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Mainpuri News: श्रीकृष्ण पर टिप्पणी से भड़का आक्रोश, यादव महासभा ने फूंके पुतले
Mainpuri News: मैनपुरी में भगवान श्रीकृष्ण पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी के विरोध में यादव महासभा के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया।
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Mainpuri News: भगवान श्रीकृष्ण को लेकर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी किए जाने के विरोध में बुधवार को मैनपुरी में यादव महासभा के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। दोपहर करीब 12 बजे कार्यकर्ताओं ने शहर के दीवानी रोड स्थित स्टेशन-ईशन नदी पुल पर बाबा बागेश्वर धाम के धीरेंद्र शास्त्री और संगीत रागी के पुतले फूंककर अपना आक्रोश जाहिर किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने जमकर नारेबाजी की और दोनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग उठाई।
यादव महासभा के जिलाध्यक्ष रावल सिंह यादव ने कहा कि साधु-संतों का काम सभी समाजों और धर्मों के कल्याण की बात करना तथा लोगों को आपसी भाईचारे के साथ जोड़ना है। लेकिन कुछ लोग साधु का भेष धारण कर समाज को बांटने का काम कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि धीरेंद्र शास्त्री ने भगवान श्रीकृष्ण, उनके नाम और गांव को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणियां की हैं। उन्होंने कहा कि कभी भगवान राम तो कभी भगवान कृष्ण को लेकर विवादित बयान दिए जाते हैं। ऐसे मामलों में संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।रावल सिंह यादव ने एक डिबेट में शामिल संगीत रागी पर भी यादव समाज के खिलाफ अभद्र टिप्पणी करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति को पूरे समाज का अपमान करने का अधिकार नहीं है। ऐसे लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने सरकार से दोनों के विरुद्ध उचित कार्रवाई की मांग की।
जिलाध्यक्ष ने चेतावनी दी कि विरोध केवल मैनपुरी तक सीमित नहीं रहेगा। भगवान श्रीकृष्ण के भक्तों और समाज के लोगों में इस मामले को लेकर नाराजगी है। यदि कार्रवाई नहीं हुई तो आने वाले दिनों में गांव-गांव और गली-गली विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। जरूरत पड़ने पर जनता सड़कों पर उतरकर अपना विरोध दर्ज कराएगी।इसके साथ ही उन्होंने सोमवार रात यादव नगर के बोर्ड को जेसीबी से तोड़े जाने की घटना पर भी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि किसी जाति या धर्म की पहचान को निशाना बनाना गलत है। हर व्यक्ति को अपने धर्म और समाज पर गर्व करने का अधिकार है, लेकिन किसी दूसरे समाज को छोटा दिखाने का अधिकार किसी को नहीं है। सभी धर्म, समाज और उनके आराध्य सम्मान के योग्य हैं।


