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योगी की दो टूक- माफिया की जगह मिट्टी में, अब गरीबों की बनेंगी हवेलियां
Yogi Adityanath Mafia Land: सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रयागराज में माफिया से मुक्त कराई गई जमीन पर गरीबों, वंचितों और दलितों के लिए आवास बनेंगे। स्वच्छता कर्मियों का मानदेय काटने वालों पर भी कार्रवाई होगी।
Yogi Adityanath
Yogi Adityanath Mafia Land: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि माफिया की जगह अब मिट्टी में है और जिन जमीनों पर कभी माफिया का कब्जा था, वहां गरीबों, वंचितों और दलितों के लिए बड़ी-बड़ी हवेलियां बनेंगी। प्रयागराज में माफिया के कब्जे से मुक्त कराई गई जमीन पर बहुमंजिला आवासीय इमारतों के निर्माण का शुभारंभ किया जाएगा। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि उत्तर प्रदेश में स्वच्छता कर्मियों के मानदेय में कटौती करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।
मुख्यमंत्री गुरुवार को वाराणसी दक्षिणी विधानसभा क्षेत्र के विधायक डॉ. नीलकंठ तिवारी के 76 दिवसीय वार्ड प्रवास अभियान के समापन और स्वच्छता मित्र सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने अभियान के चौथे संस्करण की सराहना करते हुए इसे अन्य जनप्रतिनिधियों के लिए प्रेरणादायक बताया। इस अवसर पर उन्होंने दस स्वच्छता कर्मियों को अंगवस्त्र पहनाकर और बैग भेंटकर सम्मानित किया।
माफिया की जमीन पर गरीबों के लिए बनेंगे आवास
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा, “अब माफिया नहीं, माफिया की जगह मिट्टी में है, अब गरीबों के लिए बड़ी-बड़ी हवेलियां बनेंगी।” उन्होंने कहा कि डबल इंजन सरकार गरीबों के हितों के संरक्षण के लिए पूरी प्रतिबद्धता से काम कर रही है। प्रयागराज में माफिया के कब्जे से मुक्त कराई गई जमीन पर गरीबों, वंचितों और दलितों के लिए बहुमंजिला आवासीय इमारतों का निर्माण कराया जाएगा।
परिवार को ही प्रदेश मानने वालों की दुर्गति तय
मुख्यमंत्री ने जनप्रतिनिधियों की सक्रियता का उल्लेख करते हुए परिवारवाद पर भी निशाना साधा। उनका इशारा समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव की ओर था। उन्होंने कहा कि जब जनप्रतिनिधि दोपहर 12 बजे सोकर उठेगा, नेतृत्व करने वाला भी उसी समय उठेगा और अपने परिवार में ही मस्त रहेगा, तो दुर्गति तय है। परिवार को ही समाज और प्रदेश मानने की भूल करने वालों को इसका परिणाम भुगतना पड़ता है।
योगी ने कहा कि जो लोग समाज, प्रदेश और देश को अपना परिवार मानते हैं, वही बदलाव ला सकते हैं। उन्होंने उन जनप्रतिनिधियों पर भी निशाना साधा, जो एक बार चुनाव जीतने के बाद लखनऊ में पड़े रहते हैं और दोबारा अपने क्षेत्र की समस्याओं को देखने तक नहीं पहुंचते।
स्वच्छता कर्मियों का मानदेय काटा तो होगी कार्रवाई
मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले स्वच्छता कर्मियों से काम लेने के बाद उनकी मजदूरी और मानदेय में कटौती कर दी जाती थी। कई बार उन्हें पूरा पैसा भी नहीं मिलता था, लेकिन अब ऐसी मनमानी नहीं चलेगी। सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि स्वच्छता कर्मियों का पैसा काटने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश आउटसोर्स कॉरपोरेशन के माध्यम से कर्मियों को न्यूनतम 16 हजार रुपये मानदेय देने की व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही उन्हें ईएसआई के तहत अस्पतालों में उपचार, सुरक्षा बीमा और पीएफ का लाभ भी मिलेगा। दुर्घटना में मृत्यु होने पर परिवार को आर्थिक सहायता मिल सकेगी। पीएफ की व्यवस्था से सेवानिवृत्ति के बाद कर्मियों के पास अपनी पूंजी होगी और उन्हें दूसरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।
स्वच्छता मित्रों के योगदान से बनी महाकुंभ की पहचान
