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Mainpuri News: अनुसूचित जाति की महिलाओं ने भूमि पर अवैध कब्जे का लगाया आरोप, लगाई न्याय की गुहार
Mainpuri News: मैनपुरी में अनुसूचित जाति की महिलाओं ने अपनी भूमि पर अवैध कब्जे का आरोप लगाया है। पीड़ित महिलाओं ने प्रशासन से न्याय दिलाने और कब्जा हटवाने की मांग करते हुए शिकायत दर्ज कराई।
Mainpuri News(Photo-Social Media)
Mainpuri News: मैनपुरी जनपद के दन्नाहार क्षेत्र स्थित जवापुर गांव में अनुसूचित जाति की महिलाओं ने अपनी भूमि पर कथित अवैध कब्जे का आरोप लगाते हुए प्रशासन से न्याय की मांग की है। पीड़ित महिलाओं ने अधिकारियों को शिकायत पत्र सौंपकर भूमि को कब्जामुक्त कराए जाने तथा उन्हें पुनः भूमि का अधिकार दिलाने की गुहार लगाई है।
शिकायत के अनुसार, जवापुर निवासी रामबेटी पत्नी स्वर्गीय राममीत जाटव, पुष्पा पत्नी बालविध्यान, जशोदा पत्नी वासुदेव तथा महादेवी पत्नी बरेलाल के नाम दर्ज भूमि पर गांव के ही कुछ लोगों द्वारा कथित रूप से दबंगई के बल पर कब्जा कर लिया गया है। महिलाओं का आरोप है कि संबंधित लोग भूमि खाली करने को तैयार नहीं हैं और लगातार उस पर अपना कब्जा बनाए हुए हैं।
पीड़ित महिलाओं का कहना है कि उनकी भूमि गांव से सटी हुई है, जिसके कारण उस पर अवैध रूप से कब्जा किया गया। उन्होंने बताया कि कई बार समझाने और भूमि छोड़ने का अनुरोध करने के बावजूद कब्जाधारियों ने उनकी बात नहीं मानी। इससे उन्हें आर्थिक और मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
महिलाओं ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कराए जाने, भूमि की पैमाइश कराने और अवैध कब्जा हटाकर उन्हें उनकी जमीन का पुनः कब्जा दिलाने की मांग की है। उनका कहना है कि वे अनुसूचित जाति समुदाय से संबंध रखती हैं और न्याय की उम्मीद में प्रशासनिक अधिकारियों के चक्कर लगाने को मजबूर हैं। शिकायतकर्ताओं ने संबंधित अधिकारियों से दोषियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई किए जाने की भी मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई तो विवाद और बढ़ सकता है।
इस मामले में एसडीएम अभिषेक कुमार सिंह ने बताया कि शिकायत पत्र प्राप्त हो गया है। उन्होंने कहा कि मामले को गंभीरता से लेते हुए क्षेत्रीय लेखपाल और राजस्व टीम को मौके पर भेजा जाएगा। भूमि की पैमाइश कर वास्तविक स्थिति का पता लगाया जाएगा और जांच रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन के आश्वासन के बाद पीड़ित महिलाओं को न्याय मिलने की उम्मीद जगी है। अब सभी की निगाहें प्रशासनिक जांच और आगे होने वाली कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।


