किया गया है। ऐसे में बैठक के सामने एक बड़ी चुनौती इस व्यापक संगठनात्मक ढांचे को आगामी चुनाव की तैयारियों में सक्रिय करने की होगी। प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में संगठन की स्थिति, स्थानीय नेतृत्व की भूमिका और कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारियों पर चर्चा होने की संभावना है।
एमएलसी चुनाव के नतीजों से संगठन की समीक्षा की संभावना
प्रदेश कार्यसमिति की बैठक से ठीक पहले विधान परिषद की 11 सीटों के चुनाव परिणाम भी राजनीतिक चर्चा में हैं। इन चुनावों में भाजपा ने छह और समाजवादी पार्टी (SP) ने पांच सीटों पर जीत दर्ज की है।
परिणामों में भाजपा ने अपनी छह सीटें बरकरार रखीं, जबकि सपा ने पांच सीटों पर जीत हासिल की। लखनऊ और वाराणसी जैसे क्षेत्रों में सपा की सफलता तथा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में उसके प्रदर्शन को आगामी विधानसभा चुनाव से पहले संगठनात्मक समीक्षा के संदर्भ में देखा जा सकता है।
हालांकि, स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के मतदाता सामान्य विधानसभा चुनाव के मतदाताओं से अलग होते हैं। इसलिए इन नतीजों को पूरे प्रदेश के मतदाताओं के रुझान का सीधा संकेत नहीं माना जा सकता।
712 सदस्यीय कार्यसमिति के सामने संगठन को सक्रिय करने की चुनौती
भाजपा ने 26 अक्टूबर को अपनी नई प्रदेश कार्यसमिति की घोषणा की थी। इसमें 548 सदस्य, 30 स्थायी आमंत्रित सदस्य और 134 विशेष आमंत्रित सदस्य शामिल हैं। इस तरह कार्यसमिति का कुल आकार 712 सदस्यों का है, जो पिछली कार्यसमिति के मुकाबले 267 अधिक है।
प्रदेश को पश्चिम, ब्रज, कानपुर, अवध, काशी और गोरखपुर सहित छह संगठनात्मक क्षेत्रों में बांटकर प्रतिनिधित्व दिया गया है। बैठक में इन क्षेत्रों के संगठनात्मक कामकाज, स्थानीय नेतृत्व और बूथ स्तर पर कार्यकर्ताओं की भूमिका को लेकर दिशा तय होना महत्वपूर्ण रहेगा।
रोजगार, भर्ती और मतदाता सूची पर भी रहेगी नजर
उत्तर प्रदेश में सरकारी भर्ती, प्रतियोगी परीक्षाओं और नियुक्तियों से जुड़े सवाल लगातार उठते रहे हैं। इन मुद्दों पर अभ्यर्थियों की मांगें सरकार के लिए प्रशासनिक चुनौती होने के साथ राजनीतिक विमर्श का भी हिस्सा हैं। ऐसे में बैठक के दौरान रोजगार और भर्ती संबंधी मुद्दों पर किसी विशेष निर्णय की घोषणा होती है या नहीं, इस पर नजर रहेगी।
विधान परिषद चुनाव की मतदाता सूची (Voter List) में नामों से जुड़ी त्रुटियों का मामला भी सामने आया है। ऐसे में मतदाता सूची के सत्यापन, पात्र मतदाताओं के पंजीकरण और शिकायतों के निस्तारण में पार्टी कार्यकर्ताओं की भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है। हालांकि, विधानसभा मतदाता सूची में व्यापक गड़बड़ी का निष्कर्ष केवल विधान परिषद की मतदाता सूची से जुड़ी त्रुटियों के आधार पर नहीं निकाला जा सकता।
सरकार की उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाने की रणनीति
बैठक में योगी सरकार के कामकाज, कानून-व्यवस्था, महिला सुरक्षा, विकास योजनाओं, रोजगार और कल्याणकारी कार्यक्रमों को लेकर पार्टी का राजनीतिक संदेश भी महत्वपूर्ण रहेगा। भाजपा के सामने इन विषयों पर सरकार के कार्यों की जानकारी जनता तक पहुंचाने के साथ स्थानीय समस्याओं और लंबित शिकायतों पर भी ध्यान देने की चुनौती है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के समापन संबोधन में सरकार के कामकाज और संगठन की आगामी जिम्मेदारियों को लेकर क्या संदेश दिया जाता है, इस पर भी नजर रहेगी। वहीं, अमित शाह का संबोधन पार्टी की चुनावी तैयारियों और संगठनात्मक प्राथमिकताओं के लिहाज से महत्वपूर्ण होगा।
2027 के चुनाव पर क्या पड़ सकता है असर?
इस बैठक के नतीजों का महत्व तीन प्रमुख स्तरों पर देखा जा सकता है। संगठनात्मक स्तर पर नई कार्यसमिति को स्पष्ट जिम्मेदारियां और क्षेत्रवार लक्ष्य मिलते हैं या नहीं, इससे पार्टी की जमीनी तैयारियों की दिशा स्पष्ट होगी। राजनीतिक स्तर पर एमएलसी चुनाव के नतीजों और स्थानीय संगठन के प्रदर्शन की समीक्षा से पार्टी की प्राथमिकताओं में बदलाव दिखाई देता है या नहीं, यह महत्वपूर्ण होगा।
सरकार और जनता के बीच संवाद के स्तर पर रोजगार, महिला सुरक्षा, विकास योजनाओं और स्थानीय शिकायतों पर पार्टी का रुख आगामी चुनाव से पहले उसके सार्वजनिक संवाद को प्रभावित कर सकता है।
बैठक के बाद राजनीतिक प्रस्ताव, संगठनात्मक निर्देश और घोषित कार्यक्रम यह समझने में मदद करेंगे कि भाजपा 2027 की तैयारी को किस दिशा में आगे बढ़ाना चाहती है। फिलहाल किसी नई सीटवार टिकट सूची, विधायकों को बदलने की सूची या सहयोगी दलों के साथ अंतिम सीट-बंटवारे के समझौते की पुष्टि नहीं हुई है।
अब नजर बैठक के राजनीतिक प्रस्ताव और अमित शाह व योगी आदित्यनाथ के संबोधन पर रहेगी। इनसे यह स्पष्ट हो सकेगा कि भाजपा आगामी विधानसभा चुनाव से पहले किन मुद्दों को प्राथमिकता देती है और संगठन को जमीन पर सक्रिय करने के लिए क्या कदम उठाती है।


