AIPMA के अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में यूपीडा ने उत्तर प्रदेश की निवेश संभावनाओं एवं IMLC कार्यक्रम को किया प्रदर्शित

AIPMA Conference: लखनऊ में आयोजित AIPMA सम्मेलन में उत्तर प्रदेश ने IMLC कार्यक्रम, मजबूत औद्योगिक कनेक्टिविटी और निवेश-अनुकूल नीतियों के जरिए प्रदेश को वैश्विक विनिर्माण एवं सोर्सिंग हब के रूप में विकसित करने की संभावनाएं प्रस्तुत कीं।

Newstrack Network
Published on: 13 Aug 2026 6:45 PM IST (Updated on: 13 Aug 2026 6:45 PM IST)
Lucknow News
X

Lucknow News

AIPMA Conference: ऑल इंडिया प्लास्टिक्स मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (AIPMA) द्वारा “India as a Global Sourcing Hub for the Plastics and Packaging Industry” विषय पर चौथे अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन 13 अगस्त, 2026 को होटल ताज महल, लखनऊ में किया गया। सम्मेलन में उत्तर प्रदेश के माननीय उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जबकि भारत सरकार के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय की संयुक्त सचिव मर्सी एपाओ विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। सम्मेलन में नीति-निर्माताओं, उद्योग जगत के प्रतिनिधियों, निर्माताओं तथा निवेशकों ने प्लास्टिक्स एवं पैकेजिंग क्षेत्र में भारत की वैश्विक विनिर्माण एवं सोर्सिंग हब के रूप में बढ़ती भूमिका पर विचार-विमर्श किया।

सम्मेलन में उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवेज इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (यूपीडा) ने सक्रिय सहभागिता की। यूपीडा की ओर से मोनिका कुमार, एजीएम, इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग एंड लॉजिस्टिक्स क्लस्टर (IMLC) ने “Investment Opportunities in Uttar Pradesh” विषय पर प्रस्तुति देते हुए प्रदेश की तेजी से विकसित हो रही औद्योगिक एवं निवेश अनुकूल व्यवस्था तथा यूपीडा के महत्वाकांक्षी Integrated Manufacturing and Logistics Cluster (IMLC) Programme की व्यापक संभावनाओं को रेखांकित किया।

अपने संबोधन में मोनिका कुमार ने कहा कि उत्तर प्रदेश देश के प्रमुख निवेश गंतव्यों में तेजी से उभर रहा है। लगभग USD 340 बिलियन से अधिक की GSDP, देश की GDP में लगभग 09.37 प्रतिशत योगदान तथा लगभग 25 करोड़ की आबादी के साथ प्रदेश देश के सबसे बड़े उपभोक्ता बाजारों में शामिल है। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश में 96 लाख से अधिक MSMEs हैं, जो इसे देश का सबसे बड़ा MSME आधार प्रदान करते हैं। यह मजबूत औद्योगिक आधार प्रदेश के विशाल एवं कुशल मानव संसाधन के साथ निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण अवसर उपलब्ध कराता है।

उन्होंने औद्योगिक विकास में कनेक्टिविटी की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए बताया कि उत्तर प्रदेश में 4 लाख किलोमीटर से अधिक सड़क नेटवर्क, 16,000 किलोमीटर से अधिक रेल नेटवर्क, 19 घरेलू एवं 5 अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे, Dedicated Freight Corridor से जुड़ाव तथा तेजी से विकसित हो रहा मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स नेटवर्क मौजूद है। उन्होंने कहा कि एक भू-आबद्ध राज्य के लिए बेहतर कनेक्टिविटी औद्योगिक प्रतिस्पर्धा एवं निवेश आकर्षण की सबसे महत्वपूर्ण आधारभूत आवश्यकताओं में से एक है।

मोनिका कुमार ने बताया कि उत्तर प्रदेश में 2,150 किलोमीटर से अधिक एक्सप्रेसवे नेटवर्क विकसित हो चुका है तथा प्रदेश में कुल 20 एक्सप्रेसवे परियोजनाएं, जिनमें 10 संचालित एवं 10 आगामी परियोजनाएं शामिल हैं, विकसित की जा रही हैं। इन परियोजनाओं के पूर्ण होने पर प्रदेश के लगभग *65 प्रतिशत जिले एक्सप्रेसवे नेटवर्क से जुड़ जाएंगे, जिससे क्षेत्रीय कनेक्टिविटी, आर्थिक एकीकरण और औद्योगिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी।

उन्होंने बताया कि यूपीडा की भूमिका अब केवल सड़क एवं एक्सप्रेसवे निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि एक्सप्रेसवे को समेकित आर्थिक एवं औद्योगिक कॉरिडोर के रूप में विकसित करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। इसी विजन के तहत यूपीडा द्वारा प्रदेश के 26 जिलों में पांच प्रमुख एक्सप्रेसवे के किनारे 27 Integrated Manufacturing and Logistics Clusters (IMLCs) विकसित किए जा रहे हैं। इन IMLCs के माध्यम से लगभग 12,700 एकड़ का औद्योगिक लैंड बैंक उपलब्ध कराया जा रहा है। विभिन्न क्लस्टर्स में लगभग 220 एकड़ से लेकर 1,600 एकड़ से अधिक तक के औद्योगिक क्षेत्र उपलब्ध हैं, जो एंकर उद्योगों सहित बड़े पैमाने के निवेश के लिए उपयुक्त हैं।

