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BJP के 8 उम्मीदवारों ने भरा नामांकन, योगी समेत दिग्गज जुटे; क्या है 2027 का प्लान?
UP Rajya Sabha Election: UP राज्यसभा चुनाव में BJP के सभी 8 प्रत्याशियों ने नामांकन दाखिल किया। योगी समेत कई दिग्गजों की मौजूदगी में शक्ति प्रदर्शन हुआ, नजर 2027 पर भी है।
BJP Rajya Sabha Candidates
UP Rajya Sabha Election: उत्तर प्रदेश में राज्यसभा की 10 सीटों पर होने वाले चुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। मंगलवार को नामांकन के आखिरी दिन भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सभी आठ प्रत्याशियों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में अपना नामांकन दाखिल किया। भाजपा ने धर्मपाल सिंह, राधाकांत ओझा, प्रकाश पाल, विद्यासागर सोनकर, गोपी कृष्ण पांडेय, प्रियंका सिंह रावत, रामप्रताप सिंह चौहान और श्रुति गंगवार को राज्यसभा चुनाव के मैदान में उतारा है।
नामांकन से पहले भाजपा प्रदेश मुख्यालय पर सभी प्रत्याशियों का जोरदार स्वागत किया गया। कार्यकर्ताओं ने ढोल-नगाड़ों के साथ उनका स्वागत किया। इसके बाद प्रत्याशी पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ विधान भवन पहुंचे, जहां सभी ने राज्यसभा चुनाव के लिए अपना-अपना नामांकन पत्र दाखिल किया।
योगी समेत कई बड़े नेता रहे मौजूद
नामांकन के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी भाजपा प्रत्याशियों को शुभकामनाएं दीं। इस दौरान पार्टी के वरिष्ठ नेता, मंत्री और संगठन से जुड़े प्रमुख पदाधिकारी भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री के अलावा केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक भी नामांकन में शामिल हुए।
योगी सरकार के कई मंत्री भी इस मौके पर मौजूद रहे। इनमें सुरेश खन्ना, राकेश सचान, आशीष पटेल, डॉ. संजय निषाद, कपिलदेव अग्रवाल, जेपीएस राठौर, दिनेश प्रताप सिंह, गिरीश चंद्र यादव, ब्रजेश सिंह, सतीश चंद्र शर्मा, रजनी तिवारी और बलदेव सिंह औलख प्रमुख रूप से शामिल रहे।
(वीडियो क्रेडिट- राजन कश्यप)
आठ नामों में सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन
भाजपा के आठ उम्मीदवारों की सूची में सामाजिक और क्षेत्रीय समीकरणों को संतुलित करने की कोशिश दिखाई देती है। इसमें ओबीसी, दलित, ब्राह्मण और महिला प्रतिनिधित्व के साथ संगठन से जुड़े नेताओं को भी जगह दी गई है।
प्रकाश पाल और विद्यासागर सोनकर जैसे संगठनात्मक पृष्ठभूमि वाले नेताओं को राज्यसभा भेजने के फैसले को पार्टी के जमीनी कार्यकर्ताओं को महत्व देने के संदेश से जोड़कर देखा जा रहा है। वहीं प्रियंका सिंह रावत और श्रुति गंगवार के जरिए महिला प्रतिनिधित्व को भी जगह मिली है।
उम्मीदवारों की सूची में ऐसे चेहरे भी शामिल हैं, जिनका पार्टी संगठन और अलग-अलग क्षेत्रों में लंबे समय से सक्रिय योगदान रहा है। ऐसे में उम्मीदवार चयन को राज्यसभा की चुनावी गणित के साथ 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों से भी जोड़कर देखा जा रहा है।
2027 के विधानसभा चुनाव पर भी नजर
उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव 2027 में होने हैं। ऐसे में राज्यसभा उम्मीदवारों के चयन में सामाजिक समीकरणों के साथ संगठनात्मक संदेश भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। भाजपा की रणनीति में ओबीसी, दलित, ब्राह्मण और महिला वोटरों के बीच अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश दिखाई देती है।
राज्यसभा उम्मीदवारों की सूची के जरिए पार्टी के पुराने और सक्रिय कार्यकर्ताओं को भी यह संदेश देने की कोशिश मानी जा रही है कि लंबे समय तक संगठन के लिए काम करने वाले नेताओं को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिल सकती है।
(वीडियो क्रेडिट- राजन कश्यप)
10 सीटों पर चुनाव, सियासी गणित पर नजर
उत्तर प्रदेश से राज्यसभा की कुल 10 सीटों पर चुनाव होना है। विधानसभा में मौजूदा संख्या बल के लिहाज से भाजपा और उसके सहयोगी दलों की स्थिति मजबूत है। भाजपा के सामने अपने अधिकांश उम्मीदवारों को जिताने की स्थिति है, जबकि अतिरिक्त उम्मीदवार को लेकर चुनावी गणित और राजनीतिक रणनीति महत्वपूर्ण होगी।
वहीं समाजवादी पार्टी भी अपने उम्मीदवारों के जरिए मुकाबले को रोचक बनाने की कोशिश में है। ऐसे में प्रस्तावकों, विधायकों के समर्थन और क्रॉस वोटिंग की संभावनाओं को लेकर सियासी चर्चाएं आने वाले दिनों में और तेज हो सकती हैं।
(फोटो क्रेडिट- राजन कश्यप)
नामांकन के जरिए एकजुटता का संदेश
भाजपा के सभी आठ प्रत्याशियों का एक साथ नामांकन और मौके पर मुख्यमंत्री, प्रदेश अध्यक्ष, दोनों उपमुख्यमंत्रियों समेत बड़ी संख्या में मंत्रियों और वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी को पार्टी की एकजुटता के प्रदर्शन के तौर पर देखा जा रहा है। इसे आगामी विधानसभा चुनाव से पहले संगठनात्मक शक्ति प्रदर्शन के संदेश से भी जोड़कर देखा जा रहा है।
अब नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद निगाहें नामांकन पत्रों की जांच, नाम वापसी और फिर मतदान के दिन विधानसभा में होने वाली वोटिंग पर रहेंगी। संख्या बल भाजपा के पक्ष में है, लेकिन आठवें उम्मीदवार की जीत और विपक्ष की रणनीति चुनाव को दिलचस्प बना सकती है।


