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वेतन विसंगति के खिलाफ बॉन्डेड डॉक्टरों का अनोखा विरोध, गांधी प्रतिमा पर गाया राष्ट्रगान
Lucknow: लखनऊ में वेतन विसंगति के खिलाफ बॉन्डेड डॉक्टरों का प्रदर्शन जारी है। गांधी प्रतिमा पर राष्ट्रगान गाने के बाद पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर पुलिस लाइन भेजा।
(इमेज क्रेडिट-आशुतोष त्रिपाठी)
(वीडियो क्रेडिट-आशुतोष त्रिपाठी)
Lucknow: उत्तर प्रदेश में वेतन विसंगतियों को लेकर बॉन्डेड एमबीबीएस डॉक्टरों का आंदोलन बुधवार को भी जारी रहा। हजरतगंज स्थित गांधी प्रतिमा पर प्रदर्शन कर रहे डॉक्टरों ने अपनी मांगों के समर्थन में राष्ट्रगान गाया। प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने डॉक्टरों को हिरासत में ले लिया और उन्हें पुलिस लाइन भेज दिया। डॉक्टरों का कहना है कि समान डिग्री और समान काम के बावजूद वेतन में बड़ा अंतर उनके साथ अन्याय है। जब तक सरकार वेतन विसंगतियों को दूर करने के लिए लिखित शासनादेश जारी नहीं करती, उनका आंदोलन जारी रहेगा।
(वीडियो क्रेडिट-आशुतोष त्रिपाठी)
समान डिग्री, समान काम तो वेतन में अंतर क्यों?
प्रदर्शन में शामिल डॉक्टरों ने कहा कि वर्ष 2018, 2019 और 2020 बैच के डॉक्टरों ने सरकारी मेडिकल कॉलेजों से एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी की है। सभी ने दो वर्ष की अनिवार्य ग्रामीण सेवा करने या इसके बदले 10 लाख रुपये के बॉन्ड की शर्त स्वीकार की थी। इसके बावजूद अलग-अलग व्यवस्थाओं के तहत वेतन और भत्तों में अंतर किया जा रहा है।
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डॉक्टरों ने सवाल उठाया कि जब उनकी डिग्री, चयन प्रक्रिया और जिम्मेदारियां समान हैं, तो वेतनमान में भेदभाव क्यों किया जा रहा है? उनका कहना है कि वे दूरदराज के क्षेत्रों और कठिन परिस्थितियों में स्वास्थ्य सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन लंबे समय से उनकी मांगों पर निर्णय नहीं लिया जा रहा है।
एक साल से लगा रहे शासन के चक्कर
आंदोलनकारी डॉक्टरों के मुताबिक, वे पिछले एक वर्ष से वेतन विसंगतियों को दूर कराने के लिए संबंधित विभागों के चक्कर लगा रहे हैं। कभी महानिदेशालय चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण (डीजीएमई) तो कभी महानिदेशालय चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं (डीजीएचएस) से संपर्क करने को कहा जाता है। कई बार लिखित प्रत्यावेदन देने और आश्वासन मिलने के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं निकल सका है।


