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Mainpuri News: वायरल ऑडियो प्रकरण में बिछवां थाने के दरोगा मनोज कुमार निलंबित, विभागीय जांच जारी
Mainpuri News: वायरल ऑडियो प्रकरण में बिछवां थाने के दरोगा मनोज कुमार को निलंबित कर दिया गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए विभागीय जांच शुरू कर दी गई है और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
Mainpuri News(Photo-Social Media)
Mainpuri News: मैनपुरी जिले के बिछवां थाना क्षेत्र में तैनात दरोगा मनोज कुमार को एक वायरल ऑडियो प्रकरण में निलंबित कर दिया गया है। उन पर एक किशोरी को ले जाने के मामले में दर्ज मुकदमे से नाम हटाने के बदले कथित रूप से रिश्वत मांगने का आरोप लगा है। मामला सामने आने के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया और वरिष्ठ अधिकारियों ने तत्काल जांच के आदेश दे दिए। विभागीय स्तर पर पूरे प्रकरण की जांच जारी है और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
जानकारी के अनुसार, वर्ष 2025 में एक किशोरी को ले जाने से संबंधित मुकदमे की विवेचना दरोगा मनोज कुमार के पास थी। इसी दौरान सोशल मीडिया पर एक ऑडियो वायरल हुआ, जिसमें कथित रूप से दरोगा और दूसरे पक्ष के बीच बातचीत सुनाई दे रही है। वायरल ऑडियो में मुकदमे से नाम हटाने तथा मामले को प्रभावित करने के एवज में धनराशि की मांग किए जाने के आरोप लगाए गए हैं। ऑडियो सामने आने के बाद लोगों के बीच चर्चा तेज हो गई और पुलिस अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लिया।
वायरल ऑडियो की जानकारी मिलते ही पुलिस प्रशासन सक्रिय हो गया। एसपी सिटी अरुण कुमार ने बताया कि मामले की जांच सीओ भोगांव रामकृप द्विवेदी को सौंपी गई थी। जांच के लिए एक विशेष टीम का गठन किया गया, जिसने वायरल ऑडियो और उससे जुड़े तथ्यों की पड़ताल शुरू की। प्रारंभिक जांच में मिले तथ्यों के आधार पर विभागीय कार्रवाई करते हुए दरोगा मनोज कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच अभी जारी है और सभी पहलुओं की बारीकी से समीक्षा की जा रही है। यदि जांच में आरोपों की पुष्टि होती है तो नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।
बताया जाता है कि दरोगा मनोज कुमार का नाम इससे पहले भी विवादों में आ चुका है। पूर्व में एक चर्चित मामले में लापरवाही बरतने के आरोप में उन्हें लाइन हाजिर किया गया था। इसके बाद उनकी तैनाती बिछवां थाने में की गई थी। वहीं, विभिन्न स्थानों पर तैनाती के दौरान उनके खिलाफ अभद्र व्यवहार और फरियादियों से लेन-देन संबंधी शिकायतें भी अधिकारियों तक पहुंच चुकी थीं।


