लखनऊ विश्वविद्यालय में धरने के दौरान छात्र की तबीयत बिगड़ी, अस्पताल में भर्ती

Lucknow News: लखनऊ विश्वविद्यालय में हॉस्टल आवंटन की सूची जारी करने की मांग पर धरना दे रहे छात्र प्रांजल उपाध्याय की तबीयत बिगड़ गई। उन्हें बलरामपुर अस्पताल में भर्ती कराया गया।

Ashutosh Tripathi
Published on: 24 Oct 2026 8:58 PM IST (Updated on: 24 Oct 2026 9:01 PM IST)
लखनऊ विश्वविद्यालय में धरने के दौरान छात्र की तबीयत बिगड़ी, अस्पताल में भर्ती
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लखनऊ विश्वविद्यालय में धरने के दौरान छात्र की बिगड़ी तबीयत (इमेज क्रेडिट-आशुतोष त्रिपाठी)

Lucknow News: लखनऊ विश्वविद्यालय में छात्रावास आवंटन में पारदर्शिता की मांग को लेकर धरना दे रहे विद्यार्थी प्रांजल उपाध्याय की शनिवार को तबीयत बिगड़ गई। उसे बलरामपुर अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज चल रहा है। धरनारत छात्रों का आरोप है कि प्रांजल की तबीयत शुक्रवार से खराब थी। शनिवार को हालत बिगड़ने पर विश्वविद्यालय प्रशासन ने एम्बुलेंस उपलब्ध कराने में 20 मिनट लगा दिए।

छात्र नेता रिशेंद्र प्रताप सिंह की अगुवाई में छात्रावास आवंटन की सूची जारी करने की मांग को लेकर विद्यार्थी शनिवार को आंदोलन के दसवें दिन भी धरने पर बैठे रहे। छात्रों ने कहा कि छात्र की तबीयत खराब होने के बावजूद एम्बुलेंस मिलने में देरी हुई। उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन से छात्र हितों और विद्यार्थियों की स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों के प्रति संवेदनशीलता बरतने की मांग की।

आवंटन सूची जारी होने तक जारी रहेगा धरना

छात्रों ने स्पष्ट किया कि 31 अक्तूबर को प्रस्तावित मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्यक्रम में वे कोई बाधा नहीं डालेंगे और न ही विरोध प्रदर्शन करेंगे। हालांकि, छात्रावास आवंटन की पूरी सूची सार्वजनिक होने और रिक्त सीटों का ब्योरा जारी होने तक उनका अनिश्चितकालीन धरना जारी रहेगा। इस बाबत 50 से अधिक छात्रों ने पुलिस उपायुक्त (डीसीपी), सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी), विश्वविद्यालय चौकी प्रभारी, कुलपति, कुलसचिव और मुख्य कुलानुशासक को ज्ञापन सौंपा। छात्रों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय और लखनऊ के सांसद एवं रक्षामंत्री राजनाथ सिंह को भी शिकायत भेजकर हस्तक्षेप की मांग की है।

छात्रों की प्रमुख मांगों में छात्रावासवार, पाठ्यक्रमवार और श्रेणीवार आवंटन सूची विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर जारी करना, खाली सीटों का ब्योरा सार्वजनिक करना और आवंटन प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच कराना शामिल है। छात्रों का कहना है कि मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा।

Ashutosh Tripathi
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Ashutosh Tripathi

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आशुतोष त्रिपाठी जन्म 17 अप्रैल 1988 एक भारतीय फोटोग्राफर और फोटो जर्नलिस्ट हैं। पत्रकारिता जीवन की शुरुआत बतौर रिपोर्टर वॉइस ऑफ़ मूवमेंट में हुई, इसके बाद 2013 में नव भारत टाइम्स में एक युवा फोटो जर्नलिस्ट के रूप में कार्यरत थे। आशुतोष त्रिपाठी ने 2007 में एमिटी विश्वविद्यालय से मास्टर इन जर्नलिस्म एंड मास कम्युनिकेशन का कोर्स किया। 2010 में वौइस् ऑफ मूवमेंट अखबार में बतौर रिपोर्टर तीन साल काम किया। इसके बाद 2013 में नव भारत टाइम्स में एक युवा फोटो जर्नलिस्ट के रूप में कार्यरत थे। 2014 में एक फोटोग्राफर बने और एक साल बाद दैनिक भास्कर उत्तर प्रदेश में सीनियर फोटोजर्नलिस्ट के रूप में कार्यरत रहे। 2016 से लगातार newstrack.com में चीफ फोटोजर्नलिस्ट के पद पर कार्यरत हैं। 2015 में एक इनके द्वारा की गयी एक बुजुर्ग टाइपिस्ट की स्टोरी ने पूरी दुनिया ख्याति प्राप्त की। 2016 में इन्हें पत्रकारिता जगत में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए नारद पुरुस्कार से सम्मानित किया गया था । 2017 में फोटोग्राफी क्लब ऑफ इंडिया द्वारा आयोजित इंटरनेशनल फोटोग्राफी कम्पटीशन में इन्होंने दूसरा स्थान हासिल किया । 2019 में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा आयोजित कुंभ फोटोग्राफी प्रतियोगिता में इन्होंने तृतीय पुरुस्कार मिला था ।।

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