IMLCs की विशेषताओं पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने बताया कि इन क्लस्टर्स में निवेशकों को एक्सप्रेसवे से सीधी कनेक्टिविटी, सड़क-रेल-हवाई मार्गों के माध्यम से मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी, समर्पित विद्युत अवसंरचना एवं सब-स्टेशन, सुनिश्चित जलापूर्ति, आंतरिक सड़क नेटवर्क, ड्रेनेज सिस्टम, फायर स्टेशन तथा अन्य आवश्यक उपयोगिताएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। इस एकीकृत अवसंरचना का उद्देश्य उद्योगों के लॉजिस्टिक्स खर्च को कम करना तथा उनकी परिचालन दक्षता और प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता को बढ़ाना है।

उन्होंने बताया कि IMLC कार्यक्रम के प्रति निवेशकों का विश्वास लगातार बढ़ रहा है। बेवरेज मैन्युफैक्चरिंग, लॉजिस्टिक्स, रिन्यूएबल एनर्जी, फार्मास्यूटिकल्स, कंस्ट्रक्शन इक्विपमेंट तथा औद्योगिक विनिर्माण सहित विभिन्न क्षेत्रों के निवेशकों ने इन क्लस्टर्स में रुचि दिखाई है। अब तक लगभग 300 एकड़ भूमि आवंटित की जा चुकी है, जिसके माध्यम से लगभग ₹6,105 करोड़ के प्रस्तावित निवेश तथा 8,000 से अधिक संभावित रोजगार अवसरों का मार्ग प्रशस्त हुआ है।

प्रस्तुति के दौरान उत्तर प्रदेश की Ease of Doing Business व्यवस्था को भी रेखांकित किया गया। उन्होंने बताया कि निवेश मित्र सिंगल विंडो क्लियरेंस सिस्टम, निवेश सारथी इन्वेस्टर फैसिलिटेशन प्लेटफॉर्म, डिजिटल अप्रूवल मैकेनिज्म तथा ऑनलाइन इंसेंटिव मैनेजमेंट सिस्टम के माध्यम से निवेशकों को त्वरित एवं पारदर्शी सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। हाल ही में प्रारंभ किए गए निवेश मित्र 3.0 में एकीकृत अनुमोदन, रियल-टाइम आवेदन ट्रैकिंग तथा सरल व्यावसायिक प्रक्रियाओं को शामिल किया गया है, जिससे प्रदेश का निवेशक-अनुकूल वातावरण और अधिक सुदृढ़ हुआ है।

मोनिका कुमार ने उत्तर प्रदेश सरकार की मजबूत नीतिगत एवं प्रोत्साहन व्यवस्था की जानकारी देते हुए बताया कि प्रदेश में विनिर्माण, लॉजिस्टिक्स, खाद्य प्रसंस्करण, इलेक्ट्रॉनिक्स, रक्षा, इलेक्ट्रिक वाहन, डेटा सेंटर, नवीकरणीय ऊर्जा सहित विभिन्न प्राथमिकता वाले क्षेत्रों के लिए 33 से अधिक सेक्टर-विशिष्ट नीतियां लागू हैं। इन नीतियों एवं लक्षित प्रोत्साहनों के माध्यम से देशी एवं वैश्विक निवेश को उत्तर प्रदेश की ओर आकर्षित करने में महत्वपूर्ण सहायता मिल रही है।

अपने संबोधन के समापन पर उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश अब केवल कनेक्टिविटी की कहानी से प्रतिस्पर्धात्मकता की कहानी की ओर बढ़ रहा है। प्रदेश का प्रत्येक एक्सप्रेसवे केवल आवागमन को सुगम बनाने का माध्यम नहीं, बल्कि औद्योगिक विकास, रोजगार सृजन और क्षेत्रीय आर्थिक विकास का उत्प्रेरक बन रहा है।

उन्होंने कहा, “Connectivity got us here; competitiveness is what we build next. Uttar Pradesh's expressway network is not just transforming mobility, it is creating the industrial and economic backbone of a trillion-dollar state economy.”

यूपीडा द्वारा संचालित IMLC कार्यक्रम के माध्यम से उत्तर प्रदेश में एक्सप्रेसवे आधारित औद्योगिक एवं लॉजिस्टिक्स इकोसिस्टम को नई दिशा मिल रही है। यह पहल प्रदेश को एक प्रमुख निवेश गंतव्य के रूप में स्थापित करने, बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर सृजित करने तथा उत्तर प्रदेश को USD 1 ट्रिलियन की अर्थव्यवस्था बनाने के राज्य के लक्ष्य को गति देने के साथ-साथ Viksit Bharat @2047 के राष्ट्रीय संकल्प में महत्वपूर्ण योगदान दे रही है।

Newstrack Network
ABOUT THE AUTHOR

Newstrack Network

Newstrack Desknewstracknetwork@gmail.com

Newstrack is one of the most Trusted and Popular news portal of India. Remain updated and aware, only on Newstrack

Next Story