Akhilesh Yadav: अखिलेश यादव की बेटी को बदनाम करने की घटिया साजिश, सपा मुखिया ने सरकार की चुप्पी पर उठाए सवाल

Akhilesh Yadav: सपा मुखिया अखिलेश यादव की बेटी अदिति यादव के खिलाफ सोशल मीडिया पर फैलाई गई भ्रामक खबर के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। लखनऊ के हजरतगंज थाने में एफआईआर दर्ज होने और साइबर सेल की जांच के बीच अखिलेश यादव ने बड़ा बयान दिया है।

Harsh Srivastava
Published on: 11 Jun 2026 12:42 PM IST (Updated on: 11 Jun 2026 12:53 PM IST)
Akhilesh Yadav: अखिलेश यादव की बेटी को बदनाम करने की घटिया साजिश, सपा मुखिया ने सरकार की चुप्पी पर उठाए सवाल
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Akhilesh Yadav: उत्तर प्रदेश के सियासी गलियारों में इस समय एक बेहद संवेदनशील मामले को लेकर भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और सूबे के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की बड़ी बेटी अदिति यादव को लेकर सोशल मीडिया पर कुछ शरारती तत्वों द्वारा बेहद आपत्तिजनक और भ्रामक सामग्री प्रसारित की गई है। इस घटिया हरकत के सामने आने के बाद से न केवल समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता बल्कि आम जनता भी बेहद गुस्से में है। राजनीति के इस गिरते स्तर को लेकर हर तरफ थू-थू हो रही है और लोग दलगत राजनीति से ऊपर उठकर अदिति यादव के समर्थन में खड़े हो रहे हैं।

आखिर क्या है यह पूरा विवाद

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर पिछले कुछ समय से कुछ फर्जी अकाउंट्स के जरिए अदिति यादव की तस्वीरों के साथ छेड़छाड़ कर बेहद बेबुनियाद कहानियां फैलाई जा रही थीं। इन झूठी पोस्टों में दावा किया जा रहा था कि वह घर से करोड़ों रुपये लेकर कहीं गायब हो गई हैं। जैसे ही यह बात समाजवादी पार्टी के नेताओं और आईटी सेल की नजर में आई, वैसे ही इस पूरे झूठ का पर्दाफाश कर दिया गया। जांच में सामने आया कि ये तमाम दावे सौ फीसदी मनगढ़ंत और फर्जी हैं, जिनका वास्तविकता से दूर-दूर तक कोई नाता नहीं है। अदिति यादव पूरी तरह अपने परिवार के साथ सुरक्षित हैं और केवल एक राजनीतिक परिवार को बदनाम करने के मकसद से इस गहरी साजिश को रचा गया था।

भाजपा पर भड़के अखिलेश

इस पूरे मामले पर अपनी चुप्पी तोड़ते हुए सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने सीधे भारतीय जनता पार्टी के शीर्ष नेतृत्व और उनकी सोशल मीडिया टीम पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने बेहद कड़े शब्दों में कहा कि जिनके खुद के घर-परिवार नहीं होते, वे दूसरों के इज्जतदार परिवारों पर कीचड़ उछालने का काम करते हैं। इसके साथ ही अखिलेश यादव ने सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की खामोशी पर भी बड़े सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने मांग की है कि महिलाओं और बेटियों के सम्मान की दुहाई देने वाली सरकार इस घटिया कृत्य को अंजाम देने वालों पर तुरंत और बेहद सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करे।

सपा नेताओं में भारी आक्रोश, देश भर से मिल रहा समर्थन

इस शर्मनाक घटना के विरोध में समाजवादी पार्टी के तमाम बड़े नेता और कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए हैं। लखनऊ के हजरतगंज कोतवाली में पार्टी के नेताओं ने पहुंचकर इस मामले में कड़ी धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कराई है। सपा सांसद राजीव राय ने इस हरकत को मानसिक विक्षिप्तता की पराकाष्ठा बताते हुए साफ चेतावनी दी है कि सोशल मीडिया पर इस तरह का कीचड़ उछालने वाले एक-एक दोषी को अदालत के कटघरे में खड़ा किया जाएगा। वहीं देश के अन्य विपक्षी दलों के नेताओं ने भी इस घटना की कड़े शब्दों में निंदा की है और कहा है कि वैचारिक मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन किसी नेता की युवा बेटी को इस तरह राजनीति के बीच में घसीटना कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

एक्शन में साइबर जांच एजेंसियां और पुलिस

इस मामले के तूल पकड़ते ही उत्तर प्रदेश की पुलिस और विशेष साइबर सेल की टीमें पूरी तरह से मुस्तैद हो गई हैं। पुलिस उन सभी सोशल मीडिया हैंडल्स और आईपी एड्रेस को खंगालने में जुटी है, जहां से इस भ्रामक खबर और फर्जी स्क्रीनशॉट को सबसे पहले साझा किया गया था। जांच एजेंसियों का कहना है कि बहुत जल्द इस पूरी साजिश के पीछे छिपे चेहरों को बेनकाब कर दिया जाएगा। फिलहाल देश भर के लोग इंटरनेट पर अदिति यादव के समर्थन में आवाज बुलंद कर रहे हैं और ऐसी गंदी राजनीति का पूरी तरह से बहिष्कार करने की मांग कर रहे हैं।

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Hi! I am Harsh Srivastava, currently working as a Content Writer and News Coordinator at Newstrack. I oversee content planning, coordination, and contribute with in-depth articles and news features, especially focusing on politics and crime. I started my journey in journalism in 2023 and have worked with leading publications such as Hindustan, Times of India, and India News, gaining experience across cities including Varanasi, Delhi and Lucknow. My work revolves around curating timely news, in- depth research, and delivering engaging content to keep readers informed and connected.

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