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Lucknow News: लुलु मॉल में धर्मांतरण और शारीरिक शोषण का आरोप, विश्व हिंदू परिषद ने सीएम योगी को भेजा पत्र
Lucknow News: विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र भेजकर लखनऊ के लुलु मॉल में हिंदू युवतियों के धर्मांतरण और शारीरिक शोषण का आरोप लगाया है। संगठन ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच और निगरानी टीम गठन की मांग करते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
VHP Alleges Forced Conversions and Exploitation of Hindu Girls at Lulu Mall in Lucknow
Lucknow News: लखनऊ स्थित लुलु मॉल को लेकर विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल ने बड़ा आरोप लगाया है। संगठन ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र भेजकर आरोप लगाया है कि मॉल में कार्यरत हिंदू युवतियों पर धर्म परिवर्तन का दबाव डाला जा रहा है और उनका शारीरिक शोषण किया जा रहा है। पत्र में ऐसे प्रतिष्ठानों की उच्चस्तरीय जांच और विशेष निगरानी टीम के गठन की मांग की गई है।
धर्मांतरण केंद्र बनते जा रहे हैं मॉल्स: विहिप का दावा
विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल की ओर से भेजे गए पत्र में कहा गया है कि लुलु मॉल में काम करने वाली कई हिंदू युवतियों को न केवल शारीरिक संबंध बनाने के लिए प्रताड़ित किया जा रहा है, बल्कि उन पर धर्मांतरण का अनैतिक दबाव भी बनाया जा रहा है। संगठन का आरोप है कि यह सिलसिला सिर्फ एक मॉल तक सीमित नहीं है, बल्कि लखनऊ के कई प्रतिष्ठान इस तरह की गतिविधियों में शामिल हैं।
मुख्यमंत्री से की गई विशेष निगरानी टीम बनाने की मांग
पत्र में मांग की गई है कि इस तरह की घटनाओं की रोकथाम के लिए न केवल लुलु मॉल, बल्कि लखनऊ के अन्य मॉल्स, मल्टीब्रांड स्टोर्स और निजी प्रतिष्ठानों की भी गहन जांच की जाए। इसके लिए शासन स्तर पर एक विशेष निगरानी टीम गठित करने की सिफारिश की गई है, जो समय-समय पर इन स्थलों पर निगरानी रखे और संदिग्ध गतिविधियों पर तुरंत कार्रवाई करे।
सांस्कृतिक मूल्यों और सुरक्षा पर उठाए सवाल
विहिप ने अपने पत्र में यह भी कहा है कि यदि ऐसे मामलों पर कठोर कार्रवाई नहीं हुई, तो यह न केवल हिंदू समाज की बहन-बेटियों की सुरक्षा को खतरे में डालेगा, बल्कि देश की सांस्कृतिक एकता और सामाजिक संरचना पर भी गंभीर प्रभाव पड़ेगा। संगठन ने सरकार से अपील की है कि इस संवेदनशील मुद्दे पर त्वरित और सख्त कदम उठाए जाएं।
राजनीतिक सरगर्मी और प्रशासन की परीक्षा
इस मामले के उजागर होने के बाद लखनऊ के राजनीतिक और सामाजिक गलियारों में सरगर्मी बढ़ गई है। प्रशासन के लिए यह एक बड़ी साख की परीक्षा बन चुकी है कि क्या वह ऐसे मामलों में निष्पक्ष और निर्णायक कार्रवाई कर पाता है या नहीं।


