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अखिलेश का बीजेपी पर तंज, बोले- जश्न की तैयारी थी, 50 जिलों में हार गई पार्टी
Lucknow News: अखिलेश यादव ने अमित शाह के यूपी दौरे पर तंज कसते हुए कहा कि बीजेपी भले ही 5 सीटें गिन रही हो, लेकिन पार्टी 50 जिलों में चुनाव हारी है।
अमित शाह के दौरे पर अखिलेश यादव का तंज (फोटो-आशुतोष त्रिपाठी)
Lucknow News: विधान परिषद चुनाव नतीजों के बाद समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी और प्रदेश सरकार पर तीखा राजनीतिक हमला बोला है। लखनऊ में सपा प्रमुख ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के उत्तर प्रदेश दौरे पर तंज कसते हुए कहा "बड़ी देर कर दी मेहरबान आते-आते।" उन्होंने दावा किया कि चुनाव परिणामों के झटके से प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मचा है और अपनी नाकामी छुपाने के लिए सरकार जल्द ही कुछ अधिकारियों पर गाज गिराने की तैयारी में है।
जश्न की तैयारी में थे, धड़ाम से गिर गए
एमएलसी चुनाव में विजयी प्रत्याशियों को बधाई और मतदाताओं का आभार जताते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि मतगणना और मतदान के दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं को रातभर परेशान किया गया, इसके बावजूद जनता ने सत्तापक्ष को आईना दिखा दिया। उन्होंने कहा भले ही गिनती में सीटें पांच नजर आ रही हों, लेकिन असल में भाजपा 50 जिलों में चुनाव हारी है। जो लोग नतीजों के बाद बड़ा जश्न मनाने की तैयारी कर रहे थे, वे धड़ाम से नीचे आ गिरे हैं। उन्होंने कहा कि वाराणसी में लाल बिहारी यादव लगातार शिक्षकों की आवाज उठाते रहे और वहां की जनता ने सत्तापक्ष को 'डबल जीरो' थमा दिया। डॉ. आकाश अग्रवाल और संजयन त्रिपाठी के संदर्भ में बात करते हुए उन्होंने कहा कि अब वैश्य और कायस्थ समाज पूरी मजबूती के साथ समाजवादी पार्टी के साथ जुड़ चुका है, जिससे भाजपा का पूरा जातीय और राजनीतिक गणित पूरी तरह गड़बड़ा गया है।
26 नवंबर को आएगा घोषणा पत्र, शिक्षकों पर रहेगा फोकस
सपा प्रमुख ने बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि पार्टी आगामी 26 नवंबर को अपना घोषणा पत्र जारी करेगी। इस घोषणा पत्र में शिक्षकों और शिक्षा से जुड़ी समस्याओं को प्रमुखता से शामिल किया जाएगा। सरकार पर हमला बोलते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश में 26 हजार प्राथमिक विद्यालय बंद किए जा रहे हैं, जिससे सीधे तौर पर सवा लाख शिक्षकों के पद खत्म हो जाएंगे। इसी जनविरोधी नीति का नतीजा है कि महिला शिक्षकों ने शत-प्रतिशत भाजपा के खिलाफ मतदान किया है। जनता का यह स्पष्ट जनादेश मौजूदा सरकार के फैसलों के खिलाफ है।
पेपर लीक, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार पर घेरा
प्रदेश सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि यह 20 से अधिक भर्ती परीक्षाओं के पेपर लीक कराने वाली सरकार है, जिसने 11 हजार से ज्यादा आरक्षित पदों की नौकरियां छीन लीं। उन्होंने आरोप लगाया कि एक तरफ सरकार ने 26 हजार स्कूल बंद करने की कगार पर पहुंचा दिए, तो दूसरी तरफ 27 हजार नई शराब की दुकानें खुलवा दीं। उन्होंने कहा अयोध्या में राम मंदिर निर्माण से जुड़े घपले और काशी के मणिकर्णिका घाट की उपेक्षा को प्रदेश की जनता कभी नहीं भूलेगी। सत्तापक्ष का रवैया यही रहा है कि चाहे काशी डूब जाए, पर उनका धंधा बंद नहीं होना चाहिए।
डबल इंजन की डबल हार, टिकट खिड़की दिखेगी खाली
अखिलेश यादव ने दावा किया कि उत्तर प्रदेश में अब डबल इंजन की 'डबल हार' का सिलसिला शुरू हो चुका है। हार के डर से भाजपा के भीतर भीषण अंदरूनी कलह और भगदड़ मचेगी, जिसके चलते आगामी विधानसभा चुनाव में भाजपा की टिकट खिड़की पूरी तरह खाली नजर आएगी।
मुख्यमंत्री पर तंज कसते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि अब मुख्यमंत्री को यह तय करना होगा कि वे लखनऊ से ट्रेन बुक कराकर जाएंगे या एक्सप्रेसवे पकड़कर निकलेंगे। उन्होंने कहा कि जब किसी राजनीतिक दल का जनाधार बढ़ता है, तो उसका ग्राफ सिर्फ ऊपर जाता है। समाजवादी पार्टी और उसके गठबंधन की ऐतिहासिक जीत तय है और जिस दिन चुनाव की आधिकारिक घोषणा होगी, उसी दिन भाजपा की विदाई पर मुहर लग जाएगी। अखिलेश यादव ने यह भी स्पष्ट किया कि वे आगामी 1 नवंबर को दिल्ली में आयोजित विपक्षी दलों की रैली में शामिल होंगे।


