Lucknow News: नोटिस कांड के बाद सिंचाई विभाग में ‘बलि का बकरा’ कौन? जेई विवेक गुप्ता की जगह मंगल प्रसाद अटैच

Lucknow News: लखनऊ के सिंचाई विभाग में नोटिस कांड के बाद नया विवाद खड़ा हो गया है। जेई विवेक गुप्ता की जगह जेई मंगल प्रसाद को अटैच किए जाने पर विभागीय कर्मचारियों और अधिकारियों के बीच जवाबदेही को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

Ashutosh Tripathi
Published on: 19 Jun 2026 8:05 PM IST (Updated on: 19 Jun 2026 8:06 PM IST)
Irrigation Department Lucknow
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Irrigation Department Lucknow (Image Credit-Newstrack)

लखनऊ में सिंचाई विभाग एक बार फिर चर्चाओं में है। अधीक्षण अभियंता ओम प्रकाश द्वारा जारी आदेश में जेई विवेक गुप्ता की जगह जेई मंगल प्रसाद को अटैच किए जाने के बाद विभागीय गलियारों में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।

सवाल यह उठ रहा है कि आखिर जिस विवाद की शुरुआत विवेक गुप्ता के कार्यकाल और उनकी कार्रवाई से हुई, उसका खामियाजा मंगल प्रसाद को क्यों भुगतना पड़ रहा है?



दरअसल हैदर कैनाल बंधे के किनारे स्थित उस आवासीय परियोजना को नोटिस जारी किया गया था, जिसे मुख्यमंत्री का ड्रीम प्रोजेक्ट बताया जा रहा है। यह नोटिस जेई विवेक गुप्ता की देखरेख में जारी हुआ था। नोटिस की खबर सामने आते ही लखनऊ विकास प्राधिकरण और सिंचाई विभाग में हड़कंप मच गया था। विभाग को मामले में सफाई तक देनी पड़ी थी।



विवाद उस समय और बढ़ गया जब जेई विवेक गुप्ता की कथित कार्यशैली और भूमिका को लेकर कई सवाल खड़े हुए। स्थानीय लोगों ने उन पर राजनीतिक इशारों पर काम करने तक के आरोप लगाए। पूरे घटनाक्रम के दौरान उनकी गतिविधियां कैमरे में भी कैद होने की चर्चा रही।

अब विभागीय कार्रवाई में विवेक गुप्ता की जगह मंगल प्रसाद को अटैच किए जाने से कर्मचारियों के बीच यह चर्चा तेज है कि क्या वास्तविक जिम्मेदारों पर कार्रवाई से बचने का प्रयास किया जा रहा है? विभाग के भीतर भी यह सवाल उठ रहा है कि यदि नोटिस जारी करने और विवाद खड़ा होने में किसी अधिकारी की भूमिका थी, तो जवाबदेही उसी की तय होनी चाहिए थी।



फिलहाल अधीक्षण अभियंता ओम प्रकाश वर्मा के आदेश ने नए सवाल खड़े कर दिए हैं। विभाग में यह चर्चा जोरों पर है कि कहीं यह मामला जिम्मेदारी तय करने से ज्यादा छवि बचाने की कवायद तो नहीं। अब सबकी निगाहें इस पर हैं कि आगे विभाग वास्तविक जवाबदेही तय करता है या फिर यह पूरा प्रकरण फाइलों में ही सिमटकर रह जाएगा।

Ashutosh Tripathi
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Ashutosh Tripathi

आशुतोष त्रिपाठी जन्म 17 अप्रैल 1988 एक भारतीय फोटोग्राफर और फोटो जर्नलिस्ट हैं। पत्रकारिता जीवन की शुरुआत बतौर रिपोर्टर वॉइस ऑफ़ मूवमेंट में हुई, इसके बाद 2013 में नव भारत टाइम्स में एक युवा फोटो जर्नलिस्ट के रूप में कार्यरत थे। आशुतोष त्रिपाठी ने 2007 में एमिटी विश्वविद्यालय से मास्टर इन जर्नलिस्म एंड मास कम्युनिकेशन का कोर्स किया। 2010 में वौइस् ऑफ मूवमेंट अखबार में बतौर रिपोर्टर तीन साल काम किया। इसके बाद 2013 में नव भारत टाइम्स में एक युवा फोटो जर्नलिस्ट के रूप में कार्यरत थे। 2014 में एक फोटोग्राफर बने और एक साल बाद दैनिक भास्कर उत्तर प्रदेश में सीनियर फोटोजर्नलिस्ट के रूप में कार्यरत रहे। 2016 से लगातार newstrack.com में चीफ फोटोजर्नलिस्ट के पद पर कार्यरत हैं। 2015 में एक इनके द्वारा की गयी एक बुजुर्ग टाइपिस्ट की स्टोरी ने पूरी दुनिया ख्याति प्राप्त की। 2016 में इन्हें पत्रकारिता जगत में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए नारद पुरुस्कार से सम्मानित किया गया था । 2017 में फोटोग्राफी क्लब ऑफ इंडिया द्वारा आयोजित इंटरनेशनल फोटोग्राफी कम्पटीशन में इन्होंने दूसरा स्थान हासिल किया । 2019 में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा आयोजित कुंभ फोटोग्राफी प्रतियोगिता में इन्होंने तृतीय पुरुस्कार मिला था ।।

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