TRENDING TAGS :
Mainpuri News: महिलाओं ने गांव के तीन लोगों पर उत्पीड़न का लगाया आरोप, डीएम से कार्रवाई की मांग
Mainpuri News: मैनपुरी के एलाऊ थाना क्षेत्र के ग्राम मंछना की महिलाओं ने गांव के तीन लोगों पर उत्पीड़न, धमकी और झूठे मुकदमों में फंसाने का आरोप लगाते हुए जिलाधिकारी से निष्पक्ष जांच, सुरक्षा और सख्त कार्रवाई की मांग की है।
Mainpuri News
Mainpuri News: मैनपुरी जनपद के थाना एलाऊ क्षेत्र के ग्राम मंछना में कुछ महिलाओं ने गांव के तीन लोगों पर लगातार उत्पीड़न, धमकी और झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकी देने का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़ित महिलाओं ने जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र सौंपकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने तथा अपने परिवारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।प्रार्थना पत्र के अनुसार, पीड़ित महिलाएं मुन्नी देवी, मीना देवी, मीरा और रोजी ने आरोप लगाया है कि गांव के राकेश, सर्वेश और महेंद्र आए दिन सड़क पर पशु बांध देते हैं तथा अपनी बकरियों और बकरों को खुला छोड़ देते हैं। उनका कहना है कि खुले घूमने वाले पशु घरों में घुसकर खाने-पीने की वस्तुओं सहित अन्य घरेलू सामान को नुकसान पहुंचाते हैं। जब इस बात का विरोध किया जाता है तो आरोपी गाली-गलौज करने लगते हैं और रास्ता रोककर धमकियां देते हैं।
महिलाओं का आरोप है कि आरोपी उन्हें झूठे मुकदमों में फंसाने और हरिजन एक्ट के तहत जेल भिजवाने की धमकी भी देते हैं। उन्होंने बताया कि 29 अप्रैल 2026 को भी इसी प्रकार का विवाद हुआ था, जिसके बाद उनके बच्चों के खिलाफ हरिजन एक्ट के तहत झूठा मुकदमा दर्ज कराया गया। इसके बावजूद आरोपी लगातार उन्हें परेशान कर रहे हैं और बार-बार झूठी शिकायतें देकर पुलिस के माध्यम से उत्पीड़न कराने का प्रयास कर रहे हैं। साथ ही दोबारा मुकदमा दर्ज कराने की धमकी भी दी जा रही है।पीड़ित परिवारों का कहना है कि लगातार मिल रही धमकियों और भय के माहौल के कारण मोहल्ले के करीब दस परिवार खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। उनका कहना है कि यदि समय रहते प्रशासन ने उचित कार्रवाई नहीं की तो वे अपने घर और जमीन बेचकर गांव छोड़ने को मजबूर हो जाएंगे।
महिलाओं ने जिलाधिकारी से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने, आरोपियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करने तथा पीड़ित परिवारों की सुरक्षा सुनिश्चित कराने की मांग की है। उनका कहना है कि प्रशासन के हस्तक्षेप से गांव में व्याप्त भय का माहौल समाप्त होगा और लोगों को पलायन जैसी स्थिति का सामना नहीं करना पड़ेगा। फिलहाल प्रशासन की ओर से मामले में आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।


