कक्षा 9 से 12 तक के छात्रों का शैक्षणिक भविष्य होगा डिजिटल और सुरक्षित, योगी सरकार का बढ़ा फोकस

UP Students APAAR ID: उत्तर प्रदेश में कक्षा 9 से 12 तक के विद्यार्थियों के लिए APAAR ID पर योगी सरकार का फोकस बढ़ा है। 12 अंकों की डिजिटल पहचान से मार्कशीट, ट्रांसफर सर्टिफिकेट और शैक्षणिक रिकॉर्ड सुरक्षित रखने में मदद मिलेगी।

Aditya Kumar Verma
Published on: 27 Aug 2026 8:57 PM IST
UP Students APAAR ID | CM Yogi Aditya Nath
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UP Students APAAR ID: योगी सरकार की डिजिटल और पारदर्शी शिक्षा व्यवस्था में अब विद्यार्थियों के शैक्षणिक भविष्य को सुरक्षित डिजिटल पहचान से जोड़ने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इसी दिशा में माध्यमिक शिक्षा परिषद, उत्तर प्रदेश ने कक्षा 9 से 12 तक के विद्यार्थियों से अपार आईडी (APAAR ID) बनवाकर अपने अग्रिम पंजीकरण एवं परीक्षा आवेदन पत्र में दर्ज करने का अनुरोध किया है। ‘वन नेशन, वन स्टूडेंट आईडी’ की अवधारणा पर आधारित 12 अंकों की यह स्थायी डिजिटल पहचान विद्यार्थियों की स्कूल से लेकर उच्च शिक्षा तक की शैक्षणिक यात्रा के रिकॉर्ड को सुरक्षित और व्यवस्थित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

शैक्षणिक पहचान को मिलेगी डिजिटल सुरक्षा

अपार आईडी के माध्यम से विद्यार्थियों की शैक्षणिक पहचान को डिजिटल सुरक्षा देने की यह पहल योगी सरकार के पारदर्शी, तकनीक आधारित और विद्यार्थी-केंद्रित शिक्षा तंत्र को और मजबूत करेगी। इससे आज के विद्यार्थी का शैक्षणिक रिकॉर्ड भविष्य की शिक्षा तक सुरक्षित और व्यवस्थित रूप से साथ ले जाने का आधार तैयार होगा।

अपर मुख्य सचिव माध्यमिक शिक्षा पार्थ सारथी सेन शर्मा ने बताया कि परिषद द्वारा कक्षा 9 एवं 11 के विद्यार्थियों के अग्रिम पंजीकरण तथा कक्षा 10 एवं 12 के विद्यार्थियों के परीक्षा आवेदन पत्र भरने की प्रक्रिया चल रही है। इसी क्रम में विद्यार्थियों के शैक्षणिक विवरण को पारदर्शी, त्रुटिरहित और सुरक्षित रखने के उद्देश्य से अपार आईडी की व्यवस्था को बढ़ावा दिया जा रहा है।

स्थायी डिजिटल पहचान है अपार आईडी

अपार आईडी 12 अंकों की स्थायी डिजिटल पहचान है, जिसके माध्यम से विद्यार्थी की पूरी शैक्षणिक यात्रा के क्रेडिट और रिपोर्ट कार्ड को एक स्थान पर सुरक्षित रखा जा सकेगा। इसके माध्यम से मार्कशीट, ट्रांसफर सर्टिफिकेट समेत विभिन्न प्रमाणपत्र डिजीलॉकर पर डिजिटल रूप से सुरक्षित रहेंगे। इससे भविष्य में महत्वपूर्ण दस्तावेज खोने या खराब होने की चिंता कम होगी।

छात्रवृत्ति और योजनाओं का लाभ पहुंचाने में मिलेगी सुविधा

सही विवरण और आंकड़ों के आधार पर विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति, कल्याणकारी योजनाओं और शैक्षणिक सुविधाओं का लाभ सीधे और बिना बाधा उपलब्ध कराने में अपार आईडी उपयोगी होगी। इससे विद्यार्थियों की शैक्षणिक पहचान और उनके अभिलेखों को डिजिटल व्यवस्था से जोड़ने में मदद मिलेगी।

अभिभावकों की सहमति से बनेगी अपार आईडी: भगवती सिंह

माध्यमिक शिक्षा परिषद के सचिव भगवती सिंह ने बताया कि पंजीकरण एवं आवेदन पत्र भरते समय अपार आईडी का विवरण देना अनिवार्य नहीं है। हालांकि, विद्यार्थियों के व्यापक हित और उनके डिजिटल शैक्षणिक भविष्य को सुरक्षित करने के लिए परिषद ने सभी विद्यालय प्रधानाचार्यों, शिक्षकों एवं अभिभावकों से विशेष अनुरोध किया है कि वे अपने बच्चों की अपार आईडी बनवाकर इसे अग्रिम पंजीकरण एवं परीक्षा फॉर्म में दर्ज कराएं। उन्होंने कहा कि अपार आईडी का निर्माण सरल और सुरक्षित प्रक्रिया है, जो अभिभावकों की सहमति से पूरी की जाती है। प्रधानाचार्यों से प्रयास करने को कहा गया है कि अग्रिम पंजीकरण की अंतिम तिथि से पूर्व शत-प्रतिशत विद्यार्थियों की अपार आईडी प्रविष्ट हो जाए।

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आदित्य कुमार वर्मा उत्तर प्रदेश के पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 8 वर्षों से अधिक का अनुभव प्राप्त है। उन्होंने भारतीय राजनीति, अपराध, स्वास्थ्य और मानवीय सरोकारों से जुड़ी खबरों की व्यापक रिपोर्टिंग की है। उनके पास मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (MJMC) की डिग्री है और वे रिपोर्टर, एंकर तथा सब-एडिटर जैसे महत्वपूर्ण पदों पर कार्य कर चुके हैं। साथ ही वो उत्तर प्रदेश की राजनीति, शासन-प्रशासन और नौकरशाही व्यवस्था की गहरी समझ रखते हैं। पत्रकारिता के अलावा उन्हें पुस्तकों का अध्ययन, लेखन, कविता-लेखन और पाठ और यात्राएं करना विशेष रूप से पसंद है। विभिन्न संस्कृतियों और समाजों को करीब से जानने-समझने की उनकी रुचि ने उनके दृष्टिकोण को व्यापक बनाया है, जिसका सकारात्मक प्रभाव उनकी लेखन शैली और रिपोर्टिंग में भी देखने को मिलता है।

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