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि स्वच्छता कर्मी उस समय सड़कों और मोहल्लों की सफाई करते हैं, जब अधिकांश लोग सो रहे होते हैं। सर्दी, गर्मी, बरसात, आंधी और त्योहारों के दौरान भी वे लोगों के लिए स्वच्छ वातावरण तैयार करने में जुटे रहते हैं।
उन्होंने प्रयागराज महाकुंभ का उल्लेख करते हुए कहा कि 66 करोड़ श्रद्धालुओं के आगमन के बावजूद स्वच्छता की प्रशंसा हुई। इसके पीछे स्वच्छता कर्मियों का परिश्रम था। मुख्यमंत्री ने कहा कि नींव का पत्थर दिखाई नहीं देता, लेकिन पूरी भव्य इमारत उसी पर खड़ी होती है। स्वच्छता मित्रों का योगदान भी ऐसा ही है। उन्होंने बताया कि वह नगर निगमों के कार्यक्रमों में स्वच्छता मित्रों का सम्मान कराने पर विशेष जोर देते हैं।
सभी 403 विधानसभा क्षेत्रों में चले ऐसा अभियान
मुख्यमंत्री ने विधायक डॉ. नीलकंठ तिवारी के 76 दिवसीय वार्ड प्रवास अभियान को अन्य जनप्रतिनिधियों के लिए प्रेरणादायक बताया। उन्होंने कहा कि प्रदेश की सभी 403 विधानसभा सीटों पर जनप्रतिनिधि इसी जागरूकता के साथ काम करें, तो जनता के मन में नकारात्मकता पैदा नहीं होगी। लोकप्रिय जनप्रतिनिधि वही है, जिसकी पहुंच हर घर तक हो।
योगी ने कहा कि सरकार की योजनाएं उपलब्ध हैं, लेकिन कई पात्र लोगों को उनकी जानकारी तक नहीं होती। ऐसे में जनप्रतिनिधियों का दायित्व है कि शिविर लगवाकर वृद्धों, निराश्रित महिलाओं और जरूरतमंद परिवारों को पेंशन, राशन कार्ड, आयुष्मान कार्ड सहित अन्य योजनाओं का लाभ दिलाएं। उन्होंने कहा कि समस्याओं का समाधान गाली-गलौज या मारपीट से नहीं, बल्कि संवाद से निकलता है। प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर जनहित के कार्य कराए जा सकते हैं।
प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में बदली काशी की तस्वीर
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2014 से पहले काशी की गलियों में गंदगी, सड़कों पर जाम और बिजली संकट आम बात थी। निराश्रित गोवंश सड़कों पर घूमते थे और भू-माफिया गरीबों तथा व्यापारियों की जमीन-मकान पर कब्जा कर भय का माहौल बनाते थे।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में काशी का कायाकल्प हुआ है। शहर अपनी आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करते हुए नई आभा के साथ आगे बढ़ रहा है। योगी ने कहा कि विकास कार्य सरकार करा सकती है, लेकिन उनका संरक्षण जागरूक समाज की जिम्मेदारी है। समय पर सफाई और मरम्मत से सार्वजनिक सुविधाओं की उपयोगिता बढ़ती है।
76 दिनों में 24 वार्डों तक पहुंचा अभियान
विधायक डॉ. नीलकंठ तिवारी ने बताया कि लगातार चौथे वर्ष आयोजित वार्ड प्रवास अभियान में दक्षिणी विधानसभा क्षेत्र के सभी 24 वार्डों को शामिल किया गया। 19 जुलाई से दो अक्टूबर तक चले इस अभियान के दौरान प्रत्येक वार्ड में तीन से चार दिन प्रवास किया गया। इस दौरान 11 रविवार को जनकल्याण शिविर लगाए गए।
अभियान के तहत 800 से अधिक पौधे रोपे गए और करीब दो हजार लोगों की निशुल्क जांच कर चश्मे वितरित किए गए। पीएम स्वनिधि और पीएम विश्वकर्मा सहित विभिन्न योजनाओं से लाभार्थियों को जोड़ा गया। इसके अलावा पेयजल, सीवर और सफाई से संबंधित समस्याओं के समाधान की भी पहल की गई।
दस स्वच्छता मित्रों को किया सम्मानित
समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वसीम, रोहित रावत, राजकुमार, पुनवासी, आशुतोष, दिनेश, सुनील, रेखा, अल्पना और चिंता देवी को अंगवस्त्र पहनाकर तथा बैग भेंटकर सम्मानित किया।
कार्यक्रम में आयुष मंत्री डॉ. दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’, राज्यमंत्री हंसराज विश्वकर्मा, महापौर अशोक तिवारी, जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम मौर्य, विधायक डॉ. अवधेश सिंह, सौरभ श्रीवास्तव, त्रिभुवन राम और भाजपा महानगर अध्यक्ष प्रदीप अग्रहरि सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं पदाधिकारी मौजूद रहे।


