Mahoba News: धसान नदी में डूबे दो सगे भाई, 4 घंटे नहीं आई एंबुलेंस, परिजनों ने पुलिस पर भी लगे आरोप

Mahoba News: महोबा में धसान नदी में डूबने से दो सगे भाइयों की मौत। घटना के बाद 4 घंटे तक एंबुलेंस न पहुंचने पर परिजनों का गुस्सा फूटा, पुलिस प्रशासन पर भी लगाए गंभीर आरोप

Imran Khan
Published on: 8 Jun 2026 2:52 PM IST
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Mahoba News(Photo-Social Media)

Mahoba News: उत्तर प्रदेश के महोबा जिले के झारखंड धाम की धसान नदी में पिकनिक मनाने गए एक ही परिवार के दो सगे भाइयों की नदी में डूबने से मौत हो गई। मृतकों में एक सरकारी शिक्षक हैं और दूसरा उनका छोटा भाई, जो महोबा में पुलिस भर्ती परीक्षा देने आया था। बेटे को बचाने के चक्कर में दोनों भाई नदी की गहराई में समा गए। घटना महोबा - झांसी जिला के बॉर्डर में होने के कारण करीब 4 घंटे देरी से एंबुलेंस पहुंची, जिससे दोनों की जान नहीं बचाई जा सकी।

बुंदेलखंड के महोबा जनपद से एक ऐसा दर्दनाक हादसा हुआ है जिसने पूरे परिवार की खुशियों को पल भर में मातम में बदल दिया। पनवाड़ी थाना क्षेत्र के झारखंड धाम के पास धसान नदी में पिकनिक मनाने गया एक हंसता-खेलता परिवार इस खौफनाक हादसे का शिकार हो गया। फतेहपुर के बिजौली गांव के रहने वाले विजय बहादुर का 32 वर्षीय बेटा जितेंद्र पनवाड़ी के नेपुरा विद्यालय में सरकारी शिक्षक था और पनवाड़ी कस्बा ने किराए से अपने परिवार के साथ निवास करता था। आरक्षी भर्ती परीक्षा देने के लिए उसका छोटा भाई विपिन अपने भाई रंजीत के साथ आया था जबकि जितेंद्र का साला दिलीप भी झांसी में होने वाली परीक्षा के लिए अपने जीजा के यहां रुका था। आज परीक्षा समाप्ति के बाद पूरे परिवार को अपने गांव फतेहपुर के बिजौली जाना था मगर घटित घटना से परिवार में मातम मचा दिया है।

बताया जा रहा है कि रविवार की शाम जितेंद्र अपनी पत्नी, 5 साल के बेटे सिद्धांत, साले दिलीप और अपने दो छोटे भाइयों रंजीत और राजा के साथ नदी किनारे पिकनिक मनाने और नहाने गया था। नदी में नहाते समय अचानक 5 साल का मासूम सिद्धांत और शिक्षक जितेंद्र गहरे पानी में डूबने लगे। पास में ही नहा रहा भाई रंजीत ने मासूम को गोद में लेकर किनारे की तरफ उछाल कर फेंक दिया जिससे वो खुद गहरे पानी में जा पहुंचा यह देख 24 वर्षीय सबसे छोटा भाई विपिन उन्हें बचाने के लिए गहरे पानी में कूद गया। साले दिलीप ने भी दोनों को बचाने का अथक प्रयास किया। भाई रंजीत किसी तरह बाहर आ गया और अपनी शर्ट उतारकर उन्हें खींचना चाहा, लेकिन पानी की गहराई और जिंदगी बचाने की छटपटाहट में शर्ट हाथ से छूट गई और जितेंद्र के साथ छोटा भाई विपिन देखते ही देखते नदी की गहराइयों में समा गए।

वहीं इस हादसे के बाद व्यवस्था की एक बेहद शर्मनाक और संवेदनहीन तस्वीर भी सामने आई। घटनास्थल महोबा और झांसी जिले के बॉर्डर पर होने के कारण, जब ग्रामीणों ने 108 एंबुलेंस को फोन किया, तो कॉल बार-बार झांसी कंट्रोल रूम ट्रांसफर होती रही। सीमा विवाद के इसी उलझाव के कारण, ग्रामीणों की मदद से शवों को आधे घंटे में नदी से निकाल लिए जाने के बावजूद एंबुलेंस 4 घंटे तक मौके पर नहीं पहुंची। जबकि पुलिस ने भी कोई मदद नहीं की कहने के बावजूद भी पुलिस वाहन से उन्हें अस्पताल नहीं ले जाया गया।

जिसके बाद बाद बड़ी मिन्नतों के बाद ट्रेक्टर से दोनों को ले जाया गया और फिर गांव निकलते ही एम्बुलेंस मिलने पर दोनों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। छोटा भाई विपिन महोबा में सोमवार को होने वाली पुलिस आरक्षी भर्ती परीक्षा देने आया था। परिवार को उम्मीद थी कि विपिन खाकी वर्दी पहनकर घर का नाम रोशन करेगा, लेकिन परीक्षा के ठीक एक दिन पहले नियति ने पूरे परिवार की उम्मीदों को धसान नदी में डुबो दिया। दो सगे भाइयों की मौत से पूरे इलाके में कोहराम मचा हुआ है।

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वरिष्ठ संवाददाता, महोबाkhan.news.journalist@gmail.com
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