'वीआईपी रूट' पर थम गई रफ्तार: गोमतीनगर के भीषण जाम में एम्बुलेंस तक बेबस, घंटों फंसे रहे लोग

Lucknow: लखनऊ के गोमतीनगर में भीषण ट्रैफिक जाम से लोग घंटों परेशान रहे। लोहिया चौराहे से 1090 चौराहे तक वाहनों की लंबी कतारें लगीं, वहीं कई एम्बुलेंस भी जाम में फंस गईं।

Ashutosh Tripathi
Published on: 6 Aug 2026 2:59 PM IST
Lucknow Traffic
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Lucknow: राजधानी के सबसे व्यस्त और वीआईपी इलाकों में शुमार गोमतीनगर गुरुवार को भीषण ट्रैफिक जाम की चपेट में आ गया। लोहिया चौराहे से लेकर 1090 चौराहे तक वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। सड़क पर चारों ओर सिर्फ गाड़ियों का सैलाब दिखाई दिया और लोग घंटों जाम में फंसे रहे। सबसे चिंताजनक स्थिति तब देखने को मिली जब कई एम्बुलेंस भी इस जाम में फंस गईं और उन्हें रास्ता बनाने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी।

दोपहर के समय अचानक बढ़े ट्रैफिक दबाव के चलते पूरे क्षेत्र की यातायात व्यवस्था चरमरा गई। कार, बाइक, बस और ऑटो चालक धीरे-धीरे रेंगते हुए आगे बढ़ते नजर आए। कई लोग अपने कार्यालयों और जरूरी कार्यों के लिए समय पर नहीं पहुंच सके। जाम के कारण राहगीरों और वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सड़क पर वाहनों की संख्या लगातार बढ़ती रही, लेकिन ट्रैफिक का संचालन प्रभावी ढंग से नहीं हो सका। कई स्थानों पर वाहन एक-दूसरे के आगे निकलने की कोशिश करते रहे, जिससे स्थिति और बिगड़ गई। सड़क पर फंसे लोगों ने ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर नाराजगी भी जताई।


सबसे अधिक चिंता का विषय यह रहा कि मरीजों को लेकर जा रही कई एम्बुलेंस भी लंबे समय तक जाम में फंसी रहीं। सायरन बजने के बावजूद वाहनों को निकलने के लिए पर्याप्त जगह नहीं मिल सकी। इससे मरीजों और उनके परिजनों की चिंता बढ़ गई।

लोहिया चौराहे से 1090 चौराहे तक फैले इस भीषण जाम ने एक बार फिर राजधानी की ट्रैफिक व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस मार्ग पर अक्सर जाम की समस्या बनी रहती है, लेकिन पीक आवर्स में यातायात को नियंत्रित करने के लिए प्रभावी व्यवस्था नजर नहीं आती। लोगों ने मांग की है कि व्यस्त चौराहों पर अतिरिक्त ट्रैफिक पुलिस की तैनाती और बेहतर ट्रैफिक प्रबंधन किया जाए, ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने।

Ashutosh Tripathi
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Chief Photojournalist Mail ID - tripathiashutosh88@gmail.comtripathiashutosh88@gmail.com

आशुतोष त्रिपाठी जन्म 17 अप्रैल 1988 एक भारतीय फोटोग्राफर और फोटो जर्नलिस्ट हैं। पत्रकारिता जीवन की शुरुआत बतौर रिपोर्टर वॉइस ऑफ़ मूवमेंट में हुई, इसके बाद 2013 में नव भारत टाइम्स में एक युवा फोटो जर्नलिस्ट के रूप में कार्यरत थे। आशुतोष त्रिपाठी ने 2007 में एमिटी विश्वविद्यालय से मास्टर इन जर्नलिस्म एंड मास कम्युनिकेशन का कोर्स किया। 2010 में वौइस् ऑफ मूवमेंट अखबार में बतौर रिपोर्टर तीन साल काम किया। इसके बाद 2013 में नव भारत टाइम्स में एक युवा फोटो जर्नलिस्ट के रूप में कार्यरत थे। 2014 में एक फोटोग्राफर बने और एक साल बाद दैनिक भास्कर उत्तर प्रदेश में सीनियर फोटोजर्नलिस्ट के रूप में कार्यरत रहे। 2016 से लगातार newstrack.com में चीफ फोटोजर्नलिस्ट के पद पर कार्यरत हैं। 2015 में एक इनके द्वारा की गयी एक बुजुर्ग टाइपिस्ट की स्टोरी ने पूरी दुनिया ख्याति प्राप्त की। 2016 में इन्हें पत्रकारिता जगत में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए नारद पुरुस्कार से सम्मानित किया गया था । 2017 में फोटोग्राफी क्लब ऑफ इंडिया द्वारा आयोजित इंटरनेशनल फोटोग्राफी कम्पटीशन में इन्होंने दूसरा स्थान हासिल किया । 2019 में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा आयोजित कुंभ फोटोग्राफी प्रतियोगिता में इन्होंने तृतीय पुरुस्कार मिला था ।।

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