बच्चों को घसीटा, मारी लात...महोबा प्रोटेस्ट में पुलिस ने पार की हदें! वायरल वीडियो ने खाकी की खोली पोल

Mahoba Police Misbehave with Gen Alpha: महोबा में खराब सड़क और जलभराव से परेशान स्कूली बच्चों के प्रदर्शन का वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने प्रदर्शन कर रहे बच्चों को सड़क से घसीटकर हटाया और छात्राओं को धमकाया।

Harsh Srivastava
Published on: 19 Aug 2026 10:00 PM IST (Updated on: 19 Aug 2026 10:00 PM IST)
बच्चों को घसीटा, मारी लात...महोबा प्रोटेस्ट में पुलिस ने पार की हदें! वायरल वीडियो ने खाकी की खोली पोल
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Mahoba Police Misbehave with Gen Alpha: उत्तर प्रदेश के महोबा जिले में मंगलवार को उस वक्त हड़कंप मच गया, जब अपनी जान जोखिम में डालकर स्कूली बच्चे सड़कों पर उतर आए। झांसी-मिर्जापुर हाईवे पर घंटों तक चला यह हाई-वोल्टेज ड्रामा किसी फिल्मी दृश्य से कम नहीं था। जिम्मेदार प्रशासनिक अफसरों की घोर लापरवाही और टूटी-फूटी सड़कों से परेशान होकर देश का भविष्य कहे जाने वाले नन्हे बच्चों ने बरसते पानी में यातायात पूरी तरह रोक दिया।

3 किलोमीटर का रास्ता बना दलदल

रैपुरा कलां गांव से गुजरने वाला करीब 3 किलोमीटर लंबा मुख्य मार्ग पूरी तरह से बड़े-बड़े गड्ढों और गंदे पानी का तालाब बन चुका है। आलम यह है कि हर रोज बच्चे स्कूल के लिए निकलते हैं, लेकिन जलभराव के चलते गाड़ियां और ऑटो पलट जाते हैं। आए दिन बच्चे गिरकर घायल हो रहे थे, जिसके कारण उनका समय पर स्कूल पहुंच पाना लगभग असंभव हो गया था।

दबंग मिल मालिकों की दादागिरी

स्थानीय बच्चों का आरोप है कि इस इलाके में चलने वाली दाल मिलों ने उनका जीना मुहाल कर दिया है। मिलों से निकलने वाले भारी-भरकम ओवरलोड ट्रकों और लगातार बहाए जाने वाले जहरीले पानी ने सड़क का नामो-निशान मिटा दिया है। जब भी गांव के लोग या बच्चे इसका विरोध करने जाते हैं, तो मिल संचालक उन्हें अमानवीय तरीके से धमकाकर चुप करा देते हैं।

बच्चों ने हाईवे पर लकड़ियां रखकर लगाया 3 घंटे का जाम

तमाम प्रशासनिक अधिकारियों से बार-बार गुहार लगाने के बाद भी जब कोई कार्रवाई नहीं हुई, तो रैपुरा कलां, मझलवारा, बनियातला और महानपुरा के स्कूली बच्चों का गुस्सा उबल पड़ा। बच्चों ने झांसी-मिर्जापुर मुख्य हाईवे पर पत्थर और लकड़ी के लट्ठे रखकर आवाजाही पूरी तरह ठप कर दी। देखते ही देखते सड़क के दोनों ओर गाड़ियों की कई किलोमीटर लंबी कतारें लग गईं।

पुलिस की संवेदनहीनता

मामले की सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। हालांकि, समस्या सुलझाने के बजाय पुलिस का बर्बर चेहरा सामने आया। आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने जबरदस्ती प्रदर्शनकारी बच्चों को घसीट-घसीटकर सड़क से दूर फेंका। जब साहसी छात्राओं ने एक-दूसरे का हाथ थामकर इंसानी दीवार (ह्यूमन चेन) बनाई, तो उन्हें डराया-धमकाया गया और परिजनों पर केस दर्ज करने व लाठियां भांजने की चेतावनी दी गई।

वायरल वीडियो से गरमाई प्रदेश की सियासत

कैमरे में कैद हुई पुलिस की इस तीखी बर्बरता और घसीटे जाने की तस्वीरें अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं। एक तरफ जहां सरकार 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' और बेहतर शिक्षा के बड़े-बड़े दावे करती है, वहीं दूसरी तरफ जलभराव और पुलिस की इस अभद्रता ने पूरे महोबा जिले में गहरा आक्रोश भर दिया है। अब देखना यह है कि दोषी मिल मालिकों और बेरहम पुलिसकर्मियों पर क्या कार्रवाई होती है।

Harsh Srivastava
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हर्ष श्रीवास्तव वाराणसी के रहने वाले पत्रकार और डिजिटल कंटेंट प्रोफेशनल हैं। वर्तमान में वे लखनऊ स्थित न्यूज़ट्रैक में डेस्क इंचार्ज के पद पर कार्यरत हैं। यहां वे कंटेंट प्लानिंग, एडिटोरियल कोऑर्डिनेशन, न्यूज़रूम संचालन के साथ-साथ रिसर्च आधारित एक्सप्लेनर, न्यूज़ फीचर और विश्लेषणात्मक लेख तैयार करते हैं। उनके पास मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (MJMC) की डिग्री है। उन्होंने वर्ष 2023 में पत्रकारिता की शुरुआत की और हिन्दुस्तान, टाइम्स इंटरनेट, इंडिया न्यूज़ जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ काम किया है। वाराणसी, दिल्ली और लखनऊ में काम करने के दौरान उन्हें रिपोर्टिंग, कंटेंट राइटिंग और डिजिटल पत्रकारिता का अनुभव प्राप्त हुआ। हर्ष की विशेष रुचि राजनीति, चुनाव, अपराध, सार्वजनिक नीति, सुशासन और समसामयिक विषयों पर शोध-आधारित पत्रकारिता में है। वे गहन रिसर्च, फैक्ट-चेकिंग और सरल भाषा के माध्यम से जटिल विषयों को पाठकों तक सटीक, विश्वसनीय और प्रभावी ढंग से पहुंचाने का प्रयास करते हैं।

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