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Lucknow University: लखनऊ विश्वविद्यालय में छात्रपंचायत, फीस वृद्धि और भ्रष्टाचार के खिलाफ छात्रों का प्रदर्शन
Lucknow University: लखनऊ विश्वविद्यालय में फीस वृद्धि, भ्रष्टाचार, छात्र हितों की उपेक्षा, निष्कासित छात्रों की बहाली और परिसर की बदहाल व्यवस्थाओं को लेकर छात्रों ने छात्रपंचायत आयोजित कर प्रशासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया।
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Lucknow University: लखनऊ विश्वविद्यालय में फीस वृद्धि, भ्रष्टाचार, छात्र हितों की उपेक्षा, मनमाने निष्कासन और परिसर की बदहाल व्यवस्थाओं को लेकर छात्रों ने छात्रपंचायत का आयोजन कर विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ जोरदार विरोध दर्ज कराया। छात्र नेताओं और विभिन्न छात्र संगठनों से जुड़े विद्यार्थियों ने विश्वविद्यालय परिसर में एकत्र होकर अपनी मांगों को लेकर आवाज बुलंद की।
छात्रों का कहना है कि विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा की गई 42 प्रतिशत फीस वृद्धि विद्यार्थियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाल रही है। उनका आरोप है कि बढ़ती फीस के बावजूद छात्रों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई जा रही हैं। छात्रपंचायत में वक्ताओं ने कहा कि विश्वविद्यालय में व्याप्त भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने और प्रशासनिक पारदर्शिता सुनिश्चित करने की आवश्यकता है।
प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने छात्र हितों की रक्षा करने, निष्कासित छात्रों की वापसी तथा ड्रेस कोड के नाम पर किए जा रहे कथित उत्पीड़न को बंद करने की मांग की। छात्रों का आरोप है कि प्रशासन द्वारा कुछ मामलों में मनमाने ढंग से कार्रवाई की जा रही है, जिससे विद्यार्थियों में असंतोष बढ़ रहा है।
छात्रपंचायत में मौजूद छात्रों ने परिसर की बदहाल व्यवस्थाओं, शैक्षणिक संसाधनों की कमी और बुनियादी सुविधाओं से जुड़े मुद्दों को भी उठाया। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय का प्राथमिक दायित्व छात्रों को बेहतर शिक्षा और अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराना है, लेकिन वर्तमान परिस्थितियों में उनकी समस्याओं की अनदेखी की जा रही है।
प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपने की भी बात कही। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
छात्रों ने प्रशासन से मांग की कि 42 प्रतिशत फीस वृद्धि तत्काल वापस ली जाए, भ्रष्टाचार पर रोक लगाई जाए, छात्र हितों की रक्षा की जाए, निष्कासित छात्रों को बहाल किया जाए तथा ड्रेस कोड के नाम पर होने वाले उत्पीड़न को बंद किया जाए।


