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Maha Shivratri 2026 : महाशिवरात्रि पर बाबा कालेश्वर नाथ मंदिर में उमड़ी भारी भीड़
Maha Shivratri 2026 : महाशिवरात्रि पर चंदौली के बाबा कालेश्वर नाथ मंदिर में उमड़ा आस्था का सैलाब, जलाभिषेक के लिए लगी लंबी कतारें
Baba Kaleshwar Nath Temple
Maha Shivratri 2026 : चंदौली जनपद में महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर आस्था का अद्भुत सैलाब उमड़ पड़ा। बाबा कालेश्वर नाथ मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ दर्शन और जलाभिषेक के लिए पहुंचने लगी। आसपास के जिलों के साथ-साथ बिहार से भी बड़ी संख्या में भक्त यहां पहुंचे। मंदिर परिसर और आसपास का इलाका “हर हर महादेव” के जयघोष से गूंज उठा।
महाशिवरात्रि के मद्देनजर प्रशासन की ओर से सुरक्षा और व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। श्रद्धालुओं की लंबी कतारें मंदिर परिसर से बाहर तक देखी गईं। जलाभिषेक के लिए अलग लाइन और दर्शन के लिए अलग व्यवस्था की गई है, ताकि किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो। पुलिस बल और स्वयंसेवक लगातार भीड़ को नियंत्रित करते नजर आए। स्वास्थ्य और साफ-सफाई की भी विशेष व्यवस्था की गई है।
मान्यता है कि बाबा कालेश्वर नाथ के दर्शन मात्र से अकाल मृत्यु और संकट टल जाते हैं। यही कारण है कि हर वर्ष महाशिवरात्रि पर यहां भक्तों का जनसैलाब उमड़ता है। श्रद्धालु पूरी श्रद्धा और विश्वास के साथ शिवलिंग पर जल, दूध और बेलपत्र अर्पित कर परिवार की सुख-समृद्धि की कामना करते हैं।
मंदिर का इतिहास भी अत्यंत रोचक और चमत्कारिक बताया जाता है। कहा जाता है कि अंग्रेजी हुकूमत के दौरान मंदिर को तोड़ने का प्रयास किया गया था। किंवदंती के अनुसार, अधिकारियों से भरी ट्रेन की एक बोगी जल समाधि में समा गई थी। इस घटना के बाद एक अंग्रेज अधिकारी की पत्नी ने यहां शिलालेख लगवाकर बाबा भोलेनाथ की पूजा-अर्चना की थी।
सकलडीहा स्टेशन के समीप चतुर्भुजपुर गांव में स्थित बाबा कालेश्वर नाथ की स्वयंभू शिवलिंग श्रद्धालुओं की अटूट आस्था का केंद्र है। महाशिवरात्रि के अवसर पर यहां का नजारा भक्तिभाव, श्रद्धा और विश्वास की अद्भुत मिसाल प्रस्तुत करता है।
Raebareli News : रायबरेली में महाशिवरात्रि पर शिवालयों में उमड़ा जनसैलाब, सुरक्षा चाक-चौबंद
Raebareli News : रायबरेली में महाशिवरात्रि का पर्व पूरी श्रद्धा और हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है। जिलाधिकारी हर्षिता माथुर और पुलिस अधीक्षक रवि कुमार के कुशल निर्देशन में जनपद के सभी शिवालयों में सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए हैं। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल के साथ महिला पुलिसकर्मियों की भी तैनाती की गई है, ताकि दर्शनार्थियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
प्रमुख मंदिरों में उमड़ा जनसैलाब
जनपद के प्रसिद्ध जगमोहनेश्वर शिव मंदिर में देर रात से ही भक्तों की लंबी कतारें लगी हुई हैं। मान्यता है कि जो भी भक्त यहाँ गंगाजल, दूध और बेलपत्र अर्पित करता है, भगवान भोलेनाथ उसकी हर मनोकामना पूर्ण करते हैं। इसी अटूट विश्वास के साथ लोग सैकड़ों किलोमीटर दूर से यहाँ माथा टेकने पहुँच रहे हैं। इसके अतिरिक्त
बालेश्वर धाम और भंवरेश्वर शिव मंदिर में सुबह से ही 'बम-बम भोले' के जयघोष गूंज रहे हैं।
अचलेश्वर शिव मंदिर और पहलवान पीर बाबा स्थल पर भी भक्तों का भारी सैलाब देखा जा रहा है।
ग्रामीण अंचलों में भी शिवभक्ति की बयार बह रही है, जहाँ मंदिरों के साथ-साथ जगह-जगह भंडारे और श्रीरामचरितमानस के पाठ का आयोजन किया जा रहा है।
प्रशासनिक मुस्तैदी और जनभावना
मंदिर के पुजारी झिलमिल महाराज ने बताया कि जिला प्रशासन कल से ही सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सजग है। लाखों की संख्या में श्रद्धालुओं के आने की संभावना को देखते हुए जलाभिषेक के लिए सुव्यवस्थित इंतजाम किए गए हैं। वहीं, दर्शन करने पहुँचीं शिवभक्त नम्रता सिंह ने मंदिर की प्राचीनता और महत्ता का वर्णन करते हुए कहा कि यहाँ दर्शन मात्र से ही मन को अपार शांति मिलती है।
