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Mainpuri: दिशा समिति की बैठक में डिंपल यादव ने सरकार को घेरा, बिजली संकट और पेपर लीक पर उठाए सवाल
Mainpuri News: मैनपुरी में आयोजित दिशा समिति की बैठक में सपा सांसद डिंपल यादव ने सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए बिजली संकट, किसानों की समस्याएं, महंगाई और पेपर लीक जैसे मुद्दों को उठाया।
Dimple Yadav ( photo- Social media)
Mainpuri News: मैनपुरी में शनिवार को आयोजित दिशा समिति की बैठक राजनीतिक और प्रशासनिक दृष्टि से काफी अहम रही। समाजवादी पार्टी (सपा) सांसद डिंपल यादव ने बैठक में केंद्र और प्रदेश सरकार की नीतियों पर तीखा हमला बोलते हुए जनता से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों को जोरदार तरीके से उठाया। बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित हुई, जिसमें जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। सांसद ने बिजली संकट, किसानों की समस्याएं, कानून व्यवस्था, बढ़ती महंगाई और पेपर लीक जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरते हुए कहा कि आम जनता लगातार परेशानियों का सामना कर रही है, लेकिन सरकार समाधान देने में असफल साबित हो रही है।
बैठक के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए डिंपल यादव ने कहा कि प्रदेश की जनता को भारी बिजली बिल भरने के बावजूद पर्याप्त बिजली नहीं मिल पा रही है। गांवों और शहरों में लगातार हो रही बिजली कटौती से लोगों का जनजीवन प्रभावित हो रहा है। उन्होंने कहा कि बच्चों की पढ़ाई भी इससे प्रभावित हो रही है और सरकार को इस दिशा में तुरंत ठोस कदम उठाने चाहिए।सांसद ने किसानों की समस्याओं को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने आलू और गेहूं के गिरते दामों का मुद्दा उठाते हुए कहा कि किसान आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। उन्होंने सरकार से पूछा कि किसानों को राहत देने के लिए क्या ठोस व्यवस्था की गई है। साथ ही गेहूं खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने और खरीद के नियम स्पष्ट करने की मांग भी की।
कानून व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए डिंपल यादव ने आरोप लगाया कि अनुसूचित जाति और जनजाति वर्ग के लोगों की शिकायतों पर सही तरीके से कार्रवाई नहीं हो रही है। उन्होंने करहल विधानसभा क्षेत्र में बड़ी संख्या में डुप्लीकेट वोटर होने का दावा करते हुए अधिकारियों से जांच की मांग की।इसके अलावा उन्होंने बढ़ती महंगाई, पेट्रोल-डीजल के दाम और गैस सिलेंडर की कीमतों को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। नीट परीक्षा में पेपर लीक के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि इससे युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है और सरकार जिम्मेदारी लेने से बच रही है।