पूरा रायबरेली आज शिवमय हो गया है। भक्ति और आस्था के इस संगम में प्रशासन की मुस्तैदी ने उत्सव को और भी सुरक्षित, कर दिया है।
Banda News : बांदा बामदेश्वर मंदिर में महाशिवरात्रि पर्व पर उमड़ी महिला श्रद्धालुओं की भीड़
Banda News : महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर बांदा के सुप्रसिद्ध बामदेश्वर मंदिर में महिला श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। सुबह से ही हजारों की संख्या में महिलाएं मंदिर में पूजा-अर्चना करने के लिए पहुंचीं। मंदिर परिसर में महिलाओं की लंबी कतारें देखी गईं, जो अपनी मनोकामनाओं को पूरा करने के लिए भगवान शिव की पूजा कर रही थीं।
महिला श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए मंदिर परिसर में महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी।इसके अलावा, मंदिर में सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन कैमरों के माध्यम से सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी की जा रही थी।मंदिर प्रशासन ने महिला श्रद्धालुओं के लिए अलग से कतार की व्यवस्था की थी, जिससे उन्हें पूजा करने में आसानी हो।
महाशिवरात्रि के अवसर पर बामदेश्वर मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना का आयोजन किया गया था। मंदिर के पुजारी ने बताया कि महाशिवरात्रि के दिन भगवान शिव की पूजा करने से मनोकामनाएं पूरी होती हैं और जीवन में सुख-समृद्धि आती है।इस अवसर पर मंदिर में सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद थे
Auraiya News : महा शिवरात्रि पर ऐतिहासिक देवकली मंदिर में उमड़ी आस्था की लहर, 300 साल बाद बने दुर्लभ संयोग ने बढ़ाया उत्साह
Auriya News : महा शिवरात्रि के पावन अवसर पर जनपद के ऐतिहासिक देवकली मंदिर में श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। इस बार का पर्व विशेष धार्मिक महत्व के साथ मनाया गया, क्योंकि लगभग 300 वर्ष बाद एक दुर्लभ संयोग बना, जिसने भक्तों के उत्साह को कई गुना बढ़ा दिया। शहर ही नहीं, बल्कि आसपास के क्षेत्रों और अन्य जनपदों से भी हजारों शिवभक्त देवकली धाम पहुंचे। मंदिर परिसर “हर-हर महादेव” के जयघोष से गूंज उठा और पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया।
सुबह से ही मंदिर में श्रद्धालुओं की लंबी कतारें देखने को मिलीं। हजारों कांवड़ियों ने शिवलिंग पर जलाभिषेक किया। भक्तों ने शहद, जल, दूध और गन्ने के रस से भगवान महाकालेश्वर का अभिषेक कर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। बड़ी संख्या में परिवारों ने उपवास रखकर भगवान शिव से सुख-समृद्धि की कामना की। मंदिर के आसपास पूजा सामग्री और फूलों की दुकानों पर भी अच्छी खासी रौनक रही। प्रशासन की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे, जिससे श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
जनपद के अन्य प्रमुख शिव मंदिरों—सतेश्वर, भूतेश्वर, ओंकारेश्वर, कालीमाता मंदिर, संकट मोचन मंदिर और गोरैया तालाब स्थित शिव मंदिर—में भी सुबह से ही भक्तों का तांता लगा रहा। सभी शिवालयों को आकर्षक ढंग से फूलों और रंग-बिरंगी रोशनी से सजाया गया था। जगह-जगह भजन-कीर्तन और रात्रि जागरण का आयोजन हुआ, जो देर रात तक चलता रहा। कई स्थानों पर प्रसाद वितरण भी किया गया।
वहीं, जनपद के विभिन्न कस्बों और ग्रामीण क्षेत्रों में भी महाशिवरात्रि का पर्व श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। फफूंद कस्बे के पाता चौराहा स्थित बारहदरी शिव मंदिर में भी भारी भीड़ देखी गई। प्रशासनिक व्यवस्था चाक-चौबंद रही और पुलिस बल तैनात रहा।कुल मिलाकर, महाशिवरात्रि पर जनपद भर में आस्था, भक्ति और उत्साह का अद्भुत संगम देखने को मिला, जिसने इस पर्व को यादगार बना दिया